कान बहने के कारण, लक्षण और इलाज – Ear discharge causes symptoms and treatment in Hindi

कान बहने के कारण, लक्षण और इलाज - Ear discharge causes symptoms and treatment in Hindi
Written by Anamika

Ear discharge in Hindi कान से तरल पदार्थ का स्राव होने की क्रिया को कान बहना (Ear discharge) या ओटोरिया (otorrhea) कहा जाता है। कान से बहने वाले तरल पदार्थ पतला, पानी जैसा, खून के समान, सफेद और पस (pus) जैसा हो सकता है। हालांकि यह कान बहने के कारणों पर निर्भर करता है। ज्यादातर समय कान से मैल (earwax) का स्राव होता है। ईयर वैक्स कान में स्वतः बनता है और यह बैक्टीरिया और धूल से कान की सुरक्षा करता है। लेकिन कान में किसी कारण से इंफेक्शन या अन्य समस्या होने के कारण कान बहने लगता है।

  1. कान बहने का कारण – kaan bahne ka karan, Causes of Ear Discharge in Hindi
  2. कान बहने के लक्षण – Symptoms of Ear Discharge in Hindi
  3. कान बहने का निदान – Ear Discharge diagnosis in Hindi
  4. कान बहने का इलाज – Treatment of Ear Discharge in Hindi
  5. कान बहने से कैसे करें बचाव – Prevention of Ear Discharge in Hindi

कान बहने का कारण – kaan bahne ka karan, Causes of Ear Discharge in Hindi

ज्यादातर मामलों में आमतौर पर कान में मैल या मोम जैसा चिपचिपा पदार्थ (wax) अधिक हो जाने के कारण कान बहने लगता है। यह स्वाभाविक होता है। लेकिन इसके अलावा भी कुछ अन्य कारणों से भी कान बहने लगता है। आइये जानते हैं कान बहने के कारण क्या है

  • कुछ व्यक्तियों में कान के पर्दे में खरोंच आ जाती है या पर्दा टूट (ruptured) जाता है जिसके कारण कान से सफेद और हल्का पीला स्राव होने लगता है।
  • कान का पर्दा आमतौर पर कान के अंदर अचानक चोट लगने या सिर पर अचानक प्रहार करने से फटता है जिसके कारण कान बहने लगता है।
  • इसके अलावा कुछ लोग कान साफ करने के लिए कॉटन का प्रयोग करते हैं और जब कॉटन कान के अंदर छूट जाता है तो वहां घाव पैदा कर देता है जिसकी वजह से कान बहने लगता है।
  • अधिक तेज आवाज (loud noises) सुनने से कान का पर्दा प्रभावित (affect) होता है जिसके कारण कान बहने लगता है। हवाई जहाज में काम करने वाले लोगों को ज्यादातर यह समस्या होती है।
  • यदि कोई व्यक्ति तैराक (swimmer) है तो उसे कान में खुजली (itching) और कान बहने की समस्या हो सकती है।
  • कान में बैक्टीरियल या वायरल इंफेक्शन के कारण कान बहने लगता है। वास्तव में सर्दी जुकाम या फ्लू के कारण नाक बहने की समस्या हो जाती है जिसके कारण गले के माध्यम से बैक्टीरिया कान में भी इंफेक्शन फैला देते हैं और कान बहने की समस्या हो जाती है।
  • गले और ईयर कैनाल को जोड़ने वाली यूस्टाचियन ट्यूब (Eustachian tube) में सूजन के कारण कान में नमी पैदा हो जाती है जिसके कारण कान बहने लगता है। तरल पदार्थ कान के मध्य भाग को ब्लॉक कर देते हैं जिसके कारण यूस्टाचियन ट्यूब में सूजन (swelling) हो जाती है और कान बहने लगता है।

कान बहने के लक्षण – Symptoms of Ear Discharge in Hindi

ज्यादातर मामलों में कान बहना अचानक शुरू होता है। इससे पहले व्यक्ति को कुछ विशेष महसूस नहीं होता है। लेकिन कान के बहने के लक्षणों को जानना जरूरी होता है। आइये जानते हैं कि कान बहने के लक्षण क्या हैं।

  • कान से सफेद, हल्का पीला या भूरे रंग का स्राव होना
  • दुर्गंध के साथ कान से तरल पदार्थ निकलना
  • कान में दर्द होना
  • व्यक्ति के कान में संक्रमण के कारण बुखार होना
  • कान में सुन्नता या सनसनाहट होना।
  • कान में सूजन होना या कान लाल (redness) हो जाना।
  • सुनने में अचानक कठिनाई का अनुभव

कान बहने पर कान से कई तरह के तरल पदार्थ (fluid) निकलते हैं जिसे ओटोरिया (otorrhea) भी कहा जाता है। कान में मैल जमा होकर बहना सामान्य होता है क्योंकि यह कान में प्राकृतिक रूप से बनने वाले ऑयल के कारण कान में जमा होता है। यह कान के अंदर धूल और बैक्टीरिया जाने से रोकता है। लेकिन कभी-कभी कान का पर्दा टूट जाने के कारण कान से खून या अन्य तरल पदार्थ निकलता है। अगर ऐसे लक्षण दिखायी देते हैं तो इन लक्षणों की अनदेखी नहीं करनी चाहिए क्योंकि ये लक्षण अधिक गंभीर हो सकते हैं।

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कान बहने का निदान – Ear Discharge diagnosis in Hindi

कान की समस्या का निदान करने के लिए डॉक्टर एक विशेष रोशनी युक्त उपकरण (lighted instrument) से कान का परीक्षण करता है। इस यंत्र को ओटोस्कोप (otoscope) कहा जाता है। कान के अंदर उपकरण (equipment) की सहायता से डॉक्टर कान के पर्दे के पीछे इकट्ठा तरल पदार्थ की जांच करते हैं। यदि जांच के दौरान कान में किसी गंभीर समस्या का संकेत दिखाई देता है तो डॉक्टर टिम्फानोमेट्री (tymphanometry) या एकॉस्टिक रिफ्लेक्टिव टेस्ट (acoustic reflective test ) कान के पर्दे में हलचल की जांच करने के लिए करते हैं।

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कान बहने का इलाज – Treatment of Ear Discharge in Hindi

कान के बहने का इलाज आमतौर पर इसके कारण औऱ लक्षण के आधार पर किया जाता है। लेकिन यदि कान में जमा मैल (earwax) के कारण कान बह रहा हो तो यह कुछ दिन में अपने आप ठीक हो जाता है। डॉक्टर इलाज शुरू करने से पहले कुछ दिनों तक इसके लक्षणों को देखते हैं और यदि कान में दर्द या अन्य तरह की परेशानी महसूस हो रही हो तो दर्द से राहत के लिए इबुप्रोफेन (ibuprofen) नामक दवा देते हैं। लेकिन यदि कान में इंफेक्शन हो तो इस स्थिति में डॉक्टर एंटीबायोटिक ईयरड्रॉप (eardrop) देते हैं जो कान के दर्द और संक्रमण को बहुत जल्दी ही ठीक कर देता है। (और पढ़े – कंजंक्टिवाइटिस एलर्जी (आँख आना) के कारण, लक्षण और ठीक करने के घरेलू उपाय…)

लेकिन यदि कान के बहने का कारण कान के पर्दे से संबंधित हो तो डॉक्टर इसे कुछ दिन प्राकृतिक रूप से ठीक होने के लिए छोड़ देते हैं औऱ इसके बाद कान पर विशेष पैच लगाते हैं और कान के छेद (ear hole) को बंद कर देते हैं। लेकिन यदि पैच लगाने के बाद भी कान बहना बंद नहीं होता है तो अंत में कान के पर्दे की सर्जरी की जाती है।

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कान बहने से कैसे करें बचाव – Prevention of Ear Discharge in Hindi

  • कान को साफ करने के लिए माचिस की तीली, पिन या किसी अन्य चीज का इस्तेमाल न करें।
  • यदि नहाते समय आप कान में कॉटन डालकर नहाते हैं तो नहाने के बाद कान से कॉटन निकाल लें अन्यथा यह कान के कैनाल (ear canal) में फंस जाता है जिसकी वजह से कान बहने लगता है।
  • स्तनपान करने वाले बच्चों की इम्युनिटी बेहतर होती है और ऐसे बच्चों के कान में इंफेक्शन नहीं होता है लेकिन अगर बच्चा बॉटल से दूध पीता है तो उसे सीधे लेटाकर दूध पिलाएं, इससे बच्चे को कान बहने की समस्या नहीं होगी।
  • यदि कान में खुजलाहट महसूस हो दो उसे खरोंचने के लिए किसी तेज यंत्र का प्रयोग न करें अन्यथा कान का पर्दा (eardrum)फट सकता है।
  • हवाई जहाज में यात्रा करते समय कान की पूरी सुरक्षा रखें।
  • नहाने के बाद कान को अच्छी तरह से पोंछ लें या सुखा (dry) लें।
  • यदि आप स्विमिंग करने के शौकीन हैं तो स्विमिंग करने के बाद कान में दवा (drop) डाल लें ताकि कान में इंफेक्शन न हो।
  • धूम्रपान न करें,  क्योंकि इससे कान में संक्रमण होता है और कान बहने की समस्या (problem) उत्पन्न हो सकती है।

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