अंडकोष में गांठ (स्पर्माटोसील) – Spermatocele (Epididymal Cyst) In Hindi

अंडकोष में गांठ (स्पर्माटोसील) के कारण, लक्षण, जांच, इलाज और बचाव - Spermatocele (Epididymal Cyst), Causes, Symptoms, Treatment In Hindi
Written by Daivansh

Andkosh Me Ganth अंडकोष में गांठ जिसे स्पर्माटोसील कहा जाता है का संबंध किसी पुरुष के अंडकोष में दर्द रहित सौम्य सिस्ट (Cyst) या गांठ की उपस्थिति से है, जिसमें तरल पदार्थ भरा होता है। यह गांठ आकार में भिन्न-भिन्न हो सकती है। स्पर्माटोसील, किसी भी तरह का कैंसर नहीं है। यह काफी सामान्य समस्या है, जो प्रत्येक 10 पुरुषों में से लगभग तीन पुरुषों को अपने पूरे जीवन काल में कभी न कभी उत्पन्न होती है। अंडकोष में गांठ की स्थिति में किसी भी तरह के इलाज की आवश्यकता नहीं होती है, परन्तु यदि सिस्ट दर्दनाक और बड़ा है, तो तुरंत इलाज कराने की जरुरत पड़ सकती है। आज के इस लेख में आप जानेगें कि अंडकोष में गांठ (स्पर्माटोसील) क्या है, इसके कारण, लक्षण क्या हैं तथा इसकी जांच, इलाज और बचाव कैसे किया जा सकता है।

  1. अंडकोष में गांठ (स्पर्माटोसील) क्या है – What Is Spermatocele In Hindi
  2. अंडकोष में गांठ के कारण – Spermatocele Causes In Hindi
  3. अंडकोष में गांठ के लक्षण – Spermatocele Symptoms In Hindi
  4. अंडकोष में गांठ की जाँच – Spermatocele Diagnosis In Hindi
  5. अंडकोष में गांठ के जोखिम कारक – Spermatocele Risk Factors In Hindi
  6. अंडकोष में गांठ की जटिलताएं – Spermatocele Complications In Hindi
  7. अंडकोष में गांठ होने पर डॉक्टर को कब दिखाना है – When to see doctor when lump in the testicle In Hindi
  8. अंडकोष में गांठ का इलाज – Spermatocele Treatment In Hindi
  9. अंडकोष में गांठ से बचाव – Spermatocele prevention In Hindi
  10. अंडकोष में गांठ का घरेलू इलाज – Spermatocele Home Treatment In Hindi

अंडकोष में गांठ (स्पर्माटोसील) क्या है – What Is Spermatocele In Hindi

अंडकोष में गांठ (स्पर्माटोसील) क्या है - What Is Spermatocele In Hindi

अंडकोष में गांठ या स्पर्माटोसील एक दर्द रहित सौम्य सिस्ट (Cyst) है, जो एक अंडकोष (Testicle) के पास उत्पन्न होता है और तरल पदार्थ से भरा होता है। इस तरल में मृत शुक्राणु भी उपस्थित हो सकते हैं। इस कारण इस गांठ को एक शुक्राणु-संबंधी सिस्ट (Spermatic Cysts) या अधिवृषण सम्बन्धी सिस्ट (Epididymal Cyst) के रूप में भी जाना जाता है। यह सिस्ट या गांठ किसी पुरुष के अधिवृषण (epididymis) में उत्पन्न होती है। एपिडिडिमिस (अधिवृषण) प्रत्येक अंडकोष के पीछे एक कुंडलित ट्यूब होता है, जो शुक्राणु का संग्रह और स्थानांतरित करता है। अंडकोष में गांठ (Spermatoceles) कैंसरमुक्त (सौम्य) और दर्द रहित होती है, लेकिन अंडकोश में किसी भी गंभीर समस्या के निदान के रूप में इसकी जांच की जानी आवश्यक होती है।

अंडकोष में गांठ का सटीक कारण अज्ञात है, लेकिन शुक्राणुओं को स्थानांतरित करने वाली ट्यूबों में रुकावट इसका प्रमुख कारण हो सकता है। आमतौर पर अधिकांश स्थित्तियों में अंडकोष में गांठ के लिए उपचार की आवश्यकता नहीं होती है, लेकिन यदि गांठ असुविधा का कारण बनती है, तो डॉक्टर इसके सफल इलाज के लिए सर्जरी की सिफारिश कर सकता है।

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अंडकोष में गांठ के कारण – Spermatocele Causes In Hindi

अंडकोष में गांठ के कारण - Spermatocele Causes In Hindi

अंडकोष में गांठ या स्पर्माटोसील का स्पष्ट कारण अभी तक अज्ञात है। अंडकोष में गांठ या स्पर्माटोसील, सम्बंधित व्यक्ति के अधिवृषण (एपिडिडिमिस) के अन्दर अनेक नलिकाओं में से किसी में भी रुकावट उत्पन्न होने के परिणामस्वरूप प्रगट हो सकती हैं, ये नलिकाएं अंडकोष से शुक्राणु के परिवहन और संग्रहण का कार्य करती हैं। अंडकोष में गांठ वास्तव में काफी सामान्य समस्या है, जो प्रत्येक 10 पुरुषों में से 3 पुरुषों को प्रभावित करती है।

अंडकोष में गांठ या स्पर्माटोसील (Spermatoceles) की समस्या चोट, संक्रमण या सूजन की पूर्ववर्ती स्थितियों के कारण भी विकसित हो सकती है। अतः किसी व्यक्ति के अंडकोष में चोट और सूजन की समस्या भी अंडकोष में गांठ उत्पन्न करने में भूमिका निभा सकती है। अंडकोष में गांठ (Spermatoceles) न तो कैंसर है और न ही वृषण कैंसर (Testicular Cancer) का कारण बनता है।

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अंडकोष में गांठ के लक्षण – Spermatocele Symptoms In Hindi

अंडकोष में गांठ के लक्षण - Spermatocele Symptoms In Hindi

अंडकोष में गांठ (Spermatoceles) काफी छोटी हो सकती है। अंडकोश में यह उभार या गांठ, मटर के आकार के रूप में दिखाई दे सकती है या महसूस की जा सकती है। कभी-कभी यह गांठ निविदा या दर्द का कारण बन सकती है, और कुछ स्थितियों में अंडकोश की थैली (Scrotum) में वृद्धि का कारण भी बन सकती है। अंडकोष में गांठ का आकार भिन्न-भिन्न होता है। एक अंडकोष में गांठ (स्पर्माटोसील) की स्थिति में आमतौर पर कोई संकेत या लक्षण प्रगट नहीं हो सकते हैं और यह आकार में भी स्थिर रह सकती है। यद्धपि इसे देखा नहीं जा सकता, परन्तु महसूस किया जा सकता है। अतः गांठ का आकर बड़ा होने पर निम्न लक्षण महसूस किये जा सकते हैं, जैसे:

  • प्रभावित अंडकोष में दर्द या असुविधा
  • अंडकोष (Testicle) में भारीपन महसूस होना
  • टेस्टिकल (Testicle) के पीछे और ऊपर सौम्य गांठ का पाया जाना
  • अंडकोष के पूर्ण भरे होने की भावना महसूस होना

डॉक्टर के अनुसार अंडकोष में गांठ (Spermatoceles) बांझपन का कारण नहीं बनती है। लेकिन स्पर्माटोसील के बड़े होने पर यह समस्या, पैदा होने वाले शुक्राणु की मात्रा और गुणवत्ता को कम कर सकती है। अतः इस स्थिति में प्रजनन क्षमता में जल्द से जल्द सुधार करने के लिए सम्बंधित व्यक्ति को तुरंत डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।

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अंडकोष में गांठ की जाँच – Spermatocele Diagnosis In Hindi

अंडकोष में गांठ की जाँच - Spermatocele Diagnosis In Hindi

जननांग क्षेत्र के एक विस्तृत परीक्षण के माध्यम से स्पर्माटोसील (अंडकोष में गांठ) का निदान किया जा सकता है। डॉक्टर शारीरिक परीक्षण के दौरान अंडकोष की गांठ या अन्य दर्दनाक क्षेत्र की जाँच करने के लिए, प्रभावित क्षेत्रों को स्पर्श कर निदान कर सकते हैं। इसके अलावा सम्बंधित पुरुष भी अपने अंडकोश की थैली को स्पर्श कर गांठ (सिस्ट) और दर्द को महसूस कर सकते हैं।

अल्ट्रासोनोग्राफी या सोनोग्राम का उपयोग कर स्पर्माटोसील (अंडकोष में गांठ) तथा एक सौम्य ट्यूमर या कैंसर ट्यूमर का निर्धारण किया जा सकता है। स्पर्माटोसील के निदान में अल्ट्रासोनोग्राफी या सोनोग्राम 100% सटीक परिणाम प्रदान करता है।

यदि अंडकोष में दर्दनाक समस्याएँ उत्पन्न होती हैं, तो सूजन और संक्रमण की मौजूदगी का निर्धारित करने के लिए डॉक्टर द्वारा अन्य प्रयोगशाला परीक्षण जैसे- पूर्ण रक्त गणना और यूरिन टेस्ट (Urinalysis) की सिफारिश की जा सकता है।

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अंडकोष में गांठ के जोखिम कारक – Spermatocele Risk Factors In Hindi

अंडकोष में गांठ के जोखिम कारक - Spermatocele Risk Factors In Hindi

स्पर्माटोसील (अंडकोष में गांठ) के विकसित होने के जोखिम कारक अज्ञात हैं। अपितु इसके जोखिम कारक में बढ़ती उम्र को शामिल किया जा सकता है। चूँकि अंडकोष में गांठ प्रायः 20 से 50 वर्ष की आयु के पुरुषों में अधिक पाई जाती हैं।

इसके अतिरिक्त जिन पुरुषों की माताओं को गर्भावस्था के दौरान गर्भपात को रोकने और गर्भावस्था की अन्य जटिलताओं को कम करने के लिए डायथाइलस्टीलबेस्ट्रोल (Diethylstilbestrol (Des)) ड्रग दिया गया था उन पुरुषों को स्पर्माटोसील (अंडकोष में गांठ) का जोखिम अधिक होता है।

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अंडकोष में गांठ की जटिलताएं – Spermatocele Complications In Hindi

अंडकोष में गांठ की जटिलताएं - Spermatocele Complications In Hindi

स्पर्माटोसील (अंडकोष में गांठ) (Spermatoceles) के दौरान जटिलताएं उत्पन्न होने की संभावना नहीं होती है। हालांकि, यदि स्पर्माटोसील की स्थिति दर्दनाक है और गांठ बड़ी है, तो असुविधा महसूस होती है। इस स्थिति में डॉक्टर द्वारा स्पर्माटोसील या सिस्ट को हटाने के लिए सर्जरी की सिफारिश की जा सकती है। अतः सर्जिकल प्रक्रिया के दौरान एपिडिडिमिस (Epididymis) या वास डेफेरेंस (Vas Deferens) को नुकसान पहुँच सकता है, जिससे प्रजनन क्षमता कम हो सकती है।

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अंडकोष में गांठ होने पर डॉक्टर को कब दिखाना है – When to see doctor when lump in the testicle In Hindi

अंडकोष में गांठ होने पर डॉक्टर को कब दिखाना है - When to see doctor when lump in the testicle In Hindi

स्पर्माटोसील (अंडकोष में गांठ) आमतौर पर कोई विशेष लक्षणों का कारण नहीं बनता है, अतः इस स्थिति का निदान करने के लिए सम्बंधित व्यक्त, स्वयं शारीरिक परीक्षण कर सकता है, तथा डॉक्टर की भी मदद ले सकता है।

अतः यदि अंडकोष में किसी भी प्रकार की असुविधा का अनुभव होता है तो तुरंत डॉक्टर के सिफारिश लेनी चाहिए। डॉक्टर किसी भी गंभीर स्थिति का पता लगाने में व्यक्ति की मदद कर सकता है।

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अंडकोष में गांठ का इलाज – Spermatocele Treatment In Hindi

अंडकोष में गांठ का इलाज - Spermatocele Treatment In Hindi

अंडकोष में गांठ (Spermatoceles), आमतौर पर दर्दरहित तथा कैंसरमुक्त होता है। अधिकांश लोगों को इसके लिए कोई उपचार की आवश्यकता नहीं होती है। लेकिन सम्बंधित व्यक्ति, डॉक्टर से नियमित परामर्श लेकर सिस्ट (पुटी) की निगरानी कर सकते हैं।

अगर अंडकोष में गांठ बहुत बड़ी या दर्दनाक होती है, तो इसके इलाज के लिए चिकित्सकीय सहायता लेना आवश्यकता हो जाता है। डॉक्टर द्वारा स्पर्माटोसील (अंडकोष में गांठ) के इलाज के लिए निम्न उपचार अपनाये जा सकते हैं, जैसे:

अंडकोष में गांठ के इलाज के लिए मेडिकल थेरेपी (Medical Therapy)

मेडिकल थेरेपी के अंतर्गत दर्द और सूजन को कम करने के लिए मौखिक दवाओं का सीमित उपयोग किया जाता है। इसके अलावा स्पर्माटोसील (अंडकोष में गांठ) को ठीक करने और इसे रोकने के लिए अभी तक कोई दवा विकसित नहीं की गई है।

अंडकोष में गांठ का इलाज मिनिमली इनवेसिव थैरेपी (Minimally Invasive Therapies)

मुख्यतः दो न्यूनतम इनवेसिव उपचार (Minimally Invasive Therapies) उपलब्ध हैं, लेकिन इनका इस्तेमाल बहुत कम किया जाता है।

अंडकोष में गांठ के इलाज के लिए एस्पिरेशन (Aspiration)

इस उपचार प्रक्रिया के दौरान डॉक्टर स्पर्माटोसील या सिस्ट को पंचर कर तरल पदार्थ को निकालने के लिए एक सुई का उपयोग करता है।

अंडकोष में गांठ के इलाज के लिए स्क्लेरोथेरेपी (Sclerotherapy)

इस थेरेपी के दौरान डॉक्टर सिस्ट में जलन पैदा करने वाले एजेंट (Irritating Agent) को इंजेक्ट करेगा। यह एजेंट उपचार प्रक्रिया को बढ़ावा देते हैं और द्रव को फिर से जमा होने से रोकते हैं।

चूँकि यह उपचार प्रक्रिया जोखिम उत्पन्न करती हैं, जिससे एपिडिडिमिस (अधिवृषण) को नुकसान पहुँच सकता है, जो प्रजनन समस्याओं का कारण बनता है। इसके अतिरिक्त स्पर्माटोसील या सिस्ट वापस आ सकते हैं। इसलिए इन प्रक्रियां का उपयोग बहुत कम किया जाता है।

अंडकोष में गांठ के इलाज के लिए सर्जिकल थेरेपी (Surgical Therapy)

स्पर्माटोसील (अंडकोष में गांठ) के इलाज के लिए सर्जिकल थेरेपी सबसे आम उपचार प्रक्रिया है। इस सर्जिकल प्रक्रिया का उद्देश्य जननांग प्रणाली (Genital System) को संरक्षित रखते हुए, सिस्ट को एपिडिडिमिस से हटाना है। यह सर्जरी एक आउट पेशेंट प्रक्रिया के रूप में की जाती है, अर्थात मरीज को सर्जरी के बाद उसी दिन घर जाने की सलाह दी जाती है। सर्जरी के दौरान सामान्य निश्चेतक (Anesthesia) का उपयोग किया जा सकता है, और यह प्रक्रिया आमतौर पर एक घंटे के पूर्ण हो जारी है।

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अंडकोष में गांठ से बचाव – Spermatocele prevention In Hindi

अंडकोष में गांठ से बचाव – Spermatocele prevention In Hindi

यद्यपि स्पर्माटोसील (अंडकोष में गांठ) (Spermatoceles) को रोकने का कोई तरीका उपलब्ध नहीं है। अंडकोश में परिवर्तनों का पता लगाने के लिए कम से कम महीने में एक बार अंडकोश का स्वतः परीक्षण कर स्पर्माटोसील (अंडकोष में गांठ) की जटिलताओं से बचा जा सकता है। अतः अंडकोश में किसी भी की गांठ या समस्या का तुरंत मूल्यांकन, स्पर्माटोसील (अंडकोष में गांठ) के बचाव कार्य में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

अंडकोष की स्वतः जांच करने के लिए निम्न स्टेप प्रयोग में लाई जा सकती हैं:

  • गर्म स्नान या शॉवर के दौरान अंडकोष की जांच करने का एक अच्छा समय है।
  • जाँच करने के दौरान व्यक्ति को दर्पण के सामने खड़े होना चाहिए और अंडकोश की त्वचा पर किसी भी असमानता या सूजन की जाँच करना चाहिए।
  • दोनों हाथों की मदद से प्रत्येक अंडकोष की जांच करनी चाहिए। यद्यपि एक अंडकोष का दूसरे अंडकोष की तुलना में थोड़ा बड़ा होना सामान्य है।

इस परीक्षण के दौरान यदि कोई व्यक्ति अपने अंडकोष में किसी भी तरह के बदलाव का अनुभव करता है, तो उसे जल्द से जल्द डॉक्टर की मदद लेनी चाहिए।

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अंडकोष में गांठ का घरेलू इलाज – Andkosh Me Ganth Home Treatment In Hindi

अंडकोष में गांठ का घरेलू इलाज - Spermatocele Home Treatment In Hindi

अध्ययनों से पता चलता है कि स्पर्माटोसील (अंडकोष में गांठ) के प्राकृतिक इलाज के रूप में कम वसा युक्त संतुलित आहार को अपनाया जा सकता है। इसके अलावा आयोडीन, मैग्नीशियम और क्रोमियम क्लोराइड सहित अन्य सप्लीमेंट का उपयोग भी स्पर्माटोसील (Spermatoceles) के उपचार में योगदान दे सकता है।

अध्ययनों से यह भी ज्ञात हुआ है, कि अंडकोष में गांठ (Spermatoceles) के इलाज में आयोडीन भी एक बहुत प्रभावी एजेंट है। आमतौर पर, शरीर में आयोडीन की कमी सिस्ट के उत्पादन का कारण बन सकती है, इसलिए आयोडीन की मात्रा से भरपूर आहार का सेवन स्पर्माटोसील (अंडकोष में गांठ) के इलाज और रोकथाम को सुगम बना सकता है। यदि सिस्ट (Cyst) विकसित होता है, तो सिस्ट के शीर्ष पर आयोडीन लगाने से इसके आकार में काफी कमी हो सकती है। इसके अतिरिक्त स्पर्माटोसील (अंडकोष में गांठ) के घरेलू इलाज के रूप में निम्न उपाय अपनाये जा सकते हैं:

  • सूजन को कम करने के लिए दो से तीन दिनों तक आइस पैक से सिकाई करना चाहिए
  • डॉक्टर की सलाह पर दर्द की दवाओं का सेवन करना चाहिए
  • सर्जरी के बाद तीन सप्ताह के बीच पुनः परीक्षण प्राप्त करना चाहिए।

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