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स्तन (ब्रेस्ट) में गांठ क्या है कारण, लक्षण, जांच, इलाज और बचाव – Breast Lump Causes in Hindi

स्तन (ब्रेस्ट) में गांठ क्या है कारण, लक्षण, जांच, इलाज और बचाव - Breast Lump Causes, Symptoms, Diagnosing, Treatment and prevention in Hindi

Breast Lump In Hindi स्तन में गांठ आमतौर पर महिलाओं से जुड़ी एक समस्या है, लेकिन कुछ स्थितियों में यह पुरुषों को भी प्रभावित करती है। व्यक्ति किसी भी उम्र में ब्रेस्ट में गांठ को विकसित कर सकते हैं। वैसे तो अधिकांश स्तन में गांठ, कैंसर मुक्त होती है, लेकिन यह भविष्य में कैंसर का संकेत हो सकती है। स्तन में गांठ उत्पन्न होने का प्रमुख कारण शरीर में हार्मोन्स असंतुलन है। आमतौर पर स्तन में गांठदर्द रहित होती हैं और बिना किसी उपचार के ठीक हो जाती हैं। लेकिन कुछ स्थितियों में यह अनावश्यक रूप से वृद्धि करती हैं और दर्द का कारण भी बनती है। अतः स्तन में गांठ की स्थिति में सम्बंधित व्यक्ति को तुरंत डॉक्टर से परामर्श लेना चाहिए।

आज के इस लेख में आप जानेंगे कि ब्रेस्ट (स्तन) में गांठ क्या है, इसके कारण, लक्षण, जांच कैसे की जाती है तथा इसका इलाज और इससे बचाव कैसे किया जा सकता है।

1. ब्रेस्ट (स्तन) में गांठ क्या है – Stan me ganth kya hai in Hindi
2. स्तन में गांठ के प्रकार – Breast Lump Types in hindi

3. स्तन में गांठ के कारण – Stan Me Ganth Ke Karan in Hindi
4. ब्रेस्ट (स्तन) में गांठ के लक्षण – Stan me ganth ke lakshan in Hindi
5. ब्रैस्ट सेल्फ एग्जामिनेशन – breast self-Examination in hindi
6. पुरुषों की छाती (स्तन) में गांठ – Men Breast Lumps in hindi
7. स्तन में गांठ की जांच – Stan me ganth ki janch in Hindi
8. ब्रेस्ट (स्तन) में गांठ का इलाज – Stan me ganth ka ilaj in Hindi
9. स्तन में गांठसे बचाव – Stan me ganth se bachav in Hindi

ब्रेस्ट (स्तन) में गांठ क्या है – Stan me ganth kya hai in Hindi

स्तन में गांठ स्तन में किसी एक स्थान पर उत्पन्न सूजन, उभार, बदलाव या विरूपता है, जो अन्य स्तन भाग या ऊतक से अलग दिखाई देते हैं। स्तन में गांठ के विकसित होने के कई कारण हो सकते हैं। हालांकि अधिकांश स्तन में गांठ, कैंसर नहीं होती हैं और किसी भी प्रकार का जोखिम उत्पन्न नहीं करती हैं।

स्तन में गांठ (breast lump) उतकों का एक समूह है, जो स्तन में विकसित होता है। इस आधार पर, स्तन में गांठ बड़े या छोटे हो सकते हैं और सम्बंधित व्यक्ति को कठोर या मुलायम महसूस हो सकते हैं। कुछ स्तन में गांठ दर्द का कारण बनती हैं, जबकि कुछ गांठ का पता केवल इमेजिंग टेस्ट के दौरान ही लगाया जा सकता है।

कुछ लड़कियां युवावस्था से पहले की अवधि में कभी-कभी स्तन में गांठ को महसूस कर सकती हैं, जो संवेदनशील महसूस हो सकती हैं। लेकिन यह स्तन में गांठ आमतौर पर युवावस्था के दौरान स्वाभाविक रूप से दूर हो जाती हैं। यौवन के दौरान किशोरावस्था के लड़के भी स्तन में गांठ को प्राप्त कर सकते हैं। अपितु यह गांठ (lump) अस्थायी होती है और आमतौर पर कुछ महीनों में गायब हो जाती है। अतः प्रत्येक व्यक्ति को अपने स्तन में बदलाव महसूस होने पर इसकी सूचना डॉक्टर को देनी चाहिए।

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स्तन में गांठ के प्रकार – Breast Lump Types in hindi

स्तन में गांठ के प्रकार – Breast Lump Types in hindi

स्तन में गांठ (breast lump) की गंभीरता और लक्षणों के आधार पर, इसे मुख्य रूप से दो भागों में बांटा गया है: कैंसरमुक्त स्तन गांठें (Noncancerous breast lumps) और कैंसरयुक्त स्तन गांठें (cancerous breast lumps)

कैंसरमुक्त स्तन गांठें – Noncancerous breast lumps in hindi

अधिकतर स्तन गांठें (breast lumps) किसी भी तरह के कैंसर का कारण नहीं बनती है, इस कारण इन्हें  कैंसरमुक्त स्तन गांठें कहते है। कैंसरमुक्त स्तन गांठों के उदाहरण निम्न हैं:

ब्रेस्ट सिस्ट (Breast cysts)

ब्रेस्ट सिस्ट (Breast cysts), स्तन में एक सौम्य या कैंसरमुक्त (noncancerous), द्रव से भरे हुए अल्सर होते हैं। यह आमतौर पर स्तन की त्वचा के नीचे मुलायम और रबड़ जैसा महसूस होते हैं। कुछ ब्रेस्ट सिस्ट दर्द रहित होते हैं, जबकि अन्य काफी दर्दनाक होते हैं। ब्रेस्ट सिस्ट आकार में बहुत छोटे से हो सकते हैं, जिन्हें केवल अल्ट्रासाउंड स्कैन (ultrasound scan) मदद से ही देखा जा सकता है, इनका आकर लगभग 2.5 से 5 सेंटीमीटर के बीच हो सकता है।

फोड़े (Abscesses)

फोड़े (Abscesses) कभी-कभी स्तन में विकसित होते हैं और दर्द का कारण बनत सकते हैं। स्तन फोड़े आमतौर पर कैंसरमुक्त (noncancerous) होते हैं, और बैक्टीरिया (bacteria) के कारण उत्पन्न होते हैं। इस स्थिति में स्तन फोड़े के आस-पास की त्वचा लाल हो सकती है और यह गर्माहट तथा कठोर महसूस करा सकता है। स्तनपान कराने वाली अधिकतर महिलाओं में स्तन फोड़े विकसित होने की संभावना अधिक होती हैं।

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एडेनोमा (Adenoma)

एडेनोमा (Adenoma) स्तन की ग्रंथियों से संबंधित ऊतकों का असामान्य रूप से विकास है। फाइब्रोएडेनोमा (Fibroadenomas) स्तन में एडेनोमा के विकसित होने का सबसे सामान्य प्रकार है, यह अक्सर 30 साल से कम उम्र की महिलाओं को अधिक प्रभावित करता है, लेकिन यह वृद्ध महिलाओं में भी हो सकते हैं। यह कैंसर मुक्त होता है। फाइब्रोएडेनोमा आमतौर पर गांठ के रूप में गोलकार और स्थाई रूप से कठोर होते हैं। यौवनावस्था या गर्भावस्था के दौरान कुछ स्थितियों में यह अधिक तीव्र गति से वृद्धि करते हैं।

इंट्राडक्टल पैपिलोमा (Intraductal papilloma’s)

इंट्राडक्टल पैपिलोमा (Intraductal papilloma’s) एक ऐसी स्थिति है, जिसमें स्तन नलिकाओं में विकसित मस्सा (Wart) में वृद्धि होती है। यह मस्सा स्तन की निप्पल के नीचे विकसित होता है। इंट्राडक्टल पैपिलोमा कभी-कभी स्तनों से खून निकलने का कारण बन सकता है। इंट्राडक्टल पैपिलोमा युवा महिलाओं में एक से अधिक मस्सा उत्पन्न होने का कारण बनता है जबकि रजोनिवृत्ति से सम्बंधित महिलाओं में एक ही मस्सा उत्पन्न होने का कारण बनता है।

फैट नेक्रोसिस और लिपोमा (Fat necrosis and lipoma)

यदि किसी कारणवश स्तन में उपस्थित फैटी ऊतक क्षतिग्रस्त हो जाता है, तो वसा नेक्रोसिस का कारण बन सकते है। तथा कैंसरमुक्त गांठ स्तन में उत्पन्न हो सकती है। यह आमतौर पर दर्दनाक हो सकते हैं।

लिपोमा (lipoma) एक मुलायम और कैंसरमुक्त गांठ है जो आमतौर पर दर्द रहित और चलायमान होती है। यह एक फैट से निर्मित मुलायम ट्यूमर है।

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कैंसरयुक्त स्तन में गांठ – Cancerous breast lumps in Hindi

कैंसरयुक्त स्तन में गांठ - Cancerous breast lumps in Hindi

कैंसर रूपी स्तन में गांठ या ट्यूमर, जाँच किये जाने पर आमतौर पर कठोर या दृढ़ के साथ-साथ कभी दर्द भी महसूस होती हैं। कैंसरयुक्त स्तन में गांठ एक अनियमित आकार में विकसित होती हैं। स्तन कैंसर (Breast cancer) की प्रारंभिक अवस्था में दर्दनाक नहीं होता है, लेकिन जैसे-जैसे यह बढ़ता है इसके लक्षण भी बढ़ते जाते हैं। कैंसर रूपी स्तन में गांठ, स्तन या निप्पल के किसी भी हिस्से में विकसित हो सकती हैं। कुछ कैंसरयुक्त स्तन में गांठ या ट्यूमर दर्दनाक होते हैं तथा अनावश्यक रूप से वृद्धि कर सकते हैं। ब्रेस्ट कार्सिनोमा (Breast Carcinoma) एक कैंसर युक्त स्तन में गांठ है।

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स्तन में गांठ के कारण – Stan Me Ganth Ke Karan in Hindi

वे सभी कारक जो स्तन की संरचना को प्रभवित करते हैं, स्तन में गांठ (breast lump) का कारण बन सकते हैं, स्तन में रेशेदार संयोजी ऊतक, फैटी ऊतक, नसें, रक्त वाहिकाएं और लिम्फ नोड्स होते हैं। स्तन का प्रत्येक भाग शरीर के रसायन परिवर्तन से प्रतिक्रिया कर सकता है। अर्थात ये परिवर्तन स्तन की संवेदनशीलता और बनावट को प्रभावित कर सकते हैं और वे स्तन में गांठों के विकसित होने का कारण भी बन सकते हैं। स्तन ऊतक (breast tissue) पुरुषों और महिलाओं दोनों में मौजूद होते हैं। तथा शरीर में हार्मोन परिवर्तन इन ऊतक को प्रभावित करता है। हार्मोनल परिवर्तनों से ये उतक आपस में एकत्रित होकर स्तन में गांठ के रूप में उभर सकते हैं, तथा समय के साथ बिना किसी उपचार के ठीक हो सकते हैं।

स्तन में गांठ (breast lump) के कई संभावित कारण होते हैं, जिनमें निम्न शामिल हैं:

  • ब्रैस्ट सिस्ट (breast cysts)
  • मिल्क सिस्ट (milk cysts)
  • फाइब्रोसाइटिक स्तन (fibrocystic breasts)
  • फाइब्रोडेनोमा (fibroadenoma),
  • हामार्टोमा (hamartoma),
  • इंट्राडक्टल पेपिलोमा (intraductal papilloma),
  • लिपोमा (lipoma),
  • हैमास्टिटिस (mastitis),
  • स्तन कैंसर (breast cancer)
  • चोट, इत्यादि।

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ब्रेस्ट (स्तन) में गांठ के लक्षण – Stan me ganth ke lakshan in Hindi

ब्रेस्ट (स्तन) में गांठ के लक्षण - Stan me ganth ke lakshan in Hindi

अधिकांश स्तन में गांठ (breast lump), कैंसरमुक्त होती हैं, लेकिन कुछ स्थितियों में यह स्तन कैंसर का कारण बन सकती है। अतः स्तन में गांठ का निदान करने तथा इसकी गंभीरता को रोकने के लिए, इसके प्रारंभिक लक्षणों की पहचान अतिआवश्यक है। स्तन में गांठ के लक्षणों में निम्न को शामिल किया जा सकता है:

  • गांठ की उपस्थिति महसूस होना
  • स्तन में अल्सर की उपस्थति
  • स्तन का एक विशेष क्षेत्र बाकी क्षेत्र की तुलना में भिन्न या विकृत होना
  • स्तन का एक विशेष क्षेत्र में बदलाव और गांठ में वृद्धि होना
  • स्तन त्वचा लाल होना तथा स्तानों में गर्माहट महसूस होना
  • निप्पल से खून या तरल का बहना
  • स्तनों में सूजन आना
  • दर्द होना, इत्यादि।

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ब्रैस्ट सेल्फ एग्जामिनेशन – breast self-Examination in hindi

ब्रैस्ट सेल्फ एग्जामिनेशन - breast self-Examination in hindi

महिलाएं स्वयं अपने स्तनों की जाँच कर ब्रेस्ट (स्तन) में गांठ (breast lump) की उपस्थिति का पता लगा सकती हैं। इसके लिए महिलाओं को अपने शरीर और स्तनों से पूर्ण रूप से परिचित होना आवश्यक है। महिलाओं निम्न निर्देशों का पालन कर अपने स्तन की जाँच स्वंय कर सकती हैं, जैसे:

  • दर्पण के सामने कड़ी होकर आकार, आकृति और रंग की जांच करें तथा सूजन या गांठ की उपस्थिति की जाँच करें।
  • बाहों को ऊपर उठाकर पुनः दर्पण में अपने स्तनों में असमानता की जाँच करें तथा गांठ या सूजन की उपस्थिति का पता लगायें।
  • निपल्स से किसी भी प्रकार के तरल जैसे- पानी, दूध, मवाद या रक्त के रिसाव (बहाव) की जांच करें
  • लेटते समय स्तनों में गतिमान दृढ़ता या कोमलता को महसूस करें।
  • इसके बाद सम्पूर्ण प्रक्रिया को खड़े होते समय या बैठते समय दोहराएं
  • इन सभी प्रक्रियाओं को दोहराने के दौरान यदि स्तनों में कोई असमानता महसूस होती है तो तुरंत डॉक्टर का परामर्श लेना चाहिए।

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पुरुषों की छाती (स्तन) में गांठ – Men Breast Lumps in Hindi

पुरुषों की छाती (स्तन) में गांठ - Men Breast Lumps in hindi

ज्यादातर स्तन में गांठ (breast lump) महिलाओं को प्रभावित करती है, लेकिन पुरुष भी इस स्थिति से प्रभावित हो सकते है। पुरुषों के स्तनों में भी अक्सर निप्पल के नीचे एक गांठ उत्पन्न हो सकती है, जो मुलायम और दर्द रहित हो सकती है। पुरुष स्तन में गांठ दोनों स्तनों या कभी-कभी एक स्तन में हो सकती है। अतः पुरुष स्तन में गांठ की इस स्थिति को गाइनेकोमैस्टिया (gynecomastia) कहा जाता है। यह स्थिति किसी भी उम्र में पुरुषों को प्रभावित कर सकती है। हार्मोन असंतुलन (Hormonal imbalance) इस बीमारी का प्रमुख कारण है।

स्तन में गांठ की जांच – Stan me ganth ki janch in Hindi

स्तन में गांठ की जांच - Stan me ganth ki janch in Hindi

स्तन में गांठ (breast lump) या स्तन में किसी भी प्रकार की असमानता का निदान करने के लिए डॉक्टर कुछ प्रश्न पूछ सकता है, तथा स्तन में गांठ (breast lump) की उपस्थिति का पता लगाने के लिए शारीरिक परीक्षण का आदेश दे सकता है। इसके अलावा डॉक्टर स्तन में गांठ की उपस्थिति और इसके कारणों की पहचान करने के लिए निम्न परीक्षण का आदेश भी दे सकता है।

ब्रेस्ट में गांठ की जांच के लिए मैमोग्राम (Mammogram) – मैमोग्राम के दौरान स्तनों की जाँच करने के लिए एक्स-रे किरणों का उपयोग किया जाता है, जो स्तन की आंतरिक छवियों को प्रदान करता है और उनमें उपस्थित असामान्यताओं को पहचानने में मदद करता है। मैमोग्राम के तहत स्तन कैंसर की उपस्थिति का संदेह होने पर बायोप्सी का भी आदेश दिया जा सकता है।

स्तन में गांठ की जांच के लिए अल्ट्रासाउंड – (Ultrasound) – अल्ट्रासाउंड एक इमेजिंग परीक्षण है, जो स्तन की छवियों को स्पष्ट रूप में प्राप्त करने के लिए ध्वनि तरंगों का उपयोग करता है। अल्ट्रासाउंड परीक्षण स्तन में गांठ की उपस्थित का निदान करने के लिए एक उत्तम परीक्षण है।

ब्रेस्ट में गांठ की जांच के लिए चुंबकीय अनुनाद इमेजिंग (MRI)चुंबकीय अनुनाद इमेजिंग (MRI) के तहत् चुंबकीय क्षेत्र और रेडियो तरंगों का उपयोग स्तन की विस्तृत और स्पष्ट छवियों को प्राप्त किया जाता है। चुंबकीय अनुनाद इमेजिंग (MRI) परीक्षण कैंसरमुक्त स्तन में गांठ और कैंसरयुक्त स्तन में गांठ के बीच अंतर स्पष्ट करने में सक्षम हो सकता है

स्तन में गांठ की जांच के लिए फाइन नीडल एस्पिरेशन (Fine-Needle Aspiration) – इस परीक्षण के माध्यम से स्तन में गांठ में भरे हुए द्रव को एक विशेष प्रकार की सुई के माध्यम से बहार निकला जाता है। इस परीक्षण में अल्ट्रासाउंड का भी उपयोग किया जा सकता है। इस प्रक्रिया से नॉनकैंसर सिस्ट्स या कैंसरमुक्त गांठ दूर हो जाती है। यदि द्रव में खून की उपस्थिति है, तो कैंसर का पता लगाने के लिए द्रव नमूने को प्रयोगशाला विश्लेषण के लिए भेज दिया जाता है।

स्तन में गांठकी जांच के लिए बायोप्सी (Biopsy) – बायोप्सी (Biopsy), प्रभावित ऊतक का एक छोटा सा नमूना लेकर उसका प्रयोगशाला विश्लेषण करने की एक प्रक्रिया है। स्तन बायोप्सी के लिए उतकों का नमूना लेने के लिए अनेक प्रक्रियाओं को अपनाया जा सकता है, जैसे:

  • फाइन नीडल एस्पिरेशन बायोप्सी (fine-needle aspiration biopsy)
  • कोर नीडल बायोप्सी (core needle biopsy)
  • वैक्यूम-असिस्टेड बायोप्सी (vacuum-assisted biopsy)
  • स्टीरियोटैक्टिक बायोप्सी (stereotactic biopsy)
  • सर्जिकल बायोप्सी (surgical biopsy), इत्यादि।

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ब्रेस्ट (स्तन) में गांठ का इलाज – Stan me ganth ka ilaj in Hindi

डॉक्टर द्वारा स्तन में गांठ (breast lump) का निदान करने के बाद ही उपचार योजना को प्रारंभ किया जा सकता है। सभी प्रकार की स्तन में गांठ के लिए उपचार की आवश्यकता नहीं होती है। उपचार प्रक्रिया स्तन में गांठ के कारणों पर निर्भर करती है।

यदि स्तन में गांठ (breast lump) का कारण स्तन संक्रमण है, तो डॉक्टर इसका इलाज करने के लिए एंटीबायोटिक्स की सिफारिश कर सकते हैं। यदि स्तन में सिस्ट (cyst) की उपस्थिति है, तो इसमें उपस्थित तरल पदार्थों को सुई के माध्यम से निकाला जा सकता है, कुछ स्थितियों में सिस्ट के इलाज के लिए किसी भी तरह के उपचार की आवश्यकता नहीं होती है और वे अपने आप ठीक हो जाते हैं। फाइब्रोएडीनोमा (Fibroadenomas) और इंट्राडक्टल पैपिलोमा (intraductal papillomas) के उपचार के लिए शल्य चिकित्सा (surgery) की सिफारिश की जा सकती है।

कैंसरयुक्त स्तन में गांठ की उपचार प्रक्रिया में निम्न को शामिल किया जा सकता है:

  • मास्टेक्टॉमी (mastectomy)
  • कीमोथेरेपी (chemotherapy)
  • विकिरण थेरेपी (radiation therapy)
  • लुम्पेक्टोमी (lumpectomy) इत्यादि।
  • सामान्य रूप से उपचार प्रक्रिया स्तन कैंसर के प्रकार, ट्यूमर के आकार और स्थान पर निर्भर करती है।

स्तन में गांठसे बचाव – Stan me ganth se bachav in Hindi

स्तन में गांठसे बचाव - Stan me ganth se bachav in Hindi

अधिकांशतः स्तन में गांठ (breast lump) का मुख्य कारण हार्मोन्स असंतुलन होता है, इसलिए इन्हें विकसित होने से रोका नहीं जा सकता है। लेकिन स्तन में गांठ से सम्बंधित लक्षणों और इसकी जटिलताओं को कम जरुर किया जा सकता है। इसके लिए व्यक्तियों को अपने स्तनों में परिवर्तन के प्रति जागरूक होना आवश्यक होता है। ब्रेस्ट (स्तन) में गांठ की जटिलताओं से बचने के लिए निम्न उपाय अपनाये जा सकते हैं:

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