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दालचीनी के फायदे, गुण, लाभ और नुकसान – Cinnamon Benefits and side effects in Hindi

Cinnamon Benefits in Hindi दालचीनी को हम मसालों के रूप में जानते है। यह हमारे व्यंजनों में अलग सी मिठास और स्वादिष्ट बनाने के लिए प्रयोग किया जाता है। पर इसके अलावा दालचीनी और भी कई महत्वपूर्ण कार्यों में उपयोग की जाती है। इस लेख में आप जानेंगे दालचीनी के फायदे, गुण, लाभ और दालचीनी के नुकसान – Cinnamon Benefits and side effects in Hindi के बारे में यह एक प्रकार की आयुर्वेदिक जड़ी-बूटी का रूप है इसमें बहुत से पोषक तत्व और खनिज पाए जाते है।

यह एंटी ऑकिसडेंट से भरपूर होते है साथ ही इनमें विटामिन A, C, E, K, प्रोटीन, ओमेगा-3, ओमेगा-6 फैटी एसिड कार्बोहाइड्रेट आदि उपस्थित होने के कारण मधुमेह, कैंसर, हृदय रोग, मोटापा जैसी बीमारीयों को ठीक करने या इनसे बचाने में प्रभावी होती है।

1. दालचीनी के फायदे – Cinnamon Benefits in Hindi

2. दालचीनी के नुकसान – Cinnamon Side effects in Hindi

दालचीनी के फायदे – Cinnamon Benefits in Hindi

Cinnamon दालचीनी का उपयोग पिछली कई सदियों से औषधीय रूप में किया जा रहा है। यह अपने पोषक तत्वों और गुणों के कारण मानव जाति के बहुत उपयोगी होती है। यह हमारे स्वास्थ्य लाभ के लिए अनिर्वाय औषधी बनती जा रही है। हम आपको इससे होने वाले फायदे और स्वास्थ्य लाभ के बारे में बताने जा रहे है जिन्हें जान कर आप दंग रह जायेंगे।

दालचीनी के गुण एंटीऑक्सिडेंट से भरपूर – Cinnamon High Source Of Antioxidants in Hindi

(Cinnamon) दालचीनी में हमारी हेल्‍थ से संबंधित बहुत सारे एंटीऑक्सिडेंट मौजूद रहते है जो हानिकारक तत्वों से होने वाले नुकसान से हमें बचाते है। यह असमय आए बुढ़ापे को भी रोकने में सक्षम होते है। एंटीऑक्सिडेंट की उपस्थित में यह अन्य आयुर्वेदिक औषधियों में सबसे ऊपर मानी जाती है। यह लहसुन, थाइम, दौनी और अयस्‍को सहित अन्‍य शक्तिशाली हर्बस और मसालों की तुलना में ज्यादा एंटीऑक्सिडेंट युक्त होता है।

दालचीनी में पॉलीफेनॉल (Polyphenols), फेनोलिक एसिड (phenolic acids) और फ्लैवोनाइड्स (flavonids) नामक एंटीऑक्सिडेंट होते है। ये वे एंटीऑक्सिडेंट है जो सुपर फुड्स में पाए जाते है। ये यौगिक शरीर में ऑक्‍सीडटिव तनाव को कम करने में मदद करते है। यह मस्तिष्‍क विकार, कैंसर, हृदय रोग आदि के उपचार में सहायक होते है। (और पढ़े – अपनी सोच को सकारात्मक बनाने के 5 तरीके)

दालचीनी के फायदे मधुमेह रोग में – Cinnamon For Diabetes in Hindi

Cinnamon दालचीनी का उपयोग मधुमेह के उपचार के लिए किया जाता है। एक शोध से यह पता चला है कि यह टाइप-2 प्रकार के मधुमेह वाले लोगों में शुगर को संतुलित करता है।

कैसिया दालचीनी (Cassia cinnamon) रक्त शर्करा को कंट्रोल करने में सबसे ज्‍यादा प्रभावी पाई गई है। अन्‍य टेस्‍ट भी यही बताते है कि जिन लोगों ने दालचीनी का उपयोग किया है उन लोगों खून में ग्‍लूकोज के स्‍तर को दालचीनी ने प्रभावित किया है। दालचीनी डायबिटिक लोगों के कोलस्‍ट्रोल के स्‍तर को भी नियंत्रित करती है।

दालचीनी एक लोकप्रिय मसाला है। यह सिनामाल्डिहाइड (Sinamaldehyde) नामक पदार्थ से भरपूर होते है जो कि अधिकांश स्‍वास्‍थ लाभ के लिए जिम्मेदार होते है। (और पढ़े – शुगर ,मधुमेह लक्षण, कारण, निदान और बचाव के उपाय)

दालचीनी के लाभ प्रतिरोधक गुणों से भरपूर – Cinnamon Has Anti-Inflammatory properties in Hindi

Cinnamon दालचीनी में सूजन (swelling) को कम करने में हमारी मदद करता है। यह हमारे शरीर को संक्रमण (infection) और उससे होने वाले नुकसान से बचाता है। ऐसा इसलिए है क्‍योंकि दालचीनी में एंटीऑक्सिडेट गुण होते है। यह अपने प्रतिरोधक गुणों के कारण हमें कई प्रकार की बीमारीयों और संक्रमण से बचाता है। यदि आपको अपनी प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाना है तो आप भी दालचीनी का उपयोग करना प्रारंभ कर दें। (और पढ़े – मूत्राशय में संक्रमण के कारण, लक्षण और बचाव

)

दालचीनी के फायदे दिल संबंधी रोग में – Cinnamon Help For Heart Disease in Hindi

Cinnamon दालचीनी का प्रयोग आपके दिल संबंधी रोगों के खतरे को कम करने में आपकी मदद कर सकता है जो कि समय से पहले मृत्‍यु का कारण होते है।

डायबिटीज टाइप 2 रोगी यदि प्रतिदिन 1 gm दालचीनी का सेवन करें तो उसके रक्त शर्करा पर लाभकारी प्रभाव पड़ता है। यह कोलेस्‍ट्राल, एलडीएल कोलेस्‍ट्राल और ट्रायग्लिसराइड्स के स्तर को कम करने में मदद करता है। जो कि हमारे स्वस्थ दिल के लिए हानिकारक होते है।

स्‍वस्‍थ दिल और मजबूत शरीर के लिए दालचीनी का सेवन बहुत फायदेमंद होता है। (और पढ़े – हार्ट अटेक कारण और बचाव)

दालचीनी के फायदे कैंसर के लिए – Cinnamon For Cancer in Hindi

कैंसर एक जानलेवा बीमारी है। कैंसर की रोकथाम और उपचार में दालचीनी का वैकल्पिक उपयोग किया जाता है। इसमें उपस्थित एंटीऑक्सिडेट कैंसर की कोशिकाओं के विकास को कम करने और ट्यूमर (Tumor) में रक्त वाहिकाओं के गठन के लिए जिम्मेदार होता है। यह कैंसर कोशिकाओं के लिए एक प्रकार के विष का कार्य करता है। जिससे कैंसर कोशिकाएं या तो मर जाती है या अचेत हो जाती है। कोलेन कैंसर के विषय में दालचीनी को डिटॉक्सिफाइंग एंजाइमों को प्रभावी रूप से उत्तेजित करना बताया गया है जो कैंसर की वृद्धि को रोकने में मदद करता है। (और पढ़े – कैंसर क्या है कारण लक्षण और बचाव के उपाय)

दालचीनी के फायदे फंगल संक्रमण के लिए – Cinnamon For Fungal Infections in Hindi

Cinnamon दालचीनी में सिनामाल्‍डेहाइड मुख्‍य घटक के रूप में मौजूद रहता है। जो कि विभिन्‍न प्रकार के संक्रमणों से लड़ने मे हमारी मदद करता है।

दालचीनी का तेल कवक संक्रमण (fungal infections)के कारण होने वाली श्‍वशन समस्‍याओं के उपचार में प्रभावी कार्य करता है। दालचीनी के एंटीमाइक्रोबायल प्रभाव भी दांत क्षय को रोकने में मदद करते है। यह मुंह की दुर्गंध को भी दूर करने के लिए फायदेमंद होता है। (और पढ़े – मुँह की बदबू दूर करने के घरेलू उपाय)

सिनामाल्‍डेहाइड में एंटीफंगल और जीवाणुरोधी गुण होते हैं, जो संक्रमण को कम कर सकते हे।

एच आई वी के लिए फायदेमंद दालचीनी – Cinnamon For HIV in Hindi

एच आई बी एक प्रकार का वायरस होता है जो धीरे धीरे हमारी प्रतिरोधक क्षमता को कम करता बाद में एड्स का रूप ले लेता है।

कैसिया किस्‍म के दालचीनी, एचआईवी के विरूध हमारी मदद कर सकते हे। (और पढ़े – HIV एड्स के शुरुआती लक्षण जो आपको पता होने चाहिए)

दालचीनी के फायदे त्‍वचा के लिए – Cinnamon Benefits For Skin in Hindi

इसमें जैविक ओर एंटी-माइक्रोबियल प्रभाव होते हैं जो त्‍वचा को परेशानियों एलर्जी प्रतिक्रियाओं और संक्रमण से बचाते है। इसके लिए दालचीनी के तेल का उपयोग हम सीधे ही त्‍वचा पर कर सकते है। दालचीनी का तेल हमें सूजन, दर्द, त्‍वचा पर लाल चित्‍के आदि से बचाने में सहायक होता है। (और पढ़े – संतरे के छिलके के फायदे रूप निखारने के लिए)

दालचीनी के एंटीमिक्राबियल (Antimicroial) घटक त्वचा के स्‍वास्‍थ्‍य को बढ़ावा देते है। दालचीनी और इसका तेल मुंहासों और त्‍वचा एलर्जी के लक्षणों को दूर करने में मदद करते है।

दालचीनी के नुकसान – Cinnamon Side effects in Hindi

मसालों के रूप में दालचीनी का प्रयोग लाभकारी होता है। यदि इसका सेवन निश्चित मात्रा में किया जाए तो यह किसी भी प्रकार से हानिकारक नहीं होता। सिलोन और कैसिया दालचीनी में क्‍यूमरिन होता है। जब क्‍यूमरिन का अत्‍याधिक सेवन किया जाता है तो इसके कुछ घातक प्रभाव सामने आ सकते है।

  • क्‍यूमिन की उपस्थिति के कारण दालचीनी का उपयोग गर्भवती या स्‍तनपान कराने वाली महिलाओं को इसके उपयोग को नियंत्रित या न के बराबर करना चाहिए।
  • दालचीनी का ज्‍यादा उपयोग मुंह और होंठ के लिए परेशानी बन सकता है। इसके ज्‍यादा उपयोग से मुंह और होंठ में घाव बन जाते है। कुछ लोगों में यह एलर्जी का कारण बन सकता है।

(और पढ़े – अश्वगंधा के फायदे और नुकसान)

Pratistha

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