पांव में मोच आने के बाद क्‍या नहीं करना चाह‍िए, जानें मोच और फ्रेक्‍चर में अंतर -
हेल्थ टिप्स

पांव में मोच आने के बाद क्‍या नहीं करना चाह‍िए, जानें मोच और फ्रेक्‍चर में अंतर

पांव में मोच आने के बाद क्‍या नहीं करना चाह‍िए, जानें मोच और फ्रेक्‍चर में अंतर

Ankle Sprain in Hindi: पैर में मोच आना एक आम बात है, बच्चों को खेलते समय या बड़ों को ऑफिस जाते समय है कभी भी पांव में मोच आने की समस्या के सामना करना पड़ सकता हैं। लेकिन लोग पांव आई मोच को गंभीरता से नहीं लेते और सोचते है ये तो आसानी से खुद ही ठीक हो जाएगी। लेकिन ये आपके पैरों को सूजन या गंभीर दर्द दे सकती है। यदि आप मोच का सही समय में उपचार नहीं करते हैं, तो इससे भविष्‍य में अधिक गंभीर समस्‍याएं हो सकती हैं, जो आपको जीवन भर परेशान कर सकती है। इसलिए पांव की मोच के दर्द को कम न समझे। हालांकि पैर की मोच को आप अपने घर पर भी ठीक कर सकते हैं। आइये पांव की मोच को ठीक करने के घरेलू उपाय जानते हैं।

पांव में मोच आने पर ये करें

पांव में मोच आने पर ये करें

सबसे पहले आप पता करें कि आपके पैर में मोच आई है या फिर पैर फ्रेक्‍चर हो गया है। यदि आपके पांव में मोच आई है तो आप सबसे पहले इन चीजों को करें।

  1. आपके पैर के जिस हिस्से मोच आई है, आप उस हिस्से को आराम दें। ध्यान रखें कि उस हिस्से पर किसी भी प्रकार का दबाव न पड़ें।
  2. जैसे ही पांव में मोच आये आप उसके 48 से 72 घंटे के अंदर 15-20 मिनट के लिए बर्फ से सिकाई करें। बर्फ से सिकाई करने के लिए आप बर्फ को एक कपड़े में बांध ले उसके बाद सिकाई शुरू करें।
  3. अगर मोच वाली जगह पर अधिक दर्द होता है तो आप उस जगह पर एक बैंडेज बांध दें। ध्यान रखें कि बैंडेज को अधिक टाइट न लगाएं इससे आपके पैर में रक्त-संचार में समस्या हो सकती है।
  4. यदि आपके पैर में अधिक सूजन है तो आप मोच वाले पैर को तकिये के ऊपर रखें। इससे आपका पैर ऊपर रहेगा तो सूजन कम होगी।
  5. लेकिन ध्यान रखें कि अगर मोच वाला पैर अधिक ज़ख्मी हो गया हो, तो इसे अधिक समय के लिए तकिये पर ना रखें।

(और पढ़ें – सूजन के कारण, लक्षण और कम करने के घरेलू उपाय)

पांव में मोच आने पर यह न करें

पांव में मोच आने पर यह न करें

जब आपके पैर में मोच आ जाती है तब निम्न चीजों को अपने पैर के साथ नहीं करना चाहिये।

  1. जिस जगह पर आपको मोच है उस जगह पर आपको मसाज नहीं करना है।
  2. पांव में मोच होने पर आप किसी भी तरह की एक्ससाइज़ को न करें।
  3. पांव के मोच वाले हिस्से पर गर्म सिखाई, स्टीम बाथ और सोनाबाथ आदि का उपाय ना करें।
  4. वैसे तो शराब का सेवन हमेशा ही नुकसानदायक होता है लेकिन यदि पैर में मोच है तो इसे समय विशेष रूप से शराब न पियें। इससे आपके पांव कि सूजन और भी बढ़ सकती हैं और उसे ठीक होने में भी अधिक समय लग सकता हैं।

(और पढ़ें – मोच को ठीक करने के घरेलू उपाय)

पैर के फ्रैक्चर होने पर यह करें

पैर के फ्रैक्चर होने पर यह करें

यदि आपको पता चलता है कि पैर में मोच नहीं आई है बल्कि वह पैर फ्रैक्चर ही हो गया हैं। तब आपको निम्न उपायों को अपने पांव के साथ करना चाहिए।

  1. यदि आपका पैर फ्रैक्चर तो उसे बिल्कुल न हिलाएं और उसे सीधा ही स्थाई रहने दें।
  2. टूटी हुई हड्डी को सपोर्ट देने के लिए आप उसे किसी फुलपट्टी या छड़ी जैसी कठोर चीज़ बांध दें।
  3. अगर पैर के फ्रैक्चर वाले स्थान से खून निकल रहा है तो पहले एक साफ कपड़ें से दबाकर खून को निकलने से रोकें।
  4. खून के बंद होने पर फ्रैक्चर वाली जगह को पानी से साफ करें।
  5. यदि फ्रैक्चर वाली हड्डी के टुकड़े टूटकर अलग हो गए हों, तो उन टुकड़े को अपने पास रख लें। क्योंकि कई बार टूटी हुई हड्डी को फिर से जोड़ा जा सकता है।
  6. इसके बाद जितना जल्दी हो सके, डॉक्टर के पास जाएं, जिससे समय पर इलाज हो सके।

पैर के फ्रैक्चर होने पर यह न करें

जब किसी का पांव फ्रैक्चर हो जाता है तब आप इन चीजों को न करें।

  1. पैर के जिस स्थान पर चोट लगी हो वहां कोई मलहम न लगाएं।
  2. फ्रैक्चर वाले मरीज़ को अभी खाने पीने को कुछ भी न दें। क्योंकि कई बार मरीज़ के इलाज के लिए उसको बेहोश करने आवश्यकता होती है।

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