पीरियड के कितने दिन बाद प्रेगनेंसी होती है – Periods ke kitne din baad pregnancy Hoti hai in Hindi

पीरियड के कितने दिन बाद प्रेगनेंसी होती है - Periods ke kitne din baad pregnancy Hoti hai in Hindi
Written by Akansha

प्रेगनेंसी को लेकर महिलाओं के मन में बहुत से सवाल होते है, पर ज्यादातर महिलाएं यह जानना चाहती है की पीरियड के कितने दिन बाद प्रेगनेंसी होती है और पीरियड्स के कितने दिन बाद वो प्रेग्नेंट हो सकती है। कई महिलाएं प्रेगनेंसी की बात सोच कर खुश होती है कुछ महिलाएं घबरा जाती है क्योकि शायद वह बच्चे की जिम्मेदारी के लिए पूरी तरह तैयार नहीं होती है, इस वजह से कई महिलाओं को तनाव से भी गुजरना पड़ता है। कुछ महिलाओं को यह डर रहता है की कहीं पीरियड्स के टाइम पर अपने साथी के साथ यौन सम्बन्ध बनाने से वह गर्भवती तो नहीं हो जाएगी या पीरियड्स के कितने दिन बाद वह गर्भवती हो सकती है। तो चलिए आज इस लेख में जानते है की पीरियड्स के कितने दिन बाद प्रेगनेंसी होती है और इसकी क्या प्रक्रिया है।

  1. पीरियड्स के कितने दिन बाद तक प्रेग्नेंट हो सकते है – Periods ke kitne din baad pregnancy Hoti hai in Hindi
  2. पीरियड्स के कितने दिन बाद प्रेगनेंसी नहीं होती है – Periods ke kitne baad pregnancy nahi Hoti hai in hindi
  3. ओवुलेशन पीरियड फॉर प्रेगनेंसी – Ovulation period for pregnancy in Hindi
  4. ओव्यूलेशन की गणना करें – Calculating ovulation in hindi
  5. ओव्यूलेशन के लक्षण – Signs of ovulation in Hindi

पीरियड्स के कितने दिन बाद तक प्रेग्नेंट हो सकते है – Periods ke kitne din baad pregnancy Hoti hai in Hindi

पीरियड्स के कितने दिन बाद तक प्रेग्नेंट हो सकते है - Periods ke kitne din baad pregnancy Hoti hai in Hindi

आखिर पीरियड्स के कितने दिन बाद गर्भ ठहरता है यह कह पाना थोड़ा मुश्किल है क्योकि कभी कभी ऐसा भी होता है की पीरियड्स के तुरन्त बाद भी आप प्रेग्नेंट हो सकती है। वैसे तो ऐसा होने की बहुत ही कम संभावना होती है परन्तु अगर आप असुरक्षित यौन सम्बन्ध बनाती है तो गर्भवती होने की संभावना हो सकती है। वैसे बहुत से डॉक्टरों का मानना है की पीरियड्स में किसी भी समय आप प्रेग्नेंट हो सकती है।

हम आपकी जानकारी के लिए यह बता दें की पूरे महीने में ऐसा कोई भी समय नहीं होता है जब आप गर्भवती नहीं हो सकती है, यदि आप बिना गर्भनिरोधक या प्रोटेक्शन के बिना यौन सम्बन्ध बनाती है तो आपके गर्भवती होने की पूरी संभावना रहती है। लेकिन माहवारी के समय जब ओव्यूलेशन (Ovulation) की प्रक्रिया होती है और अंडा रिलीज़ होता है उस समय गर्भवती होने की ज्यादा संभावना रहती है, इसलिए आप को पीरियड के बाद प्रेगनेंसी के लिए अपने मासिक धर्म चक्र को ठीक से समझना होगा।

आपका मासिक धर्म चक्र पीरियड्स के पहले दिन से शुरू होता है और अगले माह के पीरियड्स के पहले दिन पर ख़त्म होता है जिसे मेंस्ट्रुअल साइकिल कहा जाता है। इस समय एग महिला के अंडाशय से निकलता है जिसे ओव्यूलेशन कहा जाता है। यह प्रक्रिया अगले महीने के पीरियड्स आने के 12-14 दिन पहले शुरू होती है। इसलिए इस समय यौन सम्बन्ध बनाने से गर्भवती होने की संभावना ज्यादा रहती है।

(और पढ़े – जानें गर्भधारण करने का सही समय क्या है…)

पीरियड्स के कितने दिन बाद प्रेगनेंसी नहीं होती है – Periods ke kitne baad pregnancy nahi Hoti hai in hindi

पीरियड्स के कितने दिन बाद प्रेगनेंसी नहीं होती है - Periods ke kitne baad pregnancy nahi Hoti hai in hindi

जैसा की हमने आपको बताया की पीरियड्स के बाद भी प्रेगनेंसी हो सकती है। जब ओव्यूलेशन की प्रक्रिया होती है उस समय अंडा रिलीज़ होता है, तब अंडा रिलीज़ होने के 5 दिन पहले से और अंडा रिलीज़ होने तक महिला के प्रेग्नेंट होने की संभावना बनी रहती है। परन्तु मासिक धर्म आने से पहले और मासिक धर्म के पहले दिन से लेकर 6वें दिन तक गर्भवती होने की संभावना बहुत ही कम होती है।

अगर किसी महिला की माहवारी बहुत ही कम समय की होती है जैसे 19-22 दिन की तो ऐसे में यदि बो महिला यौन सम्बन्ध स्थापित करती है तो उसके गर्भवती होने की संभावना ज्यादा रहती है, क्योकि आपको यह पता होना चहिये की सेक्स के बाद स्पर्म महिला के शरीर में कम से कम 5 दिन तक रह सकते है ऐसे में जिन महिलाओं का मासिक धर्म चक्र छोटा होता है उन महिलाओं में ओव्यूलेशन की प्रक्रिया जल्दी होने लगती है जिससे वह गर्भवती हो सकती है। वैसे तो पीरियड्स में गर्भवती होने की संभावना ना के बराबर होती है लेकिन कुछ मामलों में महिलाओं का माहवारी के समय गर्भवती होना पाया गया है।

इसलिए अगर आप अभी गर्भवती होने के लिए तैयार नहीं है तो पीरियड्स के समय या आम दिनों में भी गर्भनिरोधक या अन्य तरह के प्रोटेक्शन के बिना यौन सम्बन्ध स्थापित ना करें।

(और पढ़े – अनियमित माहवारी में कैसे करें गर्भधारण…)

ओवुलेशन पीरियड फॉर प्रेगनेंसी – Ovulation period for pregnancy in Hindi

ओवुलेशन पीरियड फॉर प्रेगनेंसी - Ovulation period for pregnancy in Hindi

ओव्यूलेशन प्रक्रिया में एक अंडाशय में से एक अंडा रिलीज़ होता है। रिलीज़ होने बाद, अंडा फैलोपियन ट्यूब में चला जाता है, जहां यह कम से कम 24 घंटे या उससे ज्यादा समय के लिए वहां रहता है। गर्भावस्था की प्रक्रिया तब होती है जब स्पर्म फैलोपियन ट्यूब से होते हुए अंडे के पास जाता है और इस दौरान अंडे को फर्टिलाइज (Fertilize) करता है। यदि स्पर्म अंडे को फर्टिलाइज नहीं करता है, तो अंडा गर्भाशय में चला जाता है और टूट जाता है, जिसका मतलब यह है की अंडा बेकार हो गया है और यह अगले मासिक धर्म के दौरान शरीर छोड़ने के लिए तैयार हो गया है।

(और पढ़े – ओव्यूलेशन (अंडोत्सर्ग) क्या है, साइकिल, कब होता है, कितने दिन तक रहता है और लक्षण…)

ओव्यूलेशन की गणना करें – Calculating ovulation in Hindi

ओव्यूलेशन की गणना करें - Calculating ovulation in hindi

अगर किसी महिला का मासिक चक्र 28 दिनों का होता है तो उसकी ओव्यूलेशन प्रक्रिया पीरियड्स आने के लगभग 14 दिन पहले से शुरू हो जाएगी। अधिकांश महिलाएं अपने चक्र के 11 और 21 दिनों के बीच ओव्यूलेट करती हैं। उनके अंतिम मासिक धर्म (LMP) का पहला दिन मासिक चक्र का 1 दिन कहलाता है। ओव्यूलेशन की प्रक्रिया हमेशा हर महीने एक ही दिन पर शुरू नहीं होती है यह अपेक्षित (expected) तिथि के दिन या उससे ज्यादा दिन भी हो सकती है।

ओव्यूलेशन के आसपास के हिस्से के चक्र को डॉक्टर द्वारा फर्टाइल विंडो (fertile window) कहा जाता हैं, क्योंकि इस समय किसी भी महिला के गर्भवती होने की संभावना सबसे अधिक होती है। जैसे, यदि कोई महिला 14 तारीख को अंडोत्सर्ग (ovulate) करती  है, तो वह महिला उस दिन या अगले 24 घंटों के भीतर गर्भधारण कर सकती हैं। हालांकि,उन महिलाओं की फर्टाइल विंडो ओव्यूलेशन से कुछ दिन पहले शुरू हुई है और जैसा की हमने बताया की महिलाओं में स्पर्म शरीर के अंदर कम से कम 5 दिनों तक जीवित रह सकते हैं। क्योकि यदि कोई महिला 9 से 13 दिनों के बीच असुरक्षित यौन संबंध बनाती है और उसके बाद भले ही कोई महिला 14 या 15 तारीख को यौन संबंध नहीं बनाती है, फिर भी गर्भवती हो सकती है।

(और पढ़े – क्या होती है ओवुलेशन टेस्ट किट और कैसे करें इसका इस्तेमाल…)

ओव्यूलेशन के लक्षण – Signs of ovulation in Hindi

ओव्यूलेशन के लक्षण - Signs of ovulation in Hindi

ओव्यूलेशन के लक्षणों को ट्रैक करने से महिलाओं को हर महीने ओव्यूलेट करने के सटीक दिन को निर्धारित करने में मदद मिल सकती है। निम्न लक्षणों में शामिल हैं-

  • निचले पेट में हल्की ऐंठन होना
  • गीला, स्पष्ट, और अंडे की सफेदी के समान अधिक चिकनाहट वाला योनि स्राव निकलना
  • शरीर के तापमान में एक थोड़ी सी वृद्धि होना
  • एक उच्च सेक्स ड्राइव का अनुभव होना
  • इन संकेतों में से कुछ, जैसे कि शरीर का तापमान, ओव्यूलेशन होने के बाद भी बदलता रहता है इसलिए महिलाओं को फर्टाइल विंडो का पता करने के लिए शारीरक तापमान का उपयोग नहीं करना चाहिए।
  • आप फर्टाइल विंडो को ट्रैक करने के लिए अन्य विकल्प जैसे ओव्यूलेशन प्रेडिक्टर किट या फर्टिलिटी मॉनिटर का उपयोग भी कर सकती है।
  • इन दोनों विधियों का साथ में उपयोग करने से कोई भी महिला फर्टाइल विंडो को आसानी से ट्रैक कर पाएंगी।
  • इस तरह से आप पीरियड्स के कितने दिन बाद प्रेगनेंसी हो सकती है इसका पता आसानी से लगा सकती है और यदि आप गर्भवती होना चाहती है तो इन सभी तरीकों से आप पीरियड के बाद गर्भवती हो सकती है।

(और पढ़े – पीरियड्स के दिनों में दर्द क्यों होता है जानें मुख्य कारण…)

इसी तरह की अन्य जानकरी हिन्दी में पढ़ने के लिए हमारे एंड्रॉएड ऐप को डाउनलोड करने के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं। और आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं।

Leave a Comment

Subscribe for daily wellness inspiration