सफेद मूसली के फायदे और नुकसान – white musli benefits and side effects in Hindi

सफेद मूसली के फायदे और नुकसान - white musli benefits and side effects in Hindi
Written by Jaideep

white musli benefits in Hindi सफेद मूसली एक भारतीय जड़ी-बूटी है। इसका उपयोग प्राचीन समय से यूनानी और आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धतियों में किया जा रहा है। इस लेख में आप जानेंगे सफेद मूसली के फायदे (safed musli ke fayde) और नुकसान के बारे में, यह अपने आप में उत्तम प्रकार के पोषक तत्वों का संग्रह है। इसे क्लोरोफिटम बोरेवियायनम (Chlorophytum Borivilianum) या व्हाईट मुस्ली भी कहा जाता है। इसमें कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, एलकाइड और फाइबर की अच्छी मात्रा होती है। सफेद मूसली शक्तिशाली कामोत्तेजक और कैंसर, डायबिटीज, गठिया का उपचार करने में विश्वसनीय है साथ ही प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में हमारी मदद करने के लिए जानी जाती है।

सफेद मूसली पुरूषों के शारीरिक सुंदरता को बढ़ावा देने के साथ उनकी यौन शक्ति को बढ़ाने में मदद करती है। सफेद मूसली शरीर में होने वाली कमजोरी को दूर कर मांसपेशियों को मजबूत करती है। यह थकान, अनिद्रा पौरुष कमजोरी आदि को दूर करने में प्रभावी होती है। स्‍वस्‍थ शरीर के लिए मूसली का सेवन फायदेमंद होता है।

1. सफेद मूसली खाने के फायदे – Safed Musli Ke Fayde in Hindi

2. सफेद मूसली खाने का तरीका– Safed musli khane ka tarika aur vidhi in Hindi
3. सफेद मूसली के नुकसान – Safed musli Ke Nuksan in Hindi

सफेद मूसली खाने के फायदे – Safed Musli Ke Fayde in Hindi

मूसली का प्रयोग आयुर्वेद में प्राचीन समय से किया जा रहा है। आयुर्वेद प्रणाली में इसे यौन शक्ति से संबंधित उपचार के लिए इसे प्रथम स्‍थान दिया गया है। यह एक औषधीय टॉनिक की तरह उपयोग की जाती है। यह स्‍तनपान कराने वाली महिलाओं में दूध उत्‍पादन को बढ़ावा देने में बहुत उपयोगी होता है। साथ ही यह मोटापा को रोकने में मदद करता है। आइए जानते सफेद मूसली से होने वाले स्‍वास्‍थ लाभों के बारे में।

सफेद मूसली के फायदे थकान और कमजोरी के लिए – White musli For fatigue and weakness in Hindi

यदि आप जल्‍दी थक जाते है या आप शारीरिक रूप से कमजोरी का अनुभव करते है तो इसका इलाज सफेद मूसली के रूप में किया जा सकता है। यह आपकी थकान और कमजोरी को दूर करने में आपकी मदद कर सकती है। इसके लिए आप सफेद मूसली के पाउडर और चीनी को दूध के साथ मिलाकर सेवन करें। यह आपमें नई ऊर्जा का संचार करने में मदद करेगी। (और पढ़े – कमजोरी और थकान के कारण, लक्षण और इलाज)

सफेद मूसली के फायदे वजन बढ़ाने के लिए – White musli For weight gain in Hindi

सफेद मूसली (chlorophytum Borivillanum)का प्रयोग उन लोगों के लिए बहत ही फायदेमंद होता है जो लोग अपना बजन बढ़ाना चाहते है। मूसली कुपोषित शरीर को पोषण देता है। यदि आपको अपना बजन बढ़ाना है तो सफेद मूसली का सेवन नियमित रूप से दूध के साथ करना होगा यह निश्चित ही आपके बजन को बढ़ाने में मदद करेगा। (और पढ़े – दुबलापन मिटाने और वजन बढ़ाने के लिय वरदान है अश्वगंधा और शतावरी)

जिन लोगों को भूख कम लगने की शिकायत होती है उनका पाचन तंत्र सही तरह से कार्य नहीं करता है। उन लोगों के सफेद मूसली बहुत ही प्रभावी होती है।

सफेद मूसली के फायदे शुक्राणू बढ़ाने में – White musli For Oligospermia in Hindi

सफेद मूसली का प्रयोग यौन समस्‍याओं के उपचार के लिए बहुत ही प्रभावी होता है। सफेद मूसली शुक्राणूओं (Sperms) से संबंधित परेशानियों को दूर करने में बहुत ही लाभकारी होती है। यह पुरूषों में शुक्राणूओं की मात्रा, वीर्य की तरलता, यौन समय और तीव्रता आदि को बढ़ावा देता है। सफेद मूसली के सेवन से सीरम टेस्‍टोस्‍टेरोन (testosterone) की मात्रा को नियंत्रित करने के साथ टेस्टिकुलर (testicular) कार्य की क्षमता को भी बढ़ाता है। यौन कमजोरी को दूर करने के लिए सफेद मूसली बहुत ही प्रभावकारी विकल्‍प होता है। (और पढ़े – शुक्राणुओं की संख्या बढ़ाने का घरेलू उपाय)

आयुर्वेद में सफेद मूसली शुक्राणु क्षमता बढ़ाने के लिए बहुचर्चित औषधी है। हांलाकि यह अन्‍य उत्‍पादों के साथ मिला कर लिया जाने वाला खाद्य पदार्थ है। यदि आप इस प्रकार की समस्‍या से गुजर रहे है तो सफेद मूसली का प्रयोग जरूर करने यह आपकी यौन शक्ति बढ़ाने में आपकी मदद करेगी। इसमें मिलाने बाले अन्‍य अवय है:

  • गोकशूरा 16 प्रतिशत
  • शतावरी 16 प्रतिशत
  • विदारी कंद 16 प्रतिशत
  • इलायची बीज 10 प्रतिशत
  • प्रवल पिश्‍ती 5 प्रतिशत
  • मुक्‍ता पिश्‍ती 2.5 प्रतिशत
  • बैंग भस्‍म 2.5 प्रतिशत
  • सफेद मूसली 16 प्रतिशत

इसम मिश्रण को दूध के साथ लेने से लाभ होता है।

सफेद मूसली के फायदे स्वप्नदोष के लिए – Safed Musli Ke Fayde For Nightfall in Hindi

स्वप्नदोष (Nightfall) एक प्रकार की बीमारी की तरह है जिसमें रात्रि के समय अचानक ही हम वीर्य का निस्‍तारण करते है। ऐसा होने का कारण शारीरिक संबंधों के सपने, सोच, इच्छाएं और कल्पना के कारण होता है। आयुर्वेद में पित्त (Pitta) के लिए औषधि के रूप में सफेद मूसली को चुना जाता है। सफेद मूसली पित्त और वात (pitta and Vat) दोनों के उपचार के लिए उपयोग की जाती है। यह यौन कमी को दूर करने के साथ हमारे मस्तिष्क को नियंत्रित करने में भी हमारी मदद करती है। (और पढ़े – स्वप्नदोष रोकने के घरेलू उपाय)

इसके लिए हमें सफेद मूसली के साथ त्रिवंग भस्‍म, जटामांसी, मुलेठी, आंवला, इसबगोल (Psyllium husk) और विदिकंद आदि के पाउड़रों के मिश्रण का उपयोग करना चाहिए।

यदि आपको स्वप्नदोष के कारण कमजोरी, पीठ दर्द जैसी समस्‍याएं आ रही हो तो सफेद मूसली पाउड़र के शक्‍कर को मिलाकर कुछ दिनों तक इसका सेवन करें यह आपकी ऊर्जा बढ़ाने में मदद करेगा।

सफेद मूसली के फायदे गठिया के दर्द में – White Musli For Arthritis and Joint pain in Hindi

सफेद मूसली प्रतिरोधक गुणों से भरपूर होती है। जो कि गठिया और जोड़ों (osteoarthritis) में आई सूजन को दूर करने में मदद करता है। सफेद मूसली में उपस्थित सिनोविअल तरल (synovial) पदार्थ शेलशमाका कापा (Shelshmaka kapha) का नेत्रत्‍व करता है जो कि जोड़ो में चिकनाहट पैदा करता है और घर्षण को कम करता है। जोड़ो में इस प्रकार की चिकनाहट कम होने के कारण सूजन और दर्द (Swelling and pain) उत्‍पन्‍न हो जाता है। सफेद मूसली इस प्रकार के कफ को बढ़ाने में मदद करता है। इस प्रकार यह सिनोविअल तरल को बनाने और उसमें होने वाली कमी को रोकने के लिए लाभकारी होता है। इसका उपयोग सामान्‍य वजन वाले लोगों को करना चाहिए क्‍योंकि इसके उपयोग से आपका वजन भी बढ़ सकता है जो कि हानिकारक सिद्ध हो सकता है। (और पढ़े – गठिया (आर्थराइटिस) कारण लक्षण और वचाब)

महिलाओं में दूध उत्पादन के लिए सफेद मूसली के फायदे – Safed Musli Ke Fayde For Lactation in Hindi

सफेद मूसली पुरूषों के स्‍वस्‍थ शरीर और यौन शक्ति को बढ़ावा देने के साथ-साथ महिलाओं के स्वास्थ्य के लिए भी गुणकारी होती है। विशेष तौर पर उन महिलाओं के लिए जो गर्भवती है या जो स्‍तनपान करा रही है। सफेद मूसली गैलेक्‍टैगॉग (galacagogue) की तरह कार्य करता है। यह दूध उत्पादन में वृद्धि करने के लिए जाना जाता है। महिलाओं को मूसली पाउडर के साथ जीरा और शक्कर मिला कर सेवन करना चाहिए यह उनके दूध उत्पादन में वृद्धि करेगा।

सफेद मूसली के फायदे मधुमेह रोग में – Safed Musli Ke Fayde For Diabetes in Hindi

क्‍लोरोफेटम बोरिविलियनम (Chlorophytum Borivilianum) में बहुत सारे एंटीऑक्सिडेंट , एंटीहाइपरग्लिसिमिक (antihyperglycemic) और एंटीडाइबेटिक गुण होते है। इन्हीं गुणों के कारण सफेद मूसली डायबिटक मरीजों के उपचार में ज्यादा प्रभावी माना गया है। सफेद मूसली की तुलना एलोपैथिक दवा गिलबेक्‍लामाइड (Glibenclamide) से की जाती है।

सफेद मूसली उन डायबिटिक लोगों के लिए ज्‍यादा फायदेमंद होती है जो पतले या कम बजन बाले होते है। यह मोटे लोगों के लिए कम प्रभावी होता है। पतले और कमजोर डायबिटिक लोगों को प्रतिदिन आधा चम्‍मच सफेद मूसली पाउड़र दूध के साथ लेना चाहिए। यह उनके खून में चीनी की मात्रा को नियंत्रित करने में मदद करता है। (और पढ़े – शुगर ,मधुमेह लक्षण, कारण, निदान और बचाव के उपाय)

स्तंभन दोष के लिए सफेद मूसली के फायदे – Safed Musli Ke Fayde For Erectile Dysfunction in Hindi

सफेद मूसली का प्रयोग आयुर्वेद में सबसे ज्‍यादा यौन कमीयों को दूर करने के लिए किया जाता है। यह ऐसी औषधी है जो हमारे यौन स्‍वास्‍थ को बढ़ावा देने के लिए बहुत ही महात्‍वपूर्ण और प्रभावी होती है। इसमें किसी प्रकार का संदेह नहीं कि यह हमारे जन्‍नांग को मजबूती कठोरता और यौनक्रिया को लंबे समय तक (erection) बनाए रखता है।

सफेद मूसली हमारे यौन स्‍वास्‍थ्‍य के लिए बहुत ही उपयोगी होती है। इसका का मुख्य कार्य ऊर्जा देना, हार्मोन की वृद्धि कर उनमें नियंत्रण करना और हमारे लिए शुक्राणूओं का उत्पादन करना साथ सेक्स के समय को बढ़ाना में मदद करना है।

यदि आपको अधिक उत्‍तेजना की जरूरत हो तो इसके साथ अकरकरा का उपयोग करना चाहिए। सफेद मूसली अकेले उन लोगो के लिए मददगार होती है जिनमें मामूली कमी हो। गंभीर मामलों में अकरकरा (Akarkara) का प्रयोग करना चाहिए। (और पढ़े – इरेक्टाइल डिसफंक्शन नपुंसकता (स्तंभन दोष) कारण और उपचार)

सफेद मूसली खाने का तरीका– Safed musli khane ka tarika aur vidhi in Hindi

सफेद मूसली बहुत से एंटीऑक्सिडेंट और तनाव रोधी गुणों से युक्त होती है। यह हमारे शरीर के उत्तम विकास के लिए रसायन की तरह कार्य करती है। यह हमारी ऊर्जा शक्ति को बढ़ाने और हमारी आयु को बढ़ाने में हमारी मदद करती है। इसके लिए हमें नियमित रूप से इसका सेवन करना चाहिए। एक सामान्य और स्वस्थ व्यक्ति को प्रतिदिन 3-5 ग्राम सफेद मूसली पाउडर को दूध के लेना चाहिए। यह आपकी शक्ति में वृद्धि करने के साथ आपकी आयु में भी वृद्धि करेगी।

अच्छे स्वास्थ्य के लिए सफेद मूसली का उपयोग ऐसे करें!

सफेद मूसली का बहुत बड़ा लाभ हो सकता है लेकिन फिर भी, इसे सलाह दी जाती है कि अगर आप जल्द से जल्द बेहतरीन परिणाम चाहें तो इसका उपयोग बुद्धिमानी से करें।

  • यदि आप स्तनपान कराने वाली मां या गर्भवती महिला हैं, तो इसे समय अवधि के दौरान इसे लेने की सलाह नहीं दी जाती है।
  • यह सलाह दी जाती है कि वे 3 महीने के बाद एक डॉक्टर से परामर्श करें क्योंकि उन्हें दीर्घाविधि अवधि के उपयोग की अनुशंसा नहीं की जाती है।
  • बेहतर परिणाम के लिए उपभोग करने से पहले डॉक्टर से परामर्श करें क्योंकि सफ़ेद मूसली एक विषय है जो कि खाद्य एवं औषधि प्रशासन या एफडीए द्वारा पारित नहीं किया गया है।
  • इसे16 मिलीग्राम से 32 मिलीग्राम प्रति किलोग्राम शरीर के वजन लेने की सलाह दी जाती है।
  • अधिक मात्रा लेने से बचें और यदि आप खुराक का उपयोग कर रहे हैं तो पीछे लिखे गए निर्देशों के साथ जाएं।
  • गर्म दूध और चीनी के साथ इस्तेमाल होने पर वे सबसे अधिक लाभान्वित होते हैं

सफेद मूसली के नुकसान – Safed musli Ke Nuksan in Hindi

वैसे तो सफेद मूसली का उपयोग करने से किसी प्रकार के नुकसानों की कोई जानकारी नहीं है। आयुर्वेदिक होने के कारण यह आधिकतर लोगों की अच्‍छी सेहत के लिए प्रभावी होती है। लेकिन यह आपके शरीर के वजन को बढ़ा सकता है। इसको ज्‍यादा उपयोग करने से यह आपके शरीर में कफ की मात्रा को बढ़ा सकता है और पाचन क्रिया को मंद कर आपकी भूख को भी कम कर सकता है। इसका नियमित उपयोग करने से और कोई दूसरे नुकसान होने की सम्भावना कम होती है परन्तु फिर भी इसके ज्यादा सेवन से आपको बचना चाहिए।

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