प्रेगनेंसी में ट्रेन का सफर – Travelling By Train During Pregnancy In Hindi

प्रेगनेंसी में ट्रेन का सफर - Travelling By Train During Pregnancy In Hindi
Written by Diksha

गर्भावस्‍था के दौरान सुरक्षित रेल यात्रा करने के लिए टिप्स: गर्भावस्था के दौरान यात्रा न करना सबसे अच्छा विकल्प होता है, विभिन्न असुविधाओं के कारण गर्भावती माँ को यात्रा के लंबे घंटों के दौरान कई समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। हालाँकि, जीवन हमेशा एक सा नहीं होता है। अगर आप गर्भवती हैं और ट्रेन का सफर करने वाली हैं तो इससे पहले अपने डॉक्ट‍र से गर्भावस्था के समय रेल यात्रा के बारे में विचार विमर्श अवश्य कर लें। गर्भावस्था के दौरान ट्रेन में यात्रा के बारे में बार-बार पूछे जाने वाले प्रश्नों के माध्यम से हम आपकी इस दुबिधा को दूर करने वाले हैं की प्रेगनेंसी में ट्रेन का सफर करना चाहिए या नहीं और प्रेगनेंसी में ट्रेन का सफर करते समय क्या सावधानियां रखें। जानें ऐसे में कौन सी ऐसी बातें है जिनका ध्यान रखकर गर्भवस्था के दौरान रेलयात्रा के जोखिम को कम किया जा सकता है।

  1. क्या प्रेग्नेंसी के दौरान ट्रैवलिंग करनी चाहिए
  2. हवाई एवं सड़क यात्रा की तुलना क्यों सुरक्षित है रेल यात्रा
  3. प्रेगनेंसी में ट्रेन का सफर करने के लिए टिप्स
  4. प्रेगनेंसी में ट्रेन का सफर करने के लिए मुझे किस क्लास का विकल्प चुनना चाहिए?
  5. गर्भावस्था के दौरान यात्रा के दौरान मुझे क्या सावधानियां बरतनी चाहिए?
  6. प्रेगनेंसी में ट्रेन की यात्रा के दौरान मुझे क्या खाना चाहिए?
  7. गर्भावस्था के दौरान मैं अकेले ट्रेन की यात्रा क्यों नहीं कर सकती?

क्या प्रेग्नेंसी के दौरान ट्रैवलिंग करनी चाहिए

क्या प्रेग्नेंसी के दौरान ट्रैवलिंग करनी चाहिए

वैसे तो प्रेग्नेंसी के दौरान जितना हो सके, ट्रैवलिंग से बचें। क्योंकि प्रेग्नेंसी के शुरूआती तीन महीने, जिसे हम फर्स्ट ट्राइमेस्टर कहते हैं, बड़े नाजुक होते हैं। इस दौरान आपको मॉर्निंग सिकनेस से परेशानी हो सकती है और गर्भपात का खतरा भी बहुत ज्यादा रहता है, इसलिए पहली तिमाही में ट्रैवलिंग को जितना हो सके अवॉइड करें। यदि बहुत ज्यादा जरूरी है, तो आप गर्भावस्था के चौथे महीने से छठवें महीने के बीच में यात्रा कर सकती हैं। क्योंकि इस समय मॉर्निंग सिकनेस, थकान, सुस्ती जैसे शिकायतें होना कम हो जाती हैं। प्रेग्नेंसी के आखिरी कुछ महीनों में भी ट्रेवलिंग ना करें। इससे आपको कमजोरी के साथ-साथ थकावट भी हो सकती है, जो आपके स्वास्थ्य के लिए अच्छी नहीं है।

(और पढ़े  – गर्भावस्था में यात्रा कैसे करें टिप्स और सावधानियां…)

हवाई एवं सड़क यात्रा की तुलना क्यों सुरक्षित है रेल यात्रा

हवाई एवं सड़क यात्रा की तुलना क्यों सुरक्षित है रेल यात्रा

विशेषज्ञों की माने तो गर्भावस्था के दौरान हवाई एवं सड़क यात्रा की तुलना में रेल यात्रा का विकल्प कम जोखिम भरा होता है। सड़क मार्ग पर पड़ने वाले खराब रास्ते, टेढ़े-मेढ़े मोड़ एवं ऊँचे-नीचे मार्ग का चयन गर्भावस्था के दौरान जोखिम को निमंत्रण देना है। वहीं ज्यादातर एयरलाइंस कम्पनियां गर्भवती महिलाओं को एक विशेष समय के बाद यात्रा की अनुमति नहीं देती है। ऐसे में एक निश्चित गति से चलने वाली रेलगाड़ी को ही गर्भावस्था के दौरान सफर करने के लिए बेहतर विकल्प माना गया है। लेकिन गर्भावस्था के दौरान रेलयात्रा करने से पहले गर्भवती महिला को अपने डॉक्टर से अनिवार्य रूप से सलाह लेनी चाहिए।

(और पढ़े  – प्रेगनेंसी के आठवें महीने की जानकारी और केयर टिप्स…)

प्रेगनेंसी में ट्रेन का सफर करने के लिए टिप्स

प्रेगनेंसी में ट्रेन का सफर

वैसे तो गर्भावस्था में ट्रेन यात्रा सबसे सुरक्षित मानी जाती है, लेकिन प्रेगनेंसी में ट्रेन का सफर करते समय किसी भी असुविधा से बचने के लिए हमारे द्वारा नीचे दिए गए टिप्स पढ़ सकते हैं।

  • ट्रेन की यात्रा करने से पहले ये सुनिश्चित कर लें, कि आपकी टिकट कंफर्म है या नहीं। अगर टिकट वेटिंग या आरएसी में भी है, तो ऐसी यात्रा करने से बचें।
  • हमेशा ऐसी ट्रेन चुनें, जिसके ज्यादा स्टॉप न हो।
  • अगर आप प्रेग्रेंट हैं, तो हमेशा लोअर सीट ही बुक करें। ऊपर की सीट पर बैठने से बचें। इससे बार-बार चढऩे-उतरने में दिक्कत हो सकती है। कोशिश करें, कि आप साइड लोअर बर्थ के लिए अप्लाई करें। बता दें, कि रेलवे गर्भवती महिलाओं को एसी, एसी2, एसी3 और स्लीपर कोच में 2 निचली बर्थ का कोटा देती है। यदि यह उपलब्ध न हो, तो सहयात्रियों से या टीटी से बात करें, वे आपको निचली सीट दिलाने में मदद कर सकते हैं।
  • अगर आप गर्भवती हैं, तो घर से निकलने से पहले ये जरूर चैक कर लें कि ट्रेन के प्लेटफॉर्म पर आने का सही समय क्या है। ऐसा करने से आप अनचाही भीड़ और कई समस्याओं का सामना करने से बच जाएंगी।
  • प्रेग्नेंसी में अकेले ट्रेन में यात्रा करना थोड़ा रिस्की होता है। क्योंकि इस दौरान कब क्या हो जाए, पता नहीं। इसलिए अपने साथ हमेशा किसी को साथ लेकर जाएं।
  • अकेले यात्रा करने पर हल्के बैग ही पैक करें। साथ में अगर ट्रॉली बैग ले जाएंगी, तो आपको सामान उठाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। ध्यान रखें, प्रेग्नेंसी के किसी भी महीने में भारी वजन उठाने की मनाही होती है, ऐसे में भारी बैग उठाना आपको चोट पहुंचा सकता है।
  • यदि प्लेटफॉर्म पर आपको ट्रेन तक पहुंचने के लिए सीढ़ियां चढ़नी -उतरनी हैं, तो सामान ढोने के लिए एक कुली (सहायक) बुक कर लें। इससे आपको आसानी होगी।
  • जब तक प्लेटफॉर्म पर ट्रेन पूरी तरह से रूक न जाए, ट्रेन से उतरने या चढ़ने की कोशिश न करें। हमारी ये सलाह केवल प्रेग्नेंट महिलाओं के लिए ही नहीं, बल्कि सभी यात्रियों के लिए है।
  • लंबे सफर में बैठे-बैठे आपको तकलीफ हो सकती है, इसलिए किसी चीज का सपोर्ट लेकर ट्रेन में टहल सकती हैं।
  • चलती ट्रेन में एक बोगी से दूसरी बोगी तक जाने की कोशिश न करें। इससे कई बार आपका बैलेंस बिगड़ सकता है, जिससे चोट लग सकती है।

(और पढ़े  – प्रेगनेंसी के नौवे महीने में रखें इन बातों का ध्यान…)

प्रेगनेंसी में ट्रेन का सफर करने के लिए मुझे किस क्लास का विकल्प चुनना चाहिए?

प्रेगनेंसी में ट्रेन का सफर करने के लिए मुझे किस क्लास का विकल्प चुनना चाहिए?

गर्भावस्था के बाद के चरणों (6 महीने के बाद) के दौरान, मोड़ या अचानक हलचल मां और भ्रूण के स्वास्थ्य के लिए अच्छा नहीं होता है। साथ ही, मां को सहज महसूस करने के लिए पर्याप्त खुली जगह की आवश्यकता होगी। यही कारण है कि एसी 3 या ऐसी 2 टीयर कोच प्रेगनेंसी में ट्रेन की यात्रा के लिए एकदम सही श्रेणी के विकल्प हैं। यही कारण है, यात्रा की तारीख से पहले अच्छी तरह से योजना बनाकर गर्भवती महिलाओं के साथ यात्रा करना आवश्यक है। सुनिश्चित करें कि आप केवल निचली बर्थ सीटें ही बुक करें, ताकि गर्भवती माँ को ऊपर न चढ़ना न पड़े।

(और पढ़े  – गर्भावस्था की तीसरी तिमाही में भ्रूण का विकास, शारीरिक बदलाव और देखभाल…)

गर्भावस्था के दौरान यात्रा के दौरान मुझे क्या सावधानियां बरतनी चाहिए?

गर्भावस्था के दौरान यात्रा के दौरान मुझे क्या सावधानियां बरतनी चाहिए?

गर्भावस्था के दौरान भारी सामान उठाना यात्रा का एक विशिष्ट झंझट है। इसलिए, गर्भवती माँ को व्यक्तिगत रूप से किसी भी प्रकार का सामान ले जाने से बचना चाहिए। सुनिश्चित करें कि आप अंतिम मिनट की भीड़ से बचने के लिए पर्याप्त समय के साथ स्टेशन पर पहुंचें। गर्भवती मां को हर कदम सावधानी से उठाने की जरूरत है, जो भीड़ भरे प्लेटफार्मों पर विशेष रूप से महत्वपूर्ण है। इसके अलावा, सुनिश्चित करें कि गर्भवती माँ झुकने से बचती है। झुकने से पेट पर दबाव पड़ता है जो बच्चे के लिए अच्छा नहीं है।

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प्रेगनेंसी में ट्रेन की यात्रा के दौरान मुझे क्या खाना चाहिए?

प्रेगनेंसी में ट्रेन की यात्रा के दौरान मुझे क्या खाना चाहिए?

एक सुखद यात्रा के लिए एक सख्त डाइट प्लान बनाए रखना आवश्यक है। हालांकि स्टेशन-साइड स्टालों या हॉकरों (stalls or hawkers) से भोजन न लें, लेकिन यह दिखने में आकर्षक हो सकता है। हमेशा एक प्रतिष्ठित सेवा प्रदाता से भोजन बुक करें और गैर-मसालेदार, घर का बना भोजन मांगें। अगर आपको बहुत अधिक भूख लगती है, तो बस कुछ फल साथ में लेकर चलें (लेकिन सुनिश्चित करें कि ये पहले से कटे नहीं हों)। अपने आप को अच्छी तरह से हाइड्रेटेड रखने के लिए प्रेगनेंसी में ट्रेन की यात्रा के दौरान पैकेज्ड वॉटर बॉटल को अपने साथ कैरी करें।

(और पढ़े  – गर्भावस्था के दौरान खाये जाने वाले आहार और उनके फायदे…)

गर्भावस्था के दौरान मैं अकेले ट्रेन की यात्रा क्यों नहीं कर सकती?

गर्भावस्था के दौरान मैं अकेले ट्रेन की यात्रा क्यों नहीं कर सकती?गर्भावस्था के दौरान मैं अकेले ट्रेन की यात्रा क्यों नहीं कर सकती?

गर्भावस्था के बाद के चरणों में कई स्वास्थ्य समस्याओं के साथ एक बहुत मुश्किल समय होता है। ऐसे समय में आपको हमेशा एक साथी की आवश्यकता होगी। सामान उठाने से लेकर आपको वॉशरूम तक ले जाने तक, ट्रेन की यात्रा के दौरान आपको लगातार एक साथी पर निर्भर रहना होगा। इस तरह की यात्रा पर आपकी ज़िम्मेदारी है कि आप पर्याप्त आराम करें और सुनिश्चित करें कि आपकी कोई भी क्रिया भ्रूण पर विपरीत प्रभाव नहीं डाल रही है।

ट्रेन की यात्रा के दौरान इन बातों का भी रखे ख्याल:-

  • गर्भवस्था के दौरान खाई जाने वाली सभी दवाईयां एवं मेडिकल फाइल साथ लेकर यात्रा करें।
  • गर्भवती मां को आरामदायक मुद्रा में बैठाया जाना चाहिए।
  • यात्रा के पहले अपनी डॉक्टरी जांच अवश्य करा ले।
  • जब आप लंबी दूरी की यात्रा कर रहे हों, तो एक ही मुद्रा में बैठकर ज्यादा समय न बिताएं। जब भी संभव हो लेटें।
  • ज्यादा लेटे नहीं,  अच्छी किताबे पढ़े और अगर किसी भी प्रकार की परेशानी महसूस हो तो तुरंत अपने परिवारिक सदस्य के साथ सांझा करें।
  • ट्रेन के डिब्बे के भीतर समय-समय पर टहलें। इससे रक्त संचार बेहतर होगा।
  • हमेशा आवश्यक और निर्धारित दवाएं ले। उन्हें एक बैग में रखें जो आसानी से सुलभ है।
  • शांत एवं सकारात्मक मन से यात्रा करें व अपनी पसंद का संगीत सुने।

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