एयर कंडीशनर (एसी) के फायदे और नुकसान – Air Conditioner Benefits And Side Effects In Hindi

एयर कंडीशनर (एसी) के फायदे और नुकसान - Air Conditioner Benefits And Side Effects In Hindi
Written by Akansha

एयर कंडीशनर (एसी) में रहने के बहुत से फायदे भी है और उससे ज्यादा उसके नुकसान है। गर्मियों का मौसम आ गया है तो अब गर्मी से राहत पाने के लिए सभी को एसी की याद आती है क्योकि एसी ही हमें गर्मी से निजात दिलाता है। पर क्या आपको पता है एसी में लम्बे समय तक रहने से फायदे से ज्यादा नुकसान है क्योकि एयर कंडीशनर जितनी हमें ठंडी हवा देता है उतना ही नुकसान भी पहुंचता है। ज्यादा देर तक एसी में रहने से शरीर में कई तरह की बीमारियाँ उत्पन्न हो जाती है क्योकि एसी एक तरह की आर्टिफिशियल गैस (CFC & HCFC) से चलता है जो बहुत ही हानिकारक गैस होती है जो हमारे शरीर में कई तरह की बीमारियों को जन्म देती है।

आज इस लेख में हम आपको एयर कंडीशनर में रहने के क्या फायदे और नुकसान है उसके बारे में बतायेंगे।

  1. एयर कंडीशनर (एसी) में रहने के फायदे – Air Conditioner Ke Fayde In Hindi
  2. एयर कंडीशनर के नुकसान – Air Conditioner Ke Nuksan In Hindi
  3. क्या एसी चलाना नवजात शिशुओं के लिए है सुरक्षित -Air conditioners effects on newborn babies in Hindi

एयर कंडीशनर (एसी) में रहने के फायदे – Air Conditioner Ke Fayde In Hindi

एयर कंडीशनर (एसी) में रहने के फायदे - Air Conditioner Ke Fayde In Hindi

एयर कंडीशनर (एसी) में रहने से वैसे तो ज्यादातर नुकसान ही होते है परन्तु इसके कुछ फायदे भी है, जैसे-

  • एसी में रहने के फायदे से डिहाइड्रेशन और हीट स्ट्रोक का खतरा कम होता है।
  • एयर कंडीशनर कंप्यूटर जैसी मशीनरी पर गर्मी की वजह से होने वाले तनाव को कम करता है।
  • एसी की वजह से किराने की दुकान में रखा सामान और रेस्तरां में रखा भोजन खराब नहीं होता है। एयर कंडीशनर (एसी) से मच्छरो द्वारा होने वाली बीमारियों का खतरा नहीं रहता है।

(और पढ़ें – डिहाइड्रेशन से बचने के घरेलू उपाय)

एयर कंडीशनर के नुकसान – Air Conditioner Ke Nuksan In Hindi

एयर कंडीशनर के नुकसान - Air Conditioner Ke Nuksan In Hindi

एएसी इस्तेमाल करने के जितने फायदे नहीं होते है उससे ज्यादा एसी में लम्बे समय तक रहने के नुकसान है, जिससे कई तरह की गंभीर बीमारियाँ हो सकती है, एसी में ज्यादा रहने के नुकसान होते है-

एयर कंडीशनर में इस्तेमाल होने वाली गैस है सेहत के लिए हानिकारक  

क्लोरों फ्लोरो कार्बन (CFC or HCFC) दोनों ही गैस एसी में इस्तेमाल होती है जो बहुत ही हानिकारक गैस होती है, यह गैस कई तरह से स्वास्थ्य पर प्रभाव डालती है और इससे कई तरह की बीमारियाँ उत्पन्न होती है। यह गैस पर्यावरण को भी नुकसान पहुँचाती है इससे ओजोन परत बनती है जिससे कई तरह की स्किन की बीमारियाँ होती है।

एसी में ज्यादा देर तक रहने से होता है सिरदर्द

एसी में ज्यादा देर तक रहने से होता है सिरदर्द

जो लोग एयर कंडीशनर में ज्यादा देर तक रहते है और हमेशा एसी का तापमान कम करके रखते है उनके ब्लड सर्कुलेशन में गड़बड़ी हो जाती है और उन्हें अक्सर सिरदर्द की समस्या बनी रहती है और ऐसे लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता भी कम हो जाती है जिससे सर्दी, जुखाम, खांसी, फ्लू जैसी बीमारियाँ जल्दी होती है।

(और पढ़ें –  सर्दी जुकाम और खांसी के घरेलू उपाय)

एयर कंडीशनर में लम्बे समय तक रहने के नुकसान से होती है थकान

एयर कंडीशनर में लम्बे समय तक रहने के नुकसान से होती है थकान

एसी में लम्बे समय तक रहने वालो को अक्सर थकान की समस्या का सामना करना पड़ता है, क्योकि एसी का तापमान कम होता है जिससे शरीर को अपना तापमान मेंटेन करने के लिए ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है जिससे थकान महसूस होती है।

(और पढ़ें – कमजोरी और थकान के कारण, लक्षण और इलाज)

एसी में ज्यादा समय तक रहने से होती है बेचैनी और स्ट्रेस 

एसी में ज्यादा समय तक रहने से होती है बेचैनी और स्ट्रेस 

पूरे समय एसी में रहने से शरीर को उसी तापमान में रहने की आदत पड़ जाती है जिससे जरा भी ज्यादा ठंडा या गर्म माहौल में परिवर्तित होने से शरीर में बदलाव होता है जिससे व्यक्ति को बेचैनी और स्ट्रेस की समस्या होती है।

(और पढ़ें – बेचैनी और घबराहट दूर करने के उपाय)

एसी में रहने के नुकसान से होती है साइनस की समस्या

एसी में रहने के नुकसान से होती है साइनस की समस्या

एयर कंडीशनर में बहुत समय तक रहने से और उसकी ठंडी हवा के कारण हमारा म्यूकस ग्लैंड हार्ड हो जाता है जिससे साइनस का खतरा होता है। एक शोध में पाया गया है की जो व्यक्ति 4 घंटे से ज्यादा एसी में रहते हैं उनको साइनस होने की संभावना ज्यादा रहती है।

(और पढ़ें – साइनस क्या होता है)

एयर कंडीशनर में देर तक रहने से हो सकती है एलर्जी

एयर कंडीशनर में देर तक रहने से हो सकती है एलर्जी

एसी का फ़िल्टर यदि लम्बे समय तक साफ नहीं किया जाये तो उसमे धूल और बैक्टीरिया जमा हो जाते है जिससे एलर्जी, अस्थमा और वायरल इन्फेक्शन जैसी बीमारियाँ होने की संभावना रहती है।

(और पढ़ें – एलर्जी लक्षण, बचाव के तरीके और घरेलू उपचार)

एसी में ज्यादा रहने के नुकसान से स्किन होती है ड्राई 

एसी में ज्यादा रहने के नुकसान से स्किन होती है ड्राई 

एसी में ज्यादा रहने से इसकी ठंडी हवा की वजह से स्किन की प्राकृतिक नमी चली जाती है और स्किन हार्ड हो जाती है जिससे स्किन में खुजली भी हो सकती है।

(और पढ़ें – स्किन को हाइड्रेट करने वाले घरेलू हाइड्रेटिंग फेस मास्क और फेस पैक)

एयर कंडीशनर में ज्यादा समय तक रहने से होती है आँखों की समस्या 

एयर कंडीशनर में ज्यादा समय तक रहने से होती है आँखों की समस्या 

एयर कंडीशनर की ठंडी हवा की वजह से आँखों का पानी सूख जाता है और आँखों में बहुत खुजली होती है, आँखे लाल हो जाती है और चुभन सी होती है और आँखों में से पानी आने लगता है।

(और पढ़ें – आंखों में सूखापन के कारण लक्षण और घरेलू उपाय)

एसी में लम्बे समय तक रहने से होता है जोड़ों में दर्द

एसी में लम्बे समय तक रहने से होता है जोड़ों में दर्द

एसी की हवा में ज्यादा लम्बे समय तक रहने से जोड़ों में दर्द की शिकायत हो सकती है। इसकी हवा से हड्डियों के फंक्शन पर असर पड़ता है जिससे गर्दन, पीठ, कमर और घुटनों में दर्द हो सकता है और आगे जाकर इससे आर्थराइटिस (arthritis) की समस्या हो सकती है।

(और पढ़ें – जोड़ों में दर्द का घरेलू उपचार)

एयर कंडीशनर में ज्यादा रहने से ब्रेन में प्रॉब्लम होती है

एयर कंडीशनर में ज्यादा रहने से ब्रेन में प्रॉब्लम होती है 

एसी की ठंडी हवा में ज्यादा रहने से ब्रेन की सेल्स सिकुड़ने लगती है जिससे मस्तिष्क को काम करने में दिक्कत होती है जिससे कई तरह की ब्रेन प्रॉब्लम हो सकती है।

क्या एसी चलाना नवजात शिशुओं के लिए है सुरक्षित -Air conditioners effects on newborn babies in Hindi

क्या एसी चलाना नवजात शिशुओं के लिए है सुरक्षित -Air conditioners effects on newborn babies in Hindi

अक्सर लोगों के मन में यह सवाल आता है की क्या नवजात शिशुओं को ज्यादा समय तक एसी में रखना सुरक्षित है या नहीं। तो इसका जवाब है हाँ, आप अपने बच्चे को एयर कंडीशनर में रख सकती है परन्तु उसके लिए आपको कुछ नियमों का पालन करना होगा, जैसे-

  • कुछ डॉक्टरों का मानना है की नवजात शिशुओं को एसी में रखना सुरक्षित है क्योकि बाहर के गर्म और हानिकारक वातावरण से अच्छा है की आप अपने बच्चे को ठन्डे वातावरण में रखें।
  • छोटे बच्चे खासकर नवजात शिशु अपने शरीर के तापमान को मेन्टेन करने में सक्षम नहीं होते है इसलिए उन्हें गर्म माहौल से होने वाली बीमारियाँ जैसे खुजली, डिहाइड्रेशन और लू जैसी बीमारियाँ जल्दी पकड़ लेती है। इसलिए उन्हें ठन्डे माहौल में रखना ज्यादा बेहतर विकल्प है।
  • कुछ शोधकर्ताओं का मानना है की नवजात शिशु ठन्डे माहौल में ज्यादा आराम से सो पाते है जिससे शिशुओं में होने वाली बीमारी (sudden infant death syndrome) (SIDS) से उन्हें बचाया जा सकता है।
  • नवजात शिशुओं को ज्यादा देर तक ठन्डे माहौल में रखने से उन्हें परेशानी हो सकती है इसलिए हमेशा शिशुओं के लिए कमरे का तापमान आरामदायक बना कर रखे। तापमान 23-26 के बीच में रखना ही सही होता है।
  • नवजात शिशुओं को कभी भी सीधे एसी की हवा के सामने ना लेटायें और हमेशा उन्हें साथ में कुछ गर्म कपड़े, टोपा और मोजा पहनाएं।
  • एसी की समय समय पर सर्विस जरुर करवाएं नहीं तो एसी में मौजूद धूल और बैक्टीरिया से शिशु को एलर्जी होने की संभावना हो सकती है।

(और पढ़ें – नवजात शिशु की देखभाल कैसे करें)

Leave a Comment

Subscribe for daily wellness inspiration