हेल्थ टिप्स

किडनी को बहुत नुकसान पहुंचाती है आपकी ये 12 गलत आदते, आज ही बदलें इन्हें

10 आम आदतें जो आपकी किडनी को नुकसान पहुंचा सकती हैं - 10 Common Habits That May Harm Your Kidneys in Hindi

किडनी हमारे शरीर का एक महत्‍वपूर्ण अंग है लेकिन आपको पता ही नहीं कि आप धीमे जहर का उपयोग करके किडनी को नुकसान पहुंचा रहे हैं। क्‍या आप जानते हैं कि आपकी 12 आम आदतें आपकी किड़नी को नुकसान पहुंचा सकती हैं। सामान्‍य रूप से कोई इन आदतों पर ध्‍यान नहीं देता है जबकि किड़नी संबंधित किसी भी प्रकार की बीमारी होने पर महंगे से महंगा इलाज करवाना पड़ सकता है। स्‍वास्‍थ्‍य संबंधी अधिकांश समस्‍याओं का प्रमुख कारण हमारा खराब खान-पान होता है। लेकिन कई आदतें हमारे गुर्दे को भी नुकसान पहुंचा सकती है। जिसके परिणामस्‍वरूप हमारी किड़नी काम करना बंद कर सकती है। अक्‍सर जाने-अनजाने में हमारी कई आदतें इसे नुकसान पहुंचा कर शरीर को बीमार कर सकती हैं। इसलिए आपको उन आदतों के बारे में पता होना चाहिए जो आपकी किडनी स्‍वास्‍थ्‍य के लिए खराब होती हैं।

यदि आपकी किडनी ठीक से काम नहीं करेंगीं, तो आपका शरीर रक्त को फ़िल्टर करने और शरीर से अपशिष्ट उत्पादों को बाहर निकालने की क्षमता खो देगा। इससे आपके शरीर में अपशिष्ट पदार्थ के साथ ही  विषाक्त पदार्थों का संचय होने लगेगा जिससे आप जल्दी ही बीमार हो सकते हैं। इसलिए उन आदतों के बारे में जानने के लिए हमारा यह लेख पढ़ें जो आपके गुर्दे और उनके कामकाज को किसी न किसी तरह से नुकसान पहुंचा सकती हैं।

किडनी को नुकसान पहुंचाने वाली आदतें

किडनी को नुकसान पहुंचाने वाली आदतें

किडनी (गुर्दा) मानव शरीर का एक ऐसा फ़िल्टर है जो ब्लड को दिल में भेजने से पहले उसे फ़िल्टर करने का काम करता है। किडनी मूत्र के द्वारा शरीर में जाने वाले अपशिष्ट पदार्थ को भी रोकती है। किडनी शरीर में  द्रव का संतुलन बनाए रखने के लिए भी जिम्मेदार हैं। किडनी हमारे शरीर से अपशिष्ट पदार्थ के साथ कुछ विशेष विषाक्त पदार्थों को फ़िल्टर करती है और उन्हें मूत्र के रूप में परिवर्तित कर शरीर से बाहर करने में मदद करती है। कुछ आदतें हैं जो आपके गुर्दे (किडनी) के स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकती हैं। हप सकता है आपको उनके बारे में पता भी न हो, लेकिन ये आदतें आपकी किडनी पर हानिकारक प्रभाव छोड़ सकती हैं जो आपके स्वास्थ्य को कई तरह से प्रभावित कर सकती हैं। आइए जाने कुछ ऐसी आम आदतें जो किडनी को नुकसान पहुंचाती हैं।

अधिक दर्द निवारक दवाओं का सेवन करना

अधिक दर्द निवारक दवाओं का सेवन करना - Consuming more painkillers in Hindi

अधिक दर्द निवारक दवाओं का सेवन करना आपकी किडनी को नुकसान पंहुचा सकता है। सामान्‍य दर्द या चोट आदि होने पर हम अक्‍सर दर्द से राहत पाने के लिए दर्द निवारक दवाओं का सेवन करते हैं। जो आपको दर्द से राहत दिला सकते हैं। लेकिन अधिक मात्रा में दर्द निवारक दवाओं का सेवन करने की आदत आपकी किडनी को नुकसान पहुंचा सकती है। विशेष रूप से उस दौरान जब आप पहले से ही किड़नी की बीमारी से परेशान हैं। इसलिए विशेष आवश्‍यकता होने पर ही दर्द निवारक दवाओं का सेवन करना चाहिए। साथ ही आपको इस बात का भी ध्‍यान रखना चाहिए कि अनुशंसित खुराक से अधिक मात्रा में भी इन दवाओं का सेवन न करें। क्‍योंकि ये आपके गुर्दे को नुकसान पहुंचा सकती हैं। क्‍योंकि आपको पता ही नहीं चलेगा कि दर्द निवारक दवाओं के रूप में धीमे जहर का सेवन कर रहे हैं।

(और पढ़ें – किडनी को खराब करने वाली आदतें)

नमक का अधिक सेवन करना

नमक का अधिक सेवन करना - Consuming more salt in Hindi

बहुत अधिक नमक खाना, आपके गुर्दे के लिए हानिकारक हो सकता है। अधिकांश लोग अपने भोजन में अधिक नमक का उपयोग करते हैं। जबकि यह आदत उनके गुर्दे के लिए हानिकारक हो सकती है। क्‍योंकि नमक में उच्‍च सोडियम होता है जो व्‍यक्ति के रक्‍तचाप को बढ़ा सकता है। जिसके परिणामस्‍वरूप आपकी किडनी को नुकसान हो सकता है। इसलिए अपने भोजन में अधिक नमक के बजाये अन्‍य हर्बल जड़ी बूटियों और मसालों का उपयोग करें जो आपके भोजन को स्‍वाद दिलाने के साथ ही आवश्‍यक पोषक तत्‍व उपलब्‍ध कराते हैं। इसके अलावा किडनी को स्वस्थ्य रखने कके लिए आपको अपने भोजन में ऊपर से अतिरिक्‍त नमक लेने की आदत से भी बचना चाहिए।

(और पढ़ें – नमक के पानी के फायदे और नुकसान)

प्रोसेस्‍ड फूड का अधिक मात्रा में खाना

प्रोसेस्‍ड फूड का अधिक मात्रा में खाना - Overeating processed food in Hindi

प्रसंस्‍कृत खाद्य पदार्थ (processed food) सोडियम और फास्‍फोरस के अच्‍छे स्रोत होते हैं। आज की व्‍यस्‍त जीवनशैली में अधिकांश लोग दैनिक आहार के लिए इसी प्रकार के प्रसंस्‍कृत खाद्य पदार्थों पर निर्भर हैं। जबकि उन्‍हें यह पता नहीं है कि उनकी यह आदत किडनी पर हानिकारक प्रभाव डालती है। जिन लोगों को गुर्दे संबंधी बीमारियां हैं उन्‍हें विशेष रूप से प्रोसेस्‍ड फूड का सेवन करने से बचना चाहिए। ऐसे लोगों को फास्‍फोरस की उच्‍च मात्रा वाले खाद्य पदार्थों से दूर रहना चाहिए। अध्‍ययनों से पता चलता है कि प्रसंस्‍कृत खाद्य पदार्थों से प्राप्‍त फास्‍फोरस भी एक प्रकार का धीमा जहर है। जिसका अधिक मात्रा में सेवन करना उनके गुर्दे और हड्डियों के लिए हानिकारक हो सकता है।

(और पढ़ें – किडनी फेल, कारण, लक्षण, निदान और उपचार)

किडनी को ख़राब करने वाली आदत पर्याप्‍त पानी न पीना

पर्याप्‍त पानी न पीना - Not drinking enough water in Hindi

दैनिक जरूरत के अनुसार पर्याप्‍त पानी नहीं पीने की आदत आपके गुर्दे के लिए ठीक नहीं है। क्‍योंकि अच्‍छी तरह से हाइड्रेटेड रहने से आपके गुर्दे शरीर से सोडियम और विषाक्‍त पदार्थों को साफ करने में मदद करते हैं। इसके अलावा गुर्दे की पथरी या किडनी स्‍टोन से बचने के लिए भरपूर मात्रा में पानी पीना चाहिए। पानी के सेवन में कमी से भी गुर्दे की पथरी हो सकती है। लेकिन पहले से किडनी संबंधी बीमा‍री वाले या किडनी फेल वाले रोगी को अधिक मात्रा में पानी पीने से बचना चाहिए। सामान्‍य लोगों को नियमित रूप से प्रतिदिन 1.5 से 2 लीटर पानी पीना चाहिए।

(और पढ़ें – पानी की कमी (निर्जलीकरण) क्या है, लक्षण, कारण और इलाज)

पर्याप्‍त नींद न ले पाना

पर्याप्‍त नींद न ले पाना - Not getting enough sleep in Hindi

मौजूदा समय में पूरी नींद न लेना या देर रात में सोना और जल्‍दी उठना लोगों की सबसे खराब आदत बन गई है। महिला हो या पुरुष दोनों ही इस बुरी लत से परेशान हैं। पर शायद ही उन्‍हें इस बात का अनुभव हो कि वे इस आदत से अपने शरीर के लिए धीमे जहर का उपयोग कर रहे हैं। किसी व्‍यक्ति के लिए समग्र स्‍वास्‍थ्‍य के आराम और पर्याप्‍त नींद लेना आवश्‍यक है। ठीक इसी तरह किडनी स्‍वास्‍थ्‍य को बनाए रखने के लिए भी अच्‍छी नींद लेना बहुत ही महत्‍वपूर्ण हैं। क्‍योंकि आपके सोने और जागने के चक्र द्वारा किडनी फंक्‍शन को निय‍ंत्रित किया जाता है। आप भी अपनी किडनी के सुचारू क्रियानवयन के लिए नियमित रूप से कम से कम 7 घंटे की अच्‍छी नींद लेना सुनिश्चित करें। अन्‍यथा पर्याप्‍त नींद न लेने की आदत आपकी किडनी संबंधी बीमारियों का कारण बन सकती हैं।

(और पढ़ें – पथरी होना क्या है? (किडनी स्टोन) पथरी के लक्षण, कारण और रोकथाम)

बहुत ज्‍यादा मांस खाना

बहुत ज्‍यादा मांस खाना - Eating Too Much Meat in Hindi

शरीर को स्‍वस्‍थ रखने के लिए संतुलित आहार की आवश्‍यकता होती है। संतुलित आहार में शाकाहार और मांसाहार दोनों प्रकार के खाद्य पदार्थों का उपयोग किया जाना चाहिए। लेकिन अपने भोजन में मांस का अधिक उपयोग करना भी उन गलत आदतों में शामिल है जो किड़नी के लिए हानिकार हो सकते हैं। क्‍योंकि मांस में पशू प्रोटीन की उच्‍च मात्रा होती है। पशु प्रोटीन रक्‍त में एसिड की उच्‍च मात्रा उत्‍पन्‍न करता है जो किड़नी को नुकसान पहुंचा सकता है और एसिडोसिस (acidosis) का कारण बन सकता है। यह एक ऐसी स्थिति है जिसमें किडनी एसिड को तेजी से अलग नहीं कर पाते हैं। परिणाम स्‍वरूप शरीर में इस एसिड का स्‍तर बढ़ जाता है जो शरीर को विभिन्‍न प्रकार से नुकसान पहुंचा सकता है। हालांकि शरीर के उचित विकास के लिए प्रोटीन आवश्‍यक है लेकिन इसकी प्राप्ति के लिए फलों और सब्जियों को भी उपयोग किया जा सकता है।

(और पढ़ें – किडनी पेशेंट को क्या खाना चाहिए )

बहुत अधिक मीठा भोजन करना

बहुत अधिक मीठा भोजन करना - Eating Too Many Foods High in Sugar in Hindi

यदि आप भी बहुत अधिक मीठा भोजन पसंद करते हैं तो सावधान रहें। हो सकता है मीठे भोजन के रूप में आप जहर का सेवन कर रहे हों। इसलिए आपको आवश्‍यकता से अधिक मीठा खाना खाने से बचना चाहिए। बहुत अधिक मीठा खाने की आदत आपकी किडनी को नुकसान पहुंचा सकती है। शरीर में चीनी की उच्‍च मात्रा मोटापे का कारण बन सकती है जो उच्‍च रक्‍तचाप और मधुमेह जैसी समस्‍याओं को बढ़ा सकता है। इसलिए यदि आप अपनी किडनी को स्‍वस्‍थ रखना चाहते हैं तो अधिक मीठा खाने की आदत को छोड़ें। क्‍योंकि यह आपकी सेहत में धीमा जहर घोल सकता है।

(और पढ़ें – किडनी को साफ करने के उपाय)

नियमित व्‍यायाम न करने की आदत

नियमित व्‍यायाम न करने की आदत - Habit of not exercising regularly in Hindi

दैनिक जीवन में व्‍यायाम न करना भी एक बुरी आदत है जो किडनी सहित अन्‍य स्‍वास्‍थ्‍य समस्‍याओं का कारण है। नियमित रूप से व्‍यायाम करने से आपका ब्‍लडप्रेशर कंट्रोल में रहता है जो किडनी की सेहत को बेहतर बनाए रखने में सहायक होता है।

(और पढ़ें – किडनी को स्वस्थ रखने के लिए योग)

देर तक पेशाब रोकने की आदत

देर तक पेशाब रोकने की आदत - Habit of stopping urination for too long in Hindi

अक्‍सर इस प्रकार की समस्‍या महिलाओं के साथ होती है जब वे घर से कहीं बाहर जाती हैं। ऐसी स्थिति में पेशाब आने पर वे पब्लिक टायलेट का उपयोग करने के बजाये बहुत देर तक पेशाब को रोककर रखते हैं। आपकी यह गलत आदत किड़नी को खराब करने का कारण बन सकती है। क्‍योंकि बहुत देर तक पेशाब को रोकने से किडनी में दबाव पड़ता है। जिसके कारण किडनी खराब होने की संभावना बढ़ जाती है। इसलिए हेल्‍दी किडनी के लिए पेशाब को लंबे सयम तक रोक कर रखने की गलती न करें।

(और पढ़ें – ज्यादा देर तक पेशाब रोकने से हो सकते है ये नुकसान)

बहुत अधिक धूम्रपान करना

बहुत अधिक धूम्रपान करना - Smoking too much in Hindi

यह सभी जानते हैं धूम्रपान आपके फेफड़ों या दिल के लिए हानिकारक होता है। लेकिन क्‍या आपको पता है कि अधिक धूम्रपान करना आपकी किडनी के लिए भी अच्‍छा नहीं होता है। वर्तमान कम उम्र के अधिकांश युवा और युवतीयां धूम्रपान कर रहे हैं। लेकिन धूम्रपान करने से इसके जहरीले और हानिकारक घटक फेफड़ों के माध्‍यम से रक्‍त में घुल जाते हैं जिन्‍हें अलग करने के लिए किडनी को दिक्‍कतों का सामना करना पड़ता है। ऐसी स्थिति रक्‍त में मौजूद विषाक्‍तता को सही तरह से अलग न कर पाने के कारण किडनी में दिक्‍कत आना शुरू हो जाती है। इसी कारण से कहा जाता है कि युवा अक्‍सर धूम्रपान के रूप में अपनी किडनी के लिए धीमा जहर ले रहे हैं।

(और पढ़ें – धूम्रपान छोड़ने के सबसे असरदार घरेलू उपाय और तरीके)

बहुत अधिक शराब पीना

बहुत अधिक शराब पीना - Drinking Alcohol in Excess in Hindi

अधिक मात्रा में शराब का सेवन किसी भी प्रकार से शरीर के लिए लाभकारी नहीं होता है। नियमित रूप से एक दिन में 4 बार से अधिक शराब का सेवन करना क्रोनिक किडनी रोग की संभावना को दो गुने तक बढ़ा सकता है। यदि आप अपनी किड़नी को फेल होने से रोकना चाहते हैं तो शराब पीने की आदत को बदलें। शराब की अधिक मात्रा आपके जीवन में जहर घोल सकती है। बहुत अधिक शराब का सेवन करना किडनी-डैमेज करने की बुरी आदत है, इसमें टॉक्सिन्स होते हैं जिससे यह यह किडनी पर तनाव बढ़ाती है।

(और पढ़ें – शराब पीने के फायदे और नुकसान और शरीर पर इसका प्रभाव)

लंबे समय तक बैठना या निष्क्रिय जीवन शैली जीना

लंबे समय तक बैठे रहने को गुर्दे की बीमारियों के विकास से जोड़ा जाता है। लंबे समय तक एक जगह बैठे रहना या निष्क्रिय जीवनशैली का नेतृत्‍व करना भी आपकी किडनी को नुकसान पहुंचा सकता है। हालांकि शोधकर्ता यह बताने में असमर्थ हैं कि निष्क्रिय जीवनशैली किस प्रकार से किडनी के स्‍वास्‍थ्‍य को बिगाड़ सकती है। परन्तु यह ज्ञात है कि बेहतर शारीरिक गतिविधि बेहतर रक्‍तचाप और ग्‍लूकोज चयापचय का समर्थन करती है जो किडनी स्‍वास्‍थ्‍य में अहम भूमिका निभाता है। अगर आप लम्बे समय तक बैठकर काम करते हैं, तो नियमित अंतराल के बाद टहलने की दिनचर्या बनाएं।

(और पढ़ें – किडनी रोग क्या है कारण, लक्षण, जांच, इलाज और रोकथाम)

Leave a Comment

Subscribe for daily wellness inspiration