प्रेगनेंसी के नौवे महीने में रखें इन बातों का ध्यान – Ninth month Pregnancy tips in hindi

प्रेगनेंसी के नौवे महीने में रखें इन बातों का ध्यान – Ninth month Pregnancy tips in hindi
Written by Deepanshu

9th month Pregnancy tips in Hindi मां बनना अपने आप में एक अदभूत एहसास है। प्रेग्नेंसी के पहले दिन से लेकर आखिरी दिन तक मां को कई चुनौतियों से गुजरना पड़ता है। गर्भवस्था के पहले आठ महीने बिना किसी ज्यादा परेशानी के निकल जाते है लेकिन नौवां महीना शुरू होते ही महिला को सावधानी बरतने की जरूरत होती है। क्योंकि हर महिला को नौवे महीने का बेसब्री से इंतेजार रहता है। ये गर्भावस्था का आखिरी महीना होता है । इस लिए प्रेगनेंसी के नौवे महीने में महिला को अपने सेहत और अपनी डायट का विषेश ध्यान रखना चाहिए। इस लेख में हम आपको बताने जा रहे है कि डिलीवरी के अंतिम चरण में आपको अपना ख्याल कैसे रखना है (Ninth Month Pregnancy tips in Hindi) जिससे बच्चा स्वस्थ्य और हैल्दी हो।

गर्भ में आठवां महीना खत्म होने के साथ ही मां के पेट में बच्चे के द्वारा पैर चलाने जैसा महसूस होता है। यही समय होता है जब एक मां को ज्यादा सावधानियां बरतने की जरूरत होती है। नौवें महीने में बच्चा पेट के अंदर लात मारता है जिसके कारण मां को एक मीठा सा दर्द भी महसूस होता है। प्रेगनेंसी के 37वें से लेकर 40वें सप्ताह में उसके पैदा होने की संभावनाएं होती है। अगर 40वें सप्ताह में भी बच्चा पैदा नही हो तो डॉक्टर से कंसल्ट करें।

प्रेगनेंसी के नौवे महीने में खानपान का रखें विशेष ख्याल – diet for ninth month pregnancy in Hindi

प्रेगनेंसी के नौवे महीने में मां को अपने सेहत का विशेष ख्याल रखना चाहिए । इस दौरान महिला को अपने खाने को तीन बड़ें हिस्से के बजाए 5 से 6 बार में लेना चाहिए। प्रेगनेंसी के दौरान  इस बात का खास ख्याल रखने की महिला ज्यादा समय तक भूखे नहीं रहे। प्रेगनेंसी के आखिरी चरण में ऐसे अहारों को लेना चाहिए जिसमें कैल्शियम (Calcium) की मात्रा अधिक हो जैसे लौ फैट मिल्क और डेयरी प्रोडक्ट (Dairy Products)। इसके अलावा ताजे फल और सब्जियों का सेवन करते रहे। साथ ही विटामिन्स, मिनिरल्स और प्रोटीन का सेवन भी चालू रखें।

(और पढ़े – गर्भावस्था में आहार जो देगा माँ और बच्चे को पूरा पोषण)

आईए जानते है नौवे महीने में  पेट के अंदर बच्चे के साथ क्या हो रहा है – what is happening in the ninth month pregnancy in Hindi

  • नौवें महीने आते-आते बच्चे के अंगों को विकास लगभग पूरा हो जाता है।  बस थोड़े अंतिम सुधार होते हैं।
  • बच्चा 1/2 औंस प्रति दिन की दर से शारीरिक वसा एकत्रित करता है। शायद इसलिए हमारे बड़े इस अंतिम तिमाही के दौरान आपको अपने खाने पर ध्यान देने के लिए कहते हैं।
  • इस समय आपके बच्चे का सिर नीचे की तरफ होना चाहिए।
  • बच्चे के वृक्क अभी भी प्रतिदिन कई लीटर मूत्र उत्पन्न कर रहे होंगे।
  • जन्म के दौरान फेफड़ों के फैलने में सहायता करने के लिए बच्चे के फेफड़े से तरल सक्रिय कारक स्रावित हो रहा होगा।
  • बच्चे की गतिविधि कम होगी क्योंकि बच्चे का विकास लगभग पूरा हो गया होगा।

प्रेगनेंसी के नौवे महीने आप ये काम कर सकती है You can do this in ninth month pregnancy in Hindi

  • नौवें महीने में भी आप झाड़ू-पोंछा कर सकती है। अगर पोंछा नहीं लगा पा रही है तो झाड़ू लगाने की कोशिश करें। इससे पीठ, रीढ़ की मांसपेशियों व हड्डियों को आराम मिलता है। ऐसा तभी करें जब आप पूरी तरह स्वस्थ हों।
  •  इस दौरान आप भूरे चावल, रोटी, हरी पत्तेदार सब्जियां, दूध, मछली, मांस, अंडे आदि से युक्त संतुलित आहार लें।
  • पर्याप्त आराम करें। यदि आपके बड़े-बुजुर्ग दोपहर के समय आपको सोने से मना करते हैं तो अपने चिकित्सक से सलाह जरूर ले।
  • अपने चिकित्सक द्वारा निर्देशित सप्लीमेंट लें। (और पढ़े – गर्भावस्था के समय क्या न खाएं)
  • भारतीय शौचालय का इस्तेमाल करें।  यह आपको स्क्वाट (Squat) की मुद्रा देता है जो डिलीवरी के समय आपके लिए लाभदायक होती है।
  •  डिलीवरी के अंतिम चरण में किसी भी प्रकार का तनाव (Stress) नहीं लें। तनावमुक्त रहने की कोशिश करना आपके लिए और आपके बच्चो दोनों के लिए अच्छा है।

प्रेगनेंसी के नौवे महीने में आपकी चुनौतियां – Challenges in Ninth Month Pregnancy in Hindi

प्रेगनेंसी के नौवे महीने में ये लक्षण होने पर तुरंत डॉक्टर से सम्पर्क करें – Contact doctor if these symptoms occur ninth month pregnancy in Hindi

  • नौवें महीने में योनि से सफेद पानी जैसा द्रव्य निकले तो तुरंत डॉक्टर से सम्पर्क करें।
  • इस दौरान हल्का दर्द होना आम बात है लेकिन दर्द ज्यादा हो डॉक्टर के पास जाए।
  • नौवें महीने में दर्द उठे या न उठें डॉक्टर द्वारा दी गई तिथि पर डॉक्टर के पास जरूर जाए। ऐसा नहीं करने से कई बार परेशानी का सामना करना पड़ता है। (और पढ़े – जानबूझकर सिजेरियन डिलीवरी कराने से पहले इन 3 बातों को जान लें)
  • प्रेगनेंसी के आखिरी समय पर बुखार आए या बीपी कम या ज्यादा हो तो डॉक्टर के पास जाने में जरा भी देर नहीं करें।
  • अगर आपके वक्ष में दर्द ज्यादा हो तो डॉक्टर के पास जाए। (और पढ़े – नॉर्मल डिलीवरी करने के उपाय)

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