जानिए प्यार और पसंद में क्या अंतर होता है - Difference Between Love And Like In Hindi
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जानिए प्यार और पसंद में क्या अंतर होता है – Difference Between Love And Like In Hindi

जानिए प्यार और पसंद में क्या अंतर होता है - Difference Between Love And Like In Hindi

Pyar aur pasand mein antar क्या आप जानतें हैं प्रेम और पसंद में क्या अंतर है? आमतौर पर ज्यादातर लोग प्यार और पसंद को लेकर बहुत अधिक भ्रम में रहते हैं। अगर वह किसी को प्यार करते हैं तो उन्हें लगता है कि वह उसे प्यार नहीं बल्कि सिर्फ पसंद (like) करते हैं, और यदि वह किसी को पसंद करते हैं तो उन्हें लगता है कि वे सिर्फ पसंद ही नहीं करते बल्कि प्यार भी करते हैं। वास्तव में लंबे समय तक व्यक्ति खुद ही यह नहीं समझ पाता है कि आखिर में वह अपने साथी को सिर्फ पसंद करता है या सच में उसे प्यार करता है।

प्यार और पसंद इन दोनों में स्पष्ट अंतर (clear difference) करना बहुत आसान काम नहीं है। लेकिन जब हमें पता चल जाता है कि हम प्यार करते हैं या सिर्फ पसंद करते हैं तो हम उस व्यक्ति पर अपने अधिकारों का इस्तेमाल भी सही तरीके से कर सकते हैं। अगर आप भी प्यार और पसंद को लेकर कन्फ्यूज हैं तो इस आर्टिकल में हम आपको यह बताने जा रहे हैं कि प्यार और पसंद में क्या अंतर (Difference between love and like in Hindi) होता है।

विषय सूची

  1. प्यार और पसंद में अंतर – पसंद गुण देखकर किया जाता है, प्यार अवगुणों से भी हो जाता है
  2. प्रेम और पसंद में अंतर – आजादी का नाम प्यार है और हावी होना मतलब सिर्फ पसंद करना
  3. प्यार और पसंद में अंतर – पसंद टाइम पास जैसा है जबकि फैमिली से मिलवाना प्यार है
  4. प्रेम और पसंद में अंतर – प्यार में गलतफहमी मायने नहीं रखती, पसंद इसी पर खत्म हो जाती है
  5. प्यार और पसंद में अंतर – पसंद में हम पार्टनर को छूट नहीं देते जबकि प्यार में खुली छूट होती है
  6. पसंद और प्रेम में अंतर – पसंद में उसके दोस्तों से जलन होती है, प्यार में ऐसा नहीं होता
  7. प्यार और पसंद में अंतर – प्यार में रोकटोक नहीं होती, पसंद में होती है
  8. प्रेम और पसंद में अंतर – प्यार में माफ किया जाता है पसंद में नहीं

प्यार और पसंद में अंतर – पसंद गुण देखकर किया जाता है, प्यार अवगुणों से भी हो जाता है

प्यार और पसंद में अंतर - पसंद गुण देखकर किया जाता है, प्यार अवगुणों से भी हो जाता है

प्रेम और पसंद में अंतर को गुण और अवगुण से समझा जा सकता है आकर्षण का सिद्धांत (law of attraction) कहता है कि हम किसी व्यक्ति के रुप रंग, गुण, पहनावा, सुंदरता और अन्य चीजों को देखकर उसे पसंद करते हैं। लेकिन व्यक्ति के अंदर के ये गुण (qualities) जब समाप्त हो जाते हैं, अर्थात जब उसकी सुंदरता कम हो जाती है या फिर उसके रहन सहन में बदलाव आ जाता है तो फिर लोग उसे पसंद करना भी बंद कर देते हैं। जबकि प्यार इन चीजों से परे (far away) होता है। अगर आपको किसी व्यक्ति से प्यार है तो चाहे उसकी दुर्घटना हो जाए या फिर किसी और कारणों से उसके शरीर की शोभा (beautiness) खराब हो जाए लेकिन आप उसे प्यार करना कभी नहीं बंद कर सकते हैं। प्यार कोई हिसाब लगाने वाली चीज नहीं होती है और आप किसी भी परिस्थिति में ताउम्र (lifelong) किसी व्यक्ति को प्यार कर सकते हैं।

(और पढ़े – आकर्षण और प्यार में अंतर…)

प्रेम और पसंद में अंतर – आजादी का नाम प्यार है और हावी होना मतलब सिर्फ पसंद करना

प्रेम और पसंद में अंतर - आजादी का नाम प्यार है और हावी होना मतलब सिर्फ पसंद करना

जब आप किसी को सिर्फ पसंद करते हैं तो आप उसके ऊपर हावी (dominate) हो सकते हैं। इसका अर्थ यह है कि अगर कोई व्यक्ति आपको अच्छा लगता है तो आप अपनी मर्जी की चीजें उससे कराना चाहेंगे और उसके मना करने (forbid) पर शायद आपको बुरा भी लग सकता है। चाहे घर में खाना बनाने की बात हो या फिर बाहर में अन्य कामों की, आप चाहेंगे कि वह आपकी मर्जी के अनुसार काम करें। जबकि प्यार में ऐसा नहीं होता है। अगर आप किसी से प्यार करते हैं तो वह जो कुछ भी करेगी, वह आपको पसंद होगा। आप उसे सही (right) और गलत (wrong) में अंतर सीखाएंगे लेकिन उसे कभी कोई काम करने से रोकेंगे नहीं। यह आपके लिए प्यार और पसंद में अंतर समझने का अच्छा तरीका हो सकता है

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प्यार और पसंद में अंतर – पसंद टाइम पास जैसा है जबकि फैमिली से मिलवाना प्यार है

प्यार और पसंद में अंतर - पसंद टाइम पास जैसा है जबकि फैमिली से मिलवाना प्यार है

अक्सर देखा जाता है कि जब हमें कोई अच्छा लगता है तो हम उसके साथ अधिक से अधिक समय बिताना (time spend) चाहते हैं। हम उसके साथ डिनर करने, घूमने और फिल्में देखने का भी मौका (chance) ढूंढते रहते हैं। लेकिन जब कोई व्यक्ति आपसे प्यार करता है और आपको लेकर सपने देखता है तो वह सिर्फ खुद ही नहीं मिलना चाहता है बल्कि धीरे धीरे ही सही लेकिन अपने परिवार के हर एक सदस्य से भी आपको मिलवाना चाहता है ताकि आप उनसे जुड़ें और उनके बारे में भी सोचें। प्यार और पसंद में यह एक बड़ा अंतर (difference) है।

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प्रेम और पसंद में अंतर – प्यार में गलतफहमी मायने नहीं रखती, पसंद इसी पर खत्म हो जाती है

प्रेम और पसंद में अंतर - प्यार में गलतफहमी मायने नहीं रखती, पसंद इसी पर खत्म हो जाती है

जब हम किसी को पसंद करते हैं तो अगर हम दोनों के बीच एक छोटी सी भी गलतफहमी (misunderstanding) पैदा हो जाए तो सभी संबंध एक मिनट में ही टूट जाते हैं। इस स्थिति में हम उस व्यक्ति से दोबारा संबंध (relationship) जोड़ने की कोशिश नहीं करते हैं और ना ही आपस में बात करके गलतफहमियों को कम करने की ही कोशिश करते हैं। फिर दोनों व्यक्ति अलग हो जाते हैं और एक दूसरे की परवाह नहीं करते हैं। लेकिन जब हमें किसी से प्यार होता है, बेहद प्यार, तो छोटी छोटी गलतफहमियां हम दोनों के रिश्तों में मायने ही नहीं रखती हैं और अगर इस तरह की कोई गलतफहमी आ भी जाती है तो कम से कम रिश्ते तो नहीं ही खत्म होते हैं।

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प्यार और पसंद में अंतर – पसंद में हम पार्टनर को छूट नहीं देते जबकि प्यार में खुली छूट होती है

प्यार और पसंद में अंतर - पसंद में हम पार्टनर को छूट नहीं देते जबकि प्यार में खुली छूट होती है

अगर कोई व्यक्ति हमें पसंद होता है तो हम हमेशा यह चाहते हैं कि वह अनावश्यक काम (unnecessary work) से घर से बाहर न निकले, दूसरों से बातें ना करे, अपनी तरह से अपनी जिंदगी ना जिए। वास्तव में हमें उसकी जिंदगी में दखल देने की आदत हो जाती है क्योंकि हम उसे पसंद करते हैं। लेकिन जब हम किसी को प्यार करते हैं तो उसे कैद (imprisoned) करके नहीं रखना चाहते हैं और उसे हमेशा प्रोत्साहित करते हैं कि वह घर से बाहर निकले, अपने दोस्तों के साथ मस्ती करे और अपने तरीके से अपना जीवन जिए। प्यार और पसंद में यह होता है एक बड़ा अंतर।

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पसंद और प्रेम में अंतर – पसंद में उसके दोस्तों से जलन होती है, प्यार में ऐसा नहीं होता

पसंद और प्रेम में अंतर - पसंद में उसके दोस्तों से जलन होती है, प्यार में ऐसा नहीं होता

अगर आप किसी लड़की को पसंद करते हैं और आपको उसके पुरुष मित्रों (male friends) के बारे में जानकर जलन (jealouse) महसूस होती है तो इसका अर्थ यह है कि आप उसे प्यार नहीं करते बल्कि सिर्फ पसंद करते हैं। आप कभी नहीं चाहते कि वह आपसे अपने पुरुष मित्रों के बारे में बातें करे और ना ही आप इस चीज को कभी बर्दाश्त (tolerate) कर पाते हैं। लेकिन अगर आप उसे दिल से प्यार करते हैं तो आप न सिर्फ उसके ऊपर पूरा भरोसा करते हैं बल्कि उसके दोस्तों के बारे में सुनकर आपको खराब (awkward) नहीं लगता है और आप खुद उसे उसके दोस्तों के साथ समय बीताने के लिए भेजते हैं।

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प्यार और पसंद में अंतर – प्यार में रोकटोक नहीं होती, पसंद में होती है

प्यार और पसंद में अंतर - प्यार में रोकटोक नहीं होती, पसंद में होती है

अगर आपको कोई अच्छा लगता है लेकिन आप हमेशा उसे रोकते टोकते (encroach) हैं तो वास्तव में आप उसे प्यार नहीं करते सिर्फ पसंद करते हैं। आप हमेशा सिर्फ यह चाहते हैं कि वह आपसे बातें करती रही, अपनी जिंदगी में किसी और को अहमियत ना दें। अगर वह ऐसा करती है तो आप नाराज हो जाते हैं और उससे सभी संबंध खत्म कर लेने की धमकी (challenge) देते हैं। लेकिन प्यार में ऐसा बिल्कुल नहीं होता है। अगर आप किसी से सच्चा प्यार करते हैं तो आप हमेशा उसे आजाद रखने की कोशिश करेंगे। आप खुद सोचेंगे कि उसका भी अपना जीवन है, आखिर वह आपके साथ गुलाम (imprisoned) की तरह क्यों रहे।

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प्रेम और पसंद में अंतर – प्यार में माफ किया जाता है पसंद में नहीं

प्रेम और पसंद में अंतर - प्यार में माफ किया जाता है पसंद में नहीं

प्यार और पसंद में अंतर समझने का यह आसान तरीका है अगर आप किसी व्यक्ति को पसंद करते हैं तो गलती होने पर आप उससे कभी माफी (sorry) नहीं मांग सकते क्योंकि आपका अभिमान बीच में आता है। आपको उससे माफी मांगना शर्मिंदगी (embarrassed) का काम लगता है और इससे आपका अहंकार भी बढ़ता जाता है। ऐसे में एक स्थिति ऐसी आती है जब महज घमंड की वजह से आप दोनों का रिश्ता खत्म हो जाता है। लेकिन अगर आप किसी को प्यार करते हैं तो आप उसे माफ (forgive) भी करना जानते हैं। इसमें किसी तरह का कोई अहंकार बीच में नहीं आता है और कभी कभी अगर आपकी गलती नहीं होती है तब भी आप माफी मांग लेते हैं।

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