चेस्ट प्रेस एक्सरसाइज करने का तरीका और फायदे - Chest Press Exercise in Hindi - Healthunbox
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चेस्ट प्रेस एक्सरसाइज करने का तरीका और फायदे – Chest Press Exercise in Hindi

चेस्ट प्रेस एक्सरसाइज करने का तरीका और फायदे - Chest Press Exercise in Hindi

Chest Press Exercise in Hindi: सभी पुरुष अपने सीने को चौड़ा करना चाहते है क्योंकि यह देखने में आकर्षक लगता है। चेस्ट प्रेस एक क्लासिक अपर-बॉडी स्ट्रेंथिंग एक्सरसाइज है जो आपके चेस्ट, कंधे और ट्राइसेप्स पर काम करती है। चेस्ट प्रेस एक्सरसाइज के कई प्रकार है आप इसे डंबल, बारबेल, एक स्मिथ मशीन (Smith machine), सस्पेंशन ट्रेनर (suspension trainer) या प्रतिरोध बैंड (resistance bands) सहित विभिन्न उपकरणों के साथ कर सकते हैं। चेस्ट प्रेस एक्सरसाइज के दौरान सावधानी रखना बहुत ही जरूरी होता है। यदि आप एक बिगिनर है और अभी एक्सरसाइज करने की शुरुआत कर रहें है, तो आप एक जिम ट्रेनर की मदद ले सकते है। आइये चेस्ट प्रेस एक्सरसाइज करने का तरीका और इससे होने वाले फायदे को विस्तार से जानते है।

चेस्ट प्रेस एक्सरसाइज करने का तरीका – How to perform a chest press in Hindi

यदि आप अपना सीना बनाना चाहते है तो यहाँ पर चेस्ट प्रेस एक्सरसाइज को करने का स्टेप बाय स्टेप तरीका दिया गया है जो आपकी छाती चौड़ी करने में मदद करता है।

  1. चेस्ट प्रेस एक्सरसाइज करने के लिए आप सबसे पहले आप दोनों हाथों में डंबल लेकर खड़े हो जाएं।
  2. अब आप एक बेंच पर सीधे लेट जाएं और अपने दोनों पैरों को घुटनों से मोड़कर नीचे फर्श पर रखें।
  3. आप इसे फर्श पर भी कर सकते है, इसके लिए फर्श पर सीधे लेट जाएं और पैरों को घुटनों के यहाँ से मोड़ लें।
  4. अब अपने हाथों को भी फर्श पर रख कर कोहनी के यहाँ से 90 डिग्री ऊपर की ओर मोड़ लें। इस स्थिति में डंबल ऊपर की ओर होगें।
  5. फिर साँस को छोड़ते हुयें डंबल को ऊपर ले जाएं और हाथों को ऊपर की ओर सीधा कर लें।
  6. अब साँस को लेते हुयें डंबल को नीचे लायें और हाथों को प्रारंभिक अवस्था में फर्श पर रखें।
  7. इसके प्रक्रिया को 8 से 15 बार दोहराएं और ऐसे 2 से 3 सेट करें।

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चेस्ट प्रेस एक्सरसाइज करने के लिए टिप्स – Tips for chest press exercise in Hindi

चेस्ट प्रेस एक्सरसाइज करने के लिए टिप्स - Tips for chest press exercise in Hindi

बिगिनर को इस एक्सरसाइज को करते समय निम्न बातों को ध्यान में रखना चाहिए-

  • पूरी एक्सरसाइज के दौरान अपनी रीढ़ को सीधा रखें और अपनी पीठ को मोड़ने से बचें।
  • इसे करते समय अपने सिर, कंधे और कूल्को को बेंच में दबाएं।
  • यदि आपके पैर बेंच से नीचे फर्श पर पूरी तरह से नहीं लग रहे है तो आप अपने पैरों के नीचे किसी भी चीज का उपयोग कर सकते हैं जिससे आपके पैर ऊपर हो जाएं।
  • चेस्ट प्रेस एक्सरसाइज के दौरान अपने पैरों को फर्श या प्लेटफॉर्म पर मजबूती से दबाएं।
  • अपने हाथों को पूरी तरह से सीधा रखें, वह किसी भी दिशा में झुकना नहीं चाहियें।

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चेस्ट प्रेस एक्सरसाइज करने के फायदे – Benefits of chest press exercise in Hindi

चेस्ट बढ़ाने की एक्सरसाइज को करने से आपको निम्न लाभ होते है।

  • ऊपरी शरीर की ताकत बनाने के लिए चेस्ट प्रेस सबसे अच्छा व्यायाम है।
  • चेस्ट प्रेस आपके पेक्टोरल (pectorals), डेल्टोइड्स (deltoids) और ट्राइसेप्स (triceps) को लक्षित करता है।
  • यह एक्सरसाइज मसल्स टिशु और ताकत का निर्माण करता है और आपके धड़ की अग्रवर्ती मांसपेशी (serratus anterior) और बाइसेप्स पर भी काम करता है।
  • ये वर्कआउट उन लोगों के लिए बहुत ही फायदेमंद है जो लोग सीना फुलाना चाहते है।
  • यह तैराकी, टेनिस और बेसबॉल जैसे खेलों के लिए भी फायदेमंद है।
  • चेस्ट प्रेस हड्डियों को मजबूत करता है, फिटनेस के स्तर को बढ़ाता और और बेहतर मानसिक स्वास्थ्य में भी मदद करता है।
  • इस एक्सरसाइज से आप अतिरिक्त कैलोरी को बर्न करके शरीर से वसा को कम कर सकते है और वजन को भी घटा सकते है।

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चेस्ट प्रेस एक्सरसाइज के प्रकार – Variations of Chest Press Exercise in Hindi

चेस्ट प्रेस एक्सरसाइज के प्रकार - Variations of Chest Press Exercise in Hindi

आप चेस्ट प्रेस एक्सरसाइज को और भी कई तरीके से कर सकते है। आइये इसे करने के अन्य तरीके को विस्तार से जानते है।

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इंक्लिने चेस्ट प्रेस – Incline Chest Press

इंक्लिने चेस्ट प्रेस को एक इनलाइन बेंच पर किया जाता है। यह ऊपरी पेक्टोरल और कंधों पर काम करता है। इसे आपको कम वजन वाले डंबल के साथ करना है। कंधो की चोट से बचने के लिए सभी सावधानियों को ध्यान में रखें।

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केबल चेस्ट प्रेस – Cable chest press

केबल चेस्ट प्रेस - Cable chest press

चेस्ट प्रेस को आप एक्सरसाइज केबल के साथ भी कर सकते है। केबल चेस्ट प्रेस आपकी कोर मांसपेशियों को मजबूत करता है, जिससे संतुलन और स्थिरता में सुधार होता है। आप इसे एक समय में एक हाथ से भी कर सकते हैं और अपनी छाती के विभिन्न क्षेत्रों को लक्षित कर सकते हैं। यदि आपके पास केबल मशीन नहीं है, तो प्रतिरोध बैंड (resistance bands) का उपयोग करें।

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सीटएड चेस्ट प्रेस – Seated chest press

इस एक्सरसाइज को सीट पर बैठ कर करना होता है। सीटएड चेस्ट प्रेस आपके बाइसेप्स और लैटिसिमस डॉर्सी (latissimus dorsi) मांसपेशियों पर काम करता है। यह मशीन आपको कंट्रोल के साथ भारी भार उठाने में मदद करती है। आप इस एक्सरसाइज को एक समय में एक हाथ से कर सकते हैं।

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स्टैंडिंग चेस्ट प्रेस – Standing chest press

स्टैंडिंग चेस्ट प्रेस संतुलन में सुधार करता है और आपकी स्टेबलाइजर (stabilizer) मांसपेशियों को लक्षित करता है। इनमें रोटेटर कफ (rotator cuff), एरेक्टर स्पाइना (erector spinae) और ट्रांसवर्सस एब्डोमिनस (transversus abdominus) शामिल हैं। लेकिन यह यह आपकी छाती की मांसपेशियों पर कम काम करता है।

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प्लेट-लोडेड चेस्ट प्रेस – Plate-loaded chest press

प्लेट-लोडेड चेस्ट प्रेस आपके आंतरिक पेक्टोरल को अलग करता है और चोट की संभावना को कम करता है। यह एक्सरसाइज मांसपेशियों को बनाने और आपके वजन को कम करने में मदद करती है।

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चेस्ट प्रेस और बेंच प्रेस  – Chest press and bench press

बेंच प्रेस और चेस्ट प्रेस दोनों ही प्रभावी एक्सरसाइज हैं और ये दोनों एक ही मांसपेशी के ग्रुप पर काम करते हैं, लेकिन इसका तरीका थोड़ा अलग-अलग है। यदि जानना चाहते है कि इन दोनों में से कौन सा अच्छा है तो हम आपको बता दें कि यह आपके एक्सरसाइज को करने के तरीके पर निर्भर करता है। ये दोनों अलग अलग तरीके से बॉडी को शेप में लाते है। आप अपनी दिनचर्या को अलग-अलग करने के लिए अपने वर्कआउट के विभिन्न दिनों में चेस्ट प्रेस और बेंच प्रेस को वैकल्पिक कर सकते हैं।

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चेस्ट प्रेस एक्सरसाइज करते समय रखें ये सावधानियां – Precautions while chest press exercise in Hindi

इस एक्सरसाइज को करते समय आपको निम्न बातों का ध्यान रखना चाहिए।

  • अपना वर्कआउट शुरू करने से पहले 5 से 10 मिनट वार्मअप जरूर करें।
  • यदि आप फ्लैट बेंच छाती प्रेस से दर्द का अनुभव करते हैं, तो झुकाव (incline) या बेंच छाती प्रेस का विकल्प चुनें।
  • बिगिनर चेस्ट प्रेस एक्सरसाइज आप एक जिम ट्रेनर के सामने करना प्रारंभ करें।
  • चेस्ट प्रेस एक्सरसाइज को यदि सही तरीके से नहीं किया गया को इसमें चोट लगने की संभावना होती है।
  • अपनी क्षमता से अधिक वजन के डंबल ना उठायें।
  • किसी भी बीमारी के दौरान इस एक्सरसाइज को करने से पहले डॉक्टर की सलाह लें।
  • गर्भवती महिलाओं को इस एक्सरसाइज करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श लेना चाहिए।

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