सेक्स की लत (सेक्स एडिक्शन) के कारण, लक्षण और इलाज – Sex Ki lat (Sex Addiction) in Hindi
सेक्स बीमारी

सेक्स की लत (सेक्स एडिक्शन) के कारण, लक्षण और इलाज – Sex Ki lat (Sex Addiction) in Hindi

सेक्स की लत (सेक्स एडिक्शन) के कारण, लक्षण और इलाज – Sex Ki lat (Sex Addiction) in Hindi

Sex Addiction in Hindi कंपल्सिव सेक्सुअल बिहेवियर – सेक्स की लत, सेक्स एडिक्शन या यौन लत को कहते हैं। इसे मानकिस बीमारी माना जाता है और इस बीमारी से पीड़ित व्यक्ति के मन में सेक्सुअल और अश्लील विचार आते रहते हैं और यह उसके व्यवहार में भी दिखायी देता है जिसके कारण उसकी सेहत पर इसका नकारात्मक प्रभाव (negative impact) पड़ता है और दूसरे व्यक्ति एवं उसके निजी रिश्ते खराब होने की संभावना ज्यादा होती है। इस लेख में आप जानेंगे सेक्स की लत या सेक्स एडिक्शन (कंपल्सिव सेक्सुअल बिहेवियर) के कारण, लक्षण, जांच और इलाज के बारे में।

विषय सूची

1. कंपल्सिव सेक्सुअल बिहेवियर (सेक्स की लत) क्या है? – What is Compulsive Sexual Behavior (Sex Addiction) in Hindi
2. सेक्स की लत (सेक्स एडिक्शन) के कारण – Sexual addiction or hypersexuality Ke Karan in Hindi

3. सेक्स की लत (सेक्स एडिक्शन) के जोखिम – Sex Addiction Risk Factors In Hindi
4. सेक्स की लत (सेक्स एडिक्शन) के लक्षण – Sex Ki Lat (Sex Addiction) Ke lakshan In Hindi
5. सेक्स की लत (सेक्स एडिक्शन) का निदान – Sex Ki Lat (Sex Addiction) Ki Janch in Hindi
6. सेक्स की लत (सेक्स एडिक्शन) का इलाज – Sex ki Lat (Sex Addiction) ka Ilaj in Hindi
7. सेक्स की लत (सेक्स एडिक्शन) से बचाव – Sex Ki Lat (Sex Addiction)Se Bachav In Hindi

कंपल्सिव सेक्सुअल बिहेवियर (सेक्स की लत) क्या है? – What is Compulsive Sexual Behavior (Sex Addiction) in Hindi

कंपल्सिव सेक्सुअल बिहेवियर (सेक्स की लत) क्या है? - What is Compulsive Sexual Behavior (Sex Addiction) in Hindi

सेक्स की लत लग जाना या बार-बार सेक्स करने की तीव्र इच्छा (intense sex drive) होने की स्थिति को कंपल्सिव सेक्सुअल बिहेवियर कहा जाता है। इस बीमारी को हाइपरसेक्सुएल्टी भी कहते हैं। इस बीमारी से पीड़ित व्यक्ति के शरीर में तीव्र यौन उत्तेजना (sexual excitement) होती है जिसके कारण वह अपने आप को नियंत्रित नहीं कर पाता है। इसके अलावा इस बीमारी से ग्रस्त व्यक्ति एकांत में खूब हस्तमैथुन (musterbation) करता है और संतुष्टि प्राप्त करता है या किसी भी महिला के सामने सेक्स करने की इच्छा जाहिर कर देता है। आपको बता दें कि कंपल्सिव सेक्लुअल बिहेवियर की बीमारी पुरुषों को ज्यादा प्रभावित करती है।

(और पढ़े – हस्तमैथुन के फायदे और नुकसान जो आपको जानना है जरूरी…)

सेक्स की लत (सेक्स एडिक्शन) के कारण – Sexual addiction or hypersexuality Ke Karan in Hindi

सेक्स की लत (सेक्स एडिक्शन) के कारण - Sexual addiction or hypersexuality Ke Karan in Hindi

कंपल्सिव सेक्सुअल बिहेवियर या सेक्स एडिक्शन का कारण अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाया है। लेकिन ऐसा माना जाता है कि यह समस्या मस्तिष्क से जुड़ी हुई होती है। आइये जानते हैं कि किसी कि किसी व्यक्ति को कंपल्सिव सेक्सुअल बिहेवियर की समस्या किन कारणों से होती है।

सेक्स एडिक्शन का कारण मस्तिष्क में रसायनों का असंतुलिट होना

मस्तिष्क के न्यूरोट्रांसमीटर (neurotransmitters) में सेरोटोनिन (serotonin) और डोपामिन एवं नोरेपिनेफ्रिन (norepinephrine) नामक कुछ विशेष रसायन बनते हैं जो व्यक्ति के मूड को नियंत्रित करने में मदद करते हैं। लेकिन जब मस्तिष्क में इन रसायनों का उत्पादन अधिक मात्रा में होने लगता है तो ये रसायन मस्तिष्क के मार्गों (brain pathways) में परिवर्तन कर देते हैं जिसके कारण व्यक्ति को कंपल्सिव सेक्सुअल बिहेवियर की समस्या हो जाती है।

(और पढ़े – जानिए सेक्स करने के फायदे और ना करने के नुकसान…)

मस्तिष्क से जुड़ी बीमारियां सेक्स की लत का कारण हो सकती है

कंपल्सिव सेक्सुअल बिहेवियर को एक प्रकार की लत कहा जा सकता है। जिसके कारण मस्तिष्क के तंत्रिका सर्किट (neural circuits) में भी परिवर्तन आ जाता है, विशेषरूप से मस्तिष्क के केंद्र में। इस तरह की बीमारी होने पर व्यक्ति को अन्य लतों (addictions) की तरह ही सेक्स करने की लत लग जाती है और किसी भी वक्त सेक्स करने की तीव्र इच्छा हो सकती है। इसके अलावा व्यक्ति को सेक्स की कभी भी जरूरत पड़ सकती है और वह सेक्स करके संतुष्टि (satisfaction) और राहत पाने के लिए हर संभव कोशिश करता है।

(और पढ़े – सेक्स के दौरान महिलाओं को संतुष्ट करने के तरीके…)

शरीर की कुछ बीमारियों का असर मस्तिष्क पर पड़ने से लग सकती है सेक्स की लत

कुछ विशेष बीमारियां जैसे मिर्गी (epilepsy) और डिमेंशिया (भूलने की बीमारी) आदि बीमारियों के कारण मस्तिष्क के कुछ हिस्से क्षतिग्रस्त हो जाते हैं जो व्यक्ति के सेक्सुअल बिहेवियर को भी प्रभावित करते हैं। इसके अलावा पार्किंसन की बीमारी (Parkinson’s disease) के इलाज के लिए डोपामिन युक्त दवाओं के कारण भी कंपल्सिव सेक्सुअल बिहेवियर की समस्या हो जाती है।

(और पढ़े – मिर्गी के कारण, लक्षण, जाँच और इलाज…)

सेक्स की लत (सेक्स एडिक्शन) के जोखिम – Sex Addiction Risk Factors In Hindi

सेक्स की लत (सेक्स एडिक्शन) के जोखिम - Sex Addiction Risk Factors In Hindi

हाइपर सेक्सुअलिटी या कंपल्सिव सेक्सुअल बिहेवियर की समस्या स्त्री और पुरुष दोनों में पायी जाती है लेकिन आमतौर पर यह बीमारी पुरुषों को अधिक होती है। यह बीमारी किसी को भी प्रभावित कर सकती है और वह तीव्र सेक्स की इच्छा जाहिर कर सकता है। कुछ ऐसे कारक (Factors) हैं जो कंपल्सिव सेक्सुअल बिहेवियर के खतरे को अधिक बढ़ा देते हैं।

आज के समय में आधुनिक तकनीक (technology) के जरिए लोग अश्लील चित्र और पोर्नोग्राफी बहुत आसानी से देख लेते हैं और सेक्स से जुड़ी कहानियों सहित सेक्स के बारे में हर जानकारी ले लेते हैं जिसके कारण ऐसे लोगों में कंपल्सिव सेक्सुअल बिहेवियर की बीमारी होने का खतरा बढ़ जाता है।

इसके अलावा अधिक शराब और नशीली दवाओं (drugs) के सेवन से भी पुरुषों को यह बीमारी होने का खतरा बना रहता है जिसके कारण वे अपनी सेक्स की इच्छाओं को नियंत्रित नहीं कर पाते हैं और किसी भी महिला के साथ जबरदस्ती कर सकते हैं।

डिप्रेशन, चिंता और तनाव, बार-बार मूड खराब होने (mood swing) की समस्या और जुआ खेलने की लत भी कंपल्सिव सेक्सुअल बिहेवियर के खतरे को बढ़ा सकती है।

यदि परिवार में किसी सदस्य को यह समस्या रही हो और वह किसी महिला को शारीरिक रूप से प्रताड़ित करता हो या यौन शोषण (sexual abuse) करता हो तो घर के अन्य पुरुष सदस्यों को भी यह समस्या हो सकती है।

(और पढ़े – अवसाद (डिप्रेशन) क्या है, कारण, लक्षण, निदान, और उपचार…)

सेक्स की लत (सेक्स एडिक्शन) के लक्षण – Sex Ki Lat (Sex Addiction) Ke lakshan In Hindi

सेक्स की लत (सेक्स एडिक्शन) के लक्षण – Sex Ki Lat (Sex Addiction) Ke lakshan In Hindi

कंपल्सिव सेक्सुअल बिहेवियर के लक्षण इस बात पर निर्भर करते हैं कि व्यक्ति किस तरह की बीमारी से ग्रस्त है और वह बीमारी कितना गंभीर है। कभी-कभी कंपल्सिव सेक्सुअल बिहेवियर से पीड़ित व्यक्ति कई गंभीर लक्षणों का अनुभव करते हैं।

  • सेक्स करने की तीव्र इच्छा जागृत होना और व्यक्ति का अपनी इच्छा और शरीर पर नियंत्रण न होना।
  • असामान्य यौन व्यवहार करना,  जिसके कारण व्यक्ति को सेक्स से संतुष्टि और खुशी नहीं मिल पाती है।
  • सेक्स की तीव्र इच्छा के साथ ही अकेलापन, डिप्रेशन, चिंता और तनाव होना।
  • शारीरिक रूप से यौन इच्छाओं को नियंत्रित न कर पाने और किसी भी व्यक्ति के साथ सेक्स करने के कारण यौन संचारित संक्रमण (STI) हो जाना।
  • व्यक्ति का किसी महिला को देखकर असामान्य रूप से अश्लील हरकतें (vulgar activity) या इशारे करना।
  • शादीशुदा जीवन में सेक्स की इच्छा को नियंत्रित न कर पाने के कारण दरार पड़ना और साथी से रिश्ते खराब होना।
  • हमेशा सेक्स के बारे में सोचना और प्लानिंग बनाना।
  • सेक्स करने के लिए मौके की तलाश में रहना।

(और पढ़े – रिश्ते में शारीरिक संबंध बनाना क्यों महत्वपूर्ण होता है…)

सेक्स की लत (सेक्स एडिक्शन) का निदान – Sex Ki Lat (Sex Addiction) Ki Janch in Hindi

कंपल्सिव सेक्सुअल बिहेवियर (सेक्स एडिक्शन) एक ऐसी बीमारी है जिसका जल्द से जल्द निदान कराना बहुत जरूरी होता है। आमतौर पर इस समस्या से पीड़ित व्यक्ति फेमिली डॉक्टर से ही निदान कराना चाहते हैं। इस बीमारी के निदान के लिए डॉक्टर मरीज का शारीरिक परीक्षण करते हैं और यह पूछते हैं कि वह पहले से किन बीमारियों से पीड़ित है। इसके अलावा मनोचिकित्सक (psychiatrist) और मनोवैज्ञानिक (psychologist) व्यक्ति के मानसिक स्वास्थ्य की जांच करते हैं और पीड़ित व्यक्ति के लक्षणों एवं बिहेवियर के आधार पर ही इस समस्या का निदान करते हैं।

(और पढ़े – हर किसी पर शक करने की बीमारी है पैरानॉयड पर्सनालिटी डिसऑर्डर, जानें इससे जुड़े कुछ तथ्य…)

सेक्स की लत (सेक्स एडिक्शन) का इलाज – Sex ki Lat (Sex Addiction) ka Ilaj in Hindi

सेक्स की लत (सेक्स एडिक्शन) का इलाज – Sex ki Lat (Sex Addiction) ka Ilaj in Hindi

कंपल्सिव सेक्सुअल बिहेवियर (सेक्स एडिक्शन) का इलाज कई विधियों से किया जाता है। पीड़ित व्यक्ति को साइकोथेरेपी (psychotherapy) के साथ दवाएं दी जाती है जो सेक्स की तीव्र इच्छा को कम कर देता है। कुछ मामलों में डिप्रेशन, चिंता (anxiety) और तनाव का इलाज किया जाता है और मरीज के एल्कोहल लेने की आदत को कम किया जाता है जिससे इस बीमारी के लक्षण कम होने में मदद मिलता है। कंपल्सिव सेक्लुअल बिहेवियर का इलाज निम्न तरीके के किया जाता है।

(और पढ़े – मानसिक व्यग्रता (चिंता) के कारण, लक्षण और उपचार)

मनोचिकित्सा के द्वारा सेक्स की लत का इलाज (Psychotherapy )

कंपल्सिव सेक्सुअल बिहेवियर के इलाज के इस तरीके में पीड़ित व्यक्ति को असामान्य यौन व्यवहारों (abnormal sexual behavior) को नियंत्रित करना सीखाया जाता है। मरीज को साइकोडायनेमिक साइकोथेरेपी के बारे में बताया जाता है और उसे यह सीखाया जाता है कि वह अपने अंदर छिपे विचारों (emotions) और अपने व्यवहार को कैसे जाने। उसे यह भी बताया जाता है कि इस तरह की बातें मन में आने से वह आराम से बैठकर अपनी इस परेशानी पर बात करे और किसी के लिए परेशानी (problem) उत्पन्न न करे।

इसके अलावा कॉग्निटिव बिहेवियर थेरेपी के माध्यम से मरीज को यह सीखाया जाता है कि वह अपने नकारात्मक भावनाओं (negative emotion) को सकारात्मक कैसे करे।

(और पढ़े – अपनी सोच को सकारात्मक बनाने के 5 तरीके…)

दवाओं द्वारा सेक्स की लत का इलाज

मस्तिष्क में रसायनों के स्तर (chemical level) को बदलने के लिए कुछ दवाएं दी जाती है जो सेक्स की तीव्र इच्छा को घटाने में मदद करते हैं।

सेक्स की लत के इलाज के लिए एंटीडिप्रेशेंट्स दवाएं

कंपल्सिव सेक्सुअल बिहेवियर के इलाज के लिए फ्लूक्सोजेक्टिन, पैरोजेजेक्टिन आदि दवाएं दी जाती हैं जो डिप्रेशन को कम करता है और इस बीमारी को लक्षणों को भी दूर करने में मदद करता है।

सेक्स एडिक्शन के इलाज के लिए नेल्ट्रेक्सोन (Naltrexone) दवाएं

एल्कोहल लेने की आदत और सेक्स करने की लत को यह दवा कम करने में मदद करती है और मस्तिष्क को भी शांत (calm) रखती है।

(और पढ़े – क्‍या लगातार सेक्स पुरुष प्रजनन क्षमता को प्रभावित करता है?)

सेक्स की लत (सेक्स एडिक्शन) से बचाव – Sex Ki Lat (Sex Addiction)Se Bachav In Hindi

 

चूंकि कंपल्सिव सेक्सुअल बिहेवियर का कारण ज्ञात नहीं है इसलिए इससे बचाव (prevention) के बारे में भी स्पष्ट रूप से कुछ नहीं बताया जा सकता है। लेकिन कुछ बातों का ध्यान रखा जाए तो इस बीमारी से बचा जा सकता है।

जैसे ही आपको इस बीमारी के लक्षण महसूस हों या आपको अपने बर्ताव में कुछ असामान्यता (abnormality) दिखे तो तुरंत निदान कराकर थेरेपी ले लें।

यदि मानसिक बीमारियों (mental disease) के लक्षण दिख रहे हों या अधिक डिप्रेशन, चिंता और तनाव हो रहा हो तो इस समस्या को जल्द से जल्द इलाज कराकर कंपल्सिव सेक्सुअल बिहेवियर से बचा जा सकता है।

एल्कोहल और नशीले पदार्थों का सेवन न करें और मूड खराब होने पर इसे ठीक करने की कोशिश करें और संभव हो तो एक्सरसाइज करें और मन को शांत रखें।

(और पढ़े – शराब पीने के फायदे और नुकसान और शरीर पर इसका प्रभाव…)

इसी तरह की अन्य जानकारी हिन्दी में पढ़ने के लिए हमारे एंड्रॉएड ऐप को डाउनलोड करने के लिए आप यहां क्लिक करें। और आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर भी फ़ॉलो कर सकते हैं।

Leave a Comment

Subscribe for daily wellness inspiration