योनि मुद्रा करने का तरीका एवं फायदे – Yoni Mudra Steps And Benefits In Hindi

योनि मुद्रा करने का तरीका एवं फायदे - Yoni Mudra Steps And Benefits In Hindi
Written by Anamika

Yoni Mudra in hindi योनि मुद्रा पुराने समय में लोगों के जीवन का एक हिस्सा एवं दिनचर्या में शामिल थी। भारत में प्राचीन काल से ही योग और मुद्राओं का अभ्यास किया जा रहा है। मान्यताओं के अनुसार योनि मुद्रा को उस समय का स्वर्णिम काल माना जाता था। यही कारण है कि उन दिनों स्वास्थ्य प्रणाली इतनी मजबूत थी। उन दिनों जानलेवा बीमारियां जैसे कैंसर एवं एड्स नहीं था और ना ही लोग इतनी मात्रा में दवाओं का सेवन करते थे। योनि मुद्रा का अभ्यास करके लोग अपने अंदर के चक्र की कल्पना करते थे और आंतरिक आवाज को सुनते थे। इस मुद्रा का अभ्यास करने वाले लोग मानते हैं कि दांये हाथ का अधिक इस्तेमाल करने वाले लोगों को दाहिने कान से आंतरिक आवाज और बाएं हाथ का इस्तेमाल करने वाले लोगों को बाएं कान से आवाज सुनायी देती है।

योनि मुद्रा योग की उन मुद्राओं में से एक है जो मन की शांत स्थिति को बढ़ावा देती है। इस आर्टिकल में हम आपको योनि मुद्रा करने के तरीके एवं फायदे के बारे में बताने जा रहे हैं।

1. योनि मुद्रा क्या है – Yoni Mudra In Hindi
2. योनि मुद्रा करने का तरीका – Yoni Mudra Steps In Hindi
3. योनि मुद्रा के फायदे – Yoni Mudra Benefits In Hindi

4. योनि मुद्रा योग करते समय रखें  ये सावधानियां – Precautions For Yoni Mudra In Hindi

योनि मुद्रा क्या है – Yoni Mudra In Hindi

योनि मुद्रा को इस तरीके से परिभाषित किया जा सकता है कि यह मुद्रा एक ऐसी मुद्रा है जो किसी व्यक्ति को बाहरी दुनिया के शोरगुल या उथल पुथल से अलग कर देती है। योनि संस्कृत का शब्द है जिसका अर्थ कोख (womb) या गर्भाशय (uterus) होता है। इस मुद्रा को योनि मुद्रा इसलिए कहा जाता है क्योंकि जो व्यक्ति नियमित रुप से इस मुद्रा का अभ्यास करता है उसका बाहरी दुनिया से कोई संपर्क नहीं रहता है और वह गर्भाशय में एक बच्चे की तरह खुद को महसूस करता है। योनि मुद्रा को भ्रमरी प्राणायाम (Bhramari pranayama) और शंमुखी मुद्रा (Shanmukhi mudra) भी कहा जाता है। भ्रमरी का अर्थ मधुमक्खी की तरह आवाज निकालना। वास्तव में इस मुद्रा में मधुमक्खी की तरह आवाज निकाली जाती है।

(और पढ़ें – योग मुद्रा क्या है प्रकार और फायदे)

योनि मुद्रा करने का तरीका – Yoni Mudra Steps In Hindi

  • सबसे पहले जमीन पर चटाई बिछाएं और पदमासन या फिर किसी अन्य ध्यान मुद्रा में बैठ जाएं।
  • अपनी पीठ की मांसपेशियों को एकदम सीधे रखें और पेट एवं पीठ को किसी भी तरह से लचीला ना करें।
  • मन को शांत रखें और दोनों आंखों को बंद कर लें।
  • इसके बाद अपने दोनों अंगूठे को दोनों कान पर रखें और तर्जनी उंगली को आंख की पलकों पर टिकाएं।
  • मध्यमा उंगली को नासिका के ऊपर रखें।
  • रिंग फिंगर को होठों के ऊपर और छोटी ऊंगली को होठों के नीचे रखें।
  • इसके बाद यह सुनिश्चित करें कि आपकी कोहनी आपके कंधे के एकदम बराबर एवं सीधी रेखा में हो।
  • अब गहरी सांस लें और अपनी मध्यमा उंगली से नासिका को बंद कर लें।
  • कुछ क्षण के लिए रुकें और नासिका को आधा बंद रखकर दबाव को थोड़ा कम करें और धीरे धीरे मधुमक्खी की आवाज के साथ सांस को छोड़ें।
  • सांस छोड़ते समय आपके चेहरे के विभिन्न हिस्सों में कंपन होना चाहिए, विशेषरुप से जहां आपने अपनी उंगलियों को रखा है।
  • एक बार सांस छोड़ने के बाद दोबारा से सांस खींचने के लिए थोड़ी देर प्रतीक्षा करें। इस अवधि के दौरान एकदम शांत रहें और अपने शरीर की सभी संवेदनाओं एवं भावनाओं को महसूस करें।
  • इस मुद्रा को नियमित रुप से करें और यदि संभव हो तो सुबह के समय करें। दिन में भी इसे किया जा सकता है।

लेकिन आप जितना अधिक शांत वातावरण में बैठकर इस मुद्रा का अभ्यास करेंगे, आपको उतना ही अधिक फायदा भी होगा।

(और पढ़ें – तनाव दूर करने के लिए योग)

योनि मुद्रा के फायदे – Yoni Mudra Benefits In Hindi

माना जाता है कि योनि मुद्रा एक ऐसी मुद्रा है जिसमें शांत मन से सांस छोड़ने लेने और सांस पर केंद्रित होने की क्रिया की जाती है। इस कारण से यह शरीर को आंतरिक शांति प्रदान करने में फायदेमंद है। इसके अलावा भी योनि मुद्र करने के अन्य कई फायदे हैं। आइये जानते हैं इन फायदों के बारे में।

(और पढ़ें – गुस्से को कंट्रोल और मन शांत करने के आसान उपाय)

डिप्रेशन के लिए योनि मुद्रा के फायदे  – Yoni Mudra Benefits for depression in Hindi

यह मुद्रा हर उम्र के लोगों के लिए बेहद फायदेमंद है। नियमित रुप से योनि मुद्रा का अभ्यास करने से मस्तिष्क में अच्छे रसायन का स्राव होता है। इसके अलावा शरीर से भी विषाक्त पदार्थ बाहर निकलते हैं जिसके कारण मन हल्का लगता है। योनि मुद्रा का अभ्यास करने से कॉर्टिसोल नामक स्ट्रेस हार्मोन का स्तर घटता है जिसके कारण तनाव, चिंता, डिप्रेशन, नींद न आने की समस्या, नकारात्मक विचार, चिड़चिड़ापन आदि समस्याएं दूर हो जाती हैं। यही कारण है कि आज के समय के अनुसार योनि मुद्रा बहुत फायदेमंद साबित हो सकती है।

(और पढ़ें – डिप्रेशन और उदासी दूर करने के उपाय)

योनि मुद्रा के फायदे मानसिक शांति के लिए – Manshik shanti ke liye yoni mudra ke fayde in Hindi

आमतौर पर योग एवं आसन आध्यात्म से जुड़ा हुआ होता है जिसके कारण इसके फायदे बढ़ जाते हैं। माना जाता है कि रोजाना योनि मुद्रा का अभ्यास करने से व्यक्ति को मानसिक रुप से शांति मिलती है और परमात्मा से मिलन का रास्ता खुलता है। यह आसन करने से व्यक्ति खुद की आंतरिक कमियों एवं शक्तियों को पहचानने में सक्षम होता है जिसके कारण वह आध्यात्मिक रुप से बहुत शांत महसूस करता है। इसके अलावा उसके मन में नकारात्मक विचार नहीं आते हैं और गुस्सा भी कम होता है।

(और पढ़ें – मन की शांति के उपाय हिंदी में)

तंत्रिका तंत्र के लिए योनि मुद्रा के फायदे – Yoni mudra benefits for nervous system in Hindi

वास्तव में योनि मुद्रा एक ऐसा आसन है जिसमें आंखों को बंद रखकर श्वास लेने और छोड़ने की क्रिया की जाती है। इसकी वजह से व्यक्ति का तंत्रिता तंत्र मजबूत होता है और शरीर के अंदर जमा अनावश्यक पदार्थ बाहर निकलते हैं। यह आसान करने के बाद मांसपेशियों में जकड़न महसूस नहीं होती है और एक आध्यात्मिक शांति का अनुभव होता है एवं मन प्रसन्न रहता है।

योनि मुद्रा के फायदे मेडिटेशन के लिए – Yoni mudra ke fayde Meditation ke liye in Hindi

आमतौर पर योनि मुद्रा को मेडिटेशन का एक रुप माना जाता है। योनि मुद्रा किसी भी चिंतन से कम नहीं है और इसके फायदे भी मेडिटेशन की तरह ही होते हैं। जो व्यक्ति नियमित रुप से योनि मुद्रा का अभ्यास करता है उसे आत्मकेंद्रित (focus ) होने में परेशानी नहीं होती है। विद्यार्थियों के लिए यह मुद्रा बहुत ही उपयोगी है। इसके अलावा जिन लोगों का काम में मन नहीं लगता है या भटकाव का अनुभव होता हैं उन्हें जरूर योनि मुद्रा का अभ्यास करना चाहिए।

(और पढ़ें – मेडिटेशन क्या होता है , प्रकार और करने के फायदे)

योनि मुद्रा करने के फायदे ऊर्जा के लिए –  Energy ke liye yoni mudra ke fayde in Hindi

माना जाता है कि योनि मुद्रा करने से शरीर का कायाकल्प होता है और व्यक्ति के अंदर एक नयी तरह की ऊर्जा का संचार होता है। इस मुद्रा में श्वास लेने और छोड़ने की प्रक्रिया बेहद अहम होती है और इसी क्रिया से व्यक्ति को फायदे भी होते हैं। यह मुद्रा उन लोगों के लिए बेहद उपयोगी है जो लोग एक्टिव नहीं होते हैं, सुस्ती का अनुभव करते हैं या फिर जल्दी थक जाते हैं। ऐसी स्थिति में योनि मुद्रा का अभ्यास करने से शरीर ऊर्जा से भर जाता है।

प्रजनन के लिए योनी मुद्रा के फायदे – Yoni Mudra for fertility in Hindi

कई बीमारियों के उपचार का समर्थन करने और शरीर, मन और आत्मा में सद्भाव लाने के लिए उनका उपयोग हजारों वर्षों से किया जाता रहा है। योनी मुद्रा- यह हाथ की यह स्थिति महिलाओं को एक सहज महिला ऊर्जा के संपर्क में लाने में मदद करती है। यह भी गर्भ और रचनात्मक शक्ति को प्रोत्साहित करने के लिए जानी जाती है। हाथ की स्थिति वास्तव में योनी की तरह दिखती है। हाथों को एक साथ लाते हुए, बाकी उंगलियों का जुड़ाव करते हुए अंगूठे और पॉइंटर उंगलियों के टिप्स एक दूसरे को छूते हैं।

योनि मुद्रा योग करते समय रखें  ये सावधानियां – Precautions For Yoni Mudra In Hindi

वैसे तो योग, आसन और मुद्राएं स्वास्थ्य एवं मन के लिए लाभकारी होती हैं लेकिन कुछ विशेष परिस्थितियों में इन मुद्राओं का अभ्यास डॉक्टर की सलाह लेकर करना चाहिए।

  • अगर आपको मनोवैज्ञानिक समस्याएं हैं तो डॉक्टर के परामर्श के बाद ही इस मुद्रा का अभ्यास करें।
  • अगर आपको रीढ़ की हड्डी में तकलीफ है तो योनि मुद्रा ना करें।
  • आपके घुटनों में चोट लगी हो और आप आराम से मोड़कर बैठ नहीं पा रहे हों तो योनि मुद्रा का अभ्यास ना करना ही बेहतर है।
  • इसके अलावा यदि आपकी कमर में तेज दर्द हो जिसकी वजह से आप बैठ नहीं पा रहे तो यह मुद्रा आपके लिए नहीं है।

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