पेनिस में फ्रैक्चर क्या है, लक्षण, कारण, इलाज और बचाव – Penile Fracture In Hindi




पेनिस में फ्रैक्चर क्या है, लक्षण, कारण, जांच, इलाज और बचाव – Penile Fracture, Symptoms, Causes, Treatment And Prevention In Hindi
Written by Daivansh

Penile Fracture in Hindi पेनिस फ्रैक्चर पुरुषों के लिंग में एक दर्दनाक चोट है, जो संभोग के दौरान या किसी दुर्घटना के दौरान लिंग की नसों और धमनियों के क्षतिग्रस्त होने का कारण बनती है। लिंग का टूटना या पेनिस में फ्रैक्चर की समस्या आमतौर पर लिंग के निचले भाग के दो-तिहाई हिस्से में उत्पन्न होती है। अधिक समय तक पेनिस में फ्रैक्चर की समस्या सम्बंधित व्यक्ति के यौन कार्यों में अवरोध उत्पन्न होने और मूत्रमार्ग के क्षतिग्रस्त होने का कारण बन सकती है, इसलिए पीड़ित व्यक्ति को तत्काल चिकित्सकीय सहायता प्राप्त करनी चाहिए। पेनिस फ्रैक्चर से ग्रस्त पुरुष सर्जरी के माध्यम से पूर्ण स्वस्थ्य की स्थिति प्राप्त कर सकते हैं।

अतः आज के इस लेख में आप जानेंगे कि पेनिस में फ्रैक्चर क्या है, इसके लक्षण, कारण और जांच क्या हैं तथा इसके उपचार और बचाव के लिए क्या प्रक्रिया अपनाई जा सकती है।

पेनिस (लिंग) फ्रैक्चर क्या है – What is Penile fracture in Hindi

टूटी लिंग या पेनिस में फ्रैक्चर (Penile fracture) पुरुषों में उत्पन्न काफी दर्दनाक समस्या है, जो सम्बंधित व्यक्ति के यौन कार्यों में अवरोध उत्पन्न करती है। पेनिस फ्रैक्चर की समस्या हड्डी टूटने के समान नहीं है, बल्कि इसका सम्बन्ध इरेक्शन (erections) में अपना योगदान देने वाले लिंग के दो क्षेत्र- कॉर्पोरा कैवर्नोसा (corpora cavernosa) और पेनिस शीथ (penile sheath) के क्षतिग्रस्त होने से है। अतः किसी कारणवश लिंग के स्तंभन ऊतक (कॉर्पस कोवर्नोसम) के फटने या क्षतिग्रस्त होने के परिणामस्वरूप पेनिस में फ्रैक्चर की समस्या उत्पन्न होती है। पेनिस में फ्रैक्चर की समस्या ज्यादातर सम्भोग के समय चोट लगने के दौरान उत्पन्न होती हैं।

पेनिस फ्रैक्चर की स्थिति में तत्काल चिकित्सकीय सहायता प्राप्त करनी चाहिए, ताकि यौन और मूत्र सम्बन्धी स्थायी समस्याओं को रोकने में मदद हो सके। कुछ गंभीर स्थितियों में पेनिस फ्रैक्चर से सम्बंधित व्यक्ति को जल्द से जल्द अस्पताल में भर्ती होने और सर्जरी कराने की आवश्यकता पड़ सकती है।

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पेनिस में फ्रैक्चर के लक्षण – Penile fracture Symptoms in Hindi

आमतौर पर हस्तमैथुन या सेक्स के दौरान पेनिस फ्रैक्चर (Penile fracture) हो सकता है। पेनिस फ्रैक्चर के सामान्य लक्षणों में निम्न को शामिल किया जाता है, जैसे:

  • लिंग से खून बहना
  • लिंग का मुड़ा हुआ होना
  • हल्का या गंभीर दर्द का अनुभव होना
  • लिंग में सूजन उत्पन्न होना
  • पेशाब करने में परेशानी होना
  • इरेक्शन से सम्बंधित समस्याएँ उत्पन्न होना (इरेक्टाइल डिसफंक्शन (ED))
  • लिंग के प्रभावित क्षेत्र के ऊपर गहरी चोट के निशान उत्पन्न होना
  • अंडकोश में सूजन और मूत्र में रक्त की उपस्थिति
  • सेक्स करने के दौरान क्रैकिंग या पॉपिंग साउंड सुनाई देना पेनिस फ्रैक्चर का संकेत हो सकता है।

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पेनिस में फ्रैक्चर के कारण – Penile fracture Causes in Hindi

ट्यूनिका अल्बुगिनेया (tunica albugineaen), संयोजी ऊतक की एक सख्त रेशेदार परत होती है, जो लिंग के कॉर्पस कैवर्नोसा को घेरे रहती है। कॉर्पस कैवर्नोसा (corpus cavernosa) लिंग में स्पंजी ऊतक का एक क्षेत्र होता है, जहाँ इरेक्शन के दौरान लिंग को खड़ा करने के लिए रक्त एकत्रित होता है। अतः जब स्तंभन के दौरान लिंग में अचानक चोट लगने या लिंग के मुड़ने से ट्यूनिका अल्बुगिनेया टूट जाता या कॉर्पस कैवर्नोसा क्षतिग्रस्त हो जाता है, तब इस स्थिति को पेनिस फ्रैक्चर (Penile fracture) के रूप में जाना जाता है।

अतः पेनिस में फ्रैक्चर आमतौर पुरुषों में पेनिस इरेक्शन के दौरान होता है। पेनिस में फ्रैक्चर के कुछ अन्य कारण भी हो सकते हैं जो कि निम्न हैं:

  • संभोग (intercourse) के दौरान आकस्मिक चोट लगने के कारण
  • आक्रामक हस्तमैथुन (aggressive masturbation) के दौरान
  • गिरने, कार दुर्घटना या अन्य दुर्घटना के दौरान लिंग को तेजी से झटका लगने के दौरान
  • खड़े लिंग (erect penis) की स्थिति में अचानक बिस्तर पर लेटने के दौरान, इत्यादि।

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ब्रोकन पेनिस की स्थति में डॉक्टर को कब दिखाना है – When to see a doctor for penile fracture in Hindi

यदि किसी व्यक्ति को पेनिस फ्रैक्चर का संदेह है, तो उसे तत्काल चिकित्सा सहायता प्राप्त करने के लिए डॉक्टर से परामर्श लेना चाहिए।

डॉक्टर के अनुसार पेनिस में फ्रैक्चर की स्थिति एक यूरोलॉजिकल इमरजेंसी है, क्योंकि यह स्थिति सम्बंधित पुरुष के यौन और मूत्र संबंधी कार्यों को स्थायी रूप से प्रभावित कर सकती है।

पेनिस फ्रैक्चर के जोखिम कारक – Penile fracture Risk factors in Hindi

यद्यपि संभोग की किसी भी स्थिति के दौरान लिंग में चोट लगना, पेनिस फ्रैक्चर का कारण हो सकती है, लेकिन कुछ स्थितियों में इसके अन्य जोखिम कारक भी हो सकते हैं। विषमलैंगिक पुरुषों में, वुमन ऑन टॉप पोजिशन (woman-on-top position) पेनिस फ्रैक्चर के जोखिम को बढ़ाती है। अतः सेक्स करते समय जब लिंग को योनि में प्रवेश करने से अचानक रोका जाता है, तो महिला का सम्पूर्ण वजन लिंग को बलपूर्वक मोड़ सकता है। सेक्स के दौरान महिला के बहुत अधिक आगे या पीछे हिलने के परिणामस्वरूप भी लिंग की शाफ़्ट झुक सकती हैं। अतः यह स्थितियां पेनिस फ्रैक्चर (Penile fracture) के जोखिम को बढ़ा सकती हैं।

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पेनिस में फ्रैक्चर की जटिलताएं – Penile fracture Complications in Hindi

लिंग में चोट लगाना या पेनिस फ्रैक्चर (Penile fracture) की स्थिति में तुरंत चिकित्सकीय उपचार किया जाना आवश्यक होता है। यदि समय पर उचित इलाज प्राप्त नहीं किया जाये, तो पेनिस फ्रैक्चर निम्न जटिलताओं का कारण बन सकता है, जैसे:

  • स्तंभन दोष (erectile dysfunction)
  • लिंग का टेढ़ापन (curvature of the penis)
  • दर्दनाक इरेक्शन (painful erections), इत्यादि।

पेनिस में फ्रैक्चर की जाँच – Penile fracture Diagnosis in Hindi

पेनिस फ्रैक्चर (Penile fracture) की स्थिति का निदान करने के लिए डॉक्टर शारीरिक परीक्षण के साथ-साथ इमेजिंग परीक्षणों का भी उपयोग कर सकता है। लिंग में चोट सम्बन्धी परिस्थितियों की जानकारी प्राप्त करने के लिए डॉक्टर पेनिस फ्रैक्चर की नैदानिक प्रक्रिया में मरीज से कुछ सवाल पूंछ सकता है। डॉक्टर द्वारा एक से अधिक परीक्षणों का उपयोग पेनिस में फ्रैक्चर की जाँच करने के लिए किया जा सकता है।

डॉक्टर द्वारा लिंग की चोटों या पेनिस फ्रैक्चर का निदान करने के लिए इमेजिंग परीक्षणों के तहत् निम्न परीक्षणों की सिफारिश की जा सकती है, जैसे:

एक्स-रे (X-ray) परीक्षण – एक विशेष प्रकार का एक्स-रे (X-ray) परीक्षण, जिसे कैवर्नोग्राफी (cavernosography) कहा जाता है, पेनिस फ्रैक्चर का निदान करने के लिए एक आवश्यक इमेजिंग परीक्षण है। इस परीक्षण के तहत् लिंग की रक्त वाहिकाओं में एक विशेष प्रकार की डाई इंजेक्ट कर एक्स-रे (X-ray) की मदद से लिंग की इमेज प्राप्त की जाती हैं।

पेनिस अल्ट्रासाउंड (penile ultrasound) – पेनिस अल्ट्रासाउंड के तहत लिंग के क्षतिग्रस्त आंतरिक भाग को देखने के लिए ध्वनि तरंगों का उपयोग किया जाता है।

मैग्नेटिक रेजोनेंस इमेजिंग (MRI) – लिंग के अंदर की विस्तृत छवियों को देखने के लिए मैग्नेटिक रेजोनेंस इमेजिंग (MRI) परीक्षण के तहत एक प्रबल चुंबकीय क्षेत्र और रेडियो तरंगों का उपयोग किया जाता है।

पेनिस फ्रैक्चर की जटिलताओं की जांच करने और मूत्रमार्ग के क्षतिग्रस्त होने की स्थिति का आकलन करने के लिए एक विशेष मूत्र परीक्षण की भी सिफारिश की जा सकती है।

पेनिस में फ्रैक्चर का इलाज – Penile fracture Treatment in Hindi

लिंग में चोट या पेनिस फ्रैक्चर (Penile fracture) का इलाज करने के लिए आमतौर पर सर्जरी की आवश्यकता होती है। पेनिस फ्रैक्चर से सम्बंधित व्यक्तियों में सर्जिकल प्रक्रिया के तहत बेहतर परिणाम देखने को मिले हैं। किसी पुरुष के लिंग में चोटों की सीमा और स्थिति के आधार पर सर्जिकल उपचार भिन्न-भिन्न हो सकते हैं।

सर्जन ट्यूनिका अल्बुगिनेया (tunica albuginea) और कॉर्पस कैवर्नोसम (corpus cavernosum) के फटे हुए या क्षतिग्रस्त भाग की मरम्मत करने के लिए टांके का उपयोग करता है। इसके अतिरिक्त सर्जिकल प्रक्रिया निम्न उद्देश्य पर आधारित होती हैं, जैसे:

  • फ्रैक्चर के कारण हेमेटोमा (hematoma) या रक्त के जमाव से छुटकारा पाने के लिए सर्जरी
  • क्षतिग्रस्त रक्त वाहिकाओं के रक्तस्राव को रोकने के लिए सर्जरी
  • क्षतिग्रस्त मूत्रमार्ग को ठीक करने के लिए सर्जरी, इत्यादि।

डॉक्टर द्वारा घर पर पेनिस फ्रैक्चर से राहत पाने के लिए निम्न उपचार प्रक्रिया अपनाने की सलाह दी जा सकती है:

  • लिंग की सूजन को कम करने के लिए बर्फ पैक की मदद से लगभग 10 मिनट तक सिकाई करना
  • मूत्राशय को खाली करने और लिंग की आंतरिक चोट को कम करने के लिए फोले कैथेटर (Foley catheter) का उपयोग करना
  • डॉक्टर की सलाह पर दर्द और सूजन को कम करने के लिए, इबुप्रोफेन (ibuprofen) जैसी एंटी इंफ्लेमेटरी ड्रग का सेवन करना
  • लिंग पर दवाब डालने वाले अंडरवियर न पहनना, इत्यादि।

केवल घरेलू उपचार अपनाकर पेनिस फ्रैक्चर का इलाज नहीं किया जा सकता है। इसके साथ अनेक गंभीर जटिलताएं शामिल है, अतः पेनिस में फ्रैक्चर की स्थिति का तुरंत इलाज प्राप्त करने के लिए डॉक्टर की सलाह लेनी आवश्यक है।

ट्रीटमेंट के बाद रिकवरी में कितना समय लगता है – Penile fracture Treatment Recovery Time in Hindi

पेनिस की सर्जरी के बाद, मरीज को रिकवरी के लिए लगभग तीन दिनों तक अस्पताल में रहने की आवश्यकता पड़ सकती है। सर्जरी के बाद डॉक्टर मरीज को दर्द की दवा और एंटीबायोटिक्स की सिफारिश कर सकता है। सर्जरी के बाद, फ्रैक्चर को पूरी तरह से ठीक होने में कई महीनों का समय लग सकता है। अतः उपचार प्रक्रिया के प्रभाव निगरानी रखने के लिए डॉक्टर द्वारा समय समय पर कुछ परीक्षणों की सिफारिश की जा सकती है:

पेनिस सर्जरी के बाद सम्बंधित व्यक्ति को कम से कम एक महीने तक संभोग न करने की सलाह दी जाती है।

पेनिस फ्रैक्चर की रोकथाम – Penile fracture prevention in Hindi

टूटे लिंग की समस्या या पेनिस में फ्रैक्चर (Penile fracture) की समस्या से बचने के लिए प्रत्येक पुरुष को सम्भोग के दौरान लिंग को चोट पहुचने से बचाने के लिए उचित सावधानी रखनी चाहिए। पेनिस फ्रैक्चर की रोकथाम के लिए पुरुषों द्वारा कुछ महत्वपूर्ण उपाय अपनाये जा सकते हैं, जैसे:

  • लिंग को चोट लगने से बचाने के लिए प्रत्येक व्यक्ति को यह सुनिश्चित कर लेना चाहिए कि संभोग के दौरान पर्याप्त चिकनापन हो
  • जोरदार संभोग या कठिन संभोग के दौरान सावधान रहें
  • इरेक्ट पेनिस (erect penis) को टाइट अंडरवियर के अंदर करने या रखने से बचें
  • इरेक्शन (erection) के समय बिस्तर पर उल्टे लुढ़कने की कोशिश न करें
  • आक्रामक हस्तमैथुन से लिंग पर अचानक बल पूर्वक चोट न लगने दें
  • लिंग में चोट लगने के 24 घंटों के भीतर इलाज प्राप्त करने की कोशिश करें, जिससे कि काफी बेहतर परिणाम प्राप्त हो सकें, इत्यादि।

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