राष्ट्रीय कैंसर जागरूकता दिवस- लक्षण, कारण और प्रकार National Cancer Awareness Day – Symptoms, Causes and Types

राष्ट्रीय कैंसर जागरूकता दिवस- लक्षण, कारण और प्रकार National Cancer Awareness Day - Symptoms, Causes and Types
Written by Deepak

जल्दी पहचान और उपचार से केंसर ठीक हो सकता है कैंसर cancer जिसका नाम सुनते ही मन में अजीव सा डर उत्पन्न होता है यह एक ऐसा शब्द है जिसे सुनते ही लोगों के मन में कई तरह के ख्याल आने लगते है. कैंसर के मरीजों की संख्या दिन प्रति दिन बढ़ती जा रही है और ऐसा माना जा रहा है कि 2020 तक कैंसर मरीजों की संख्या एक करोड़ से ऊपर पहुंच जायेगी. भारत में भी यह रोग जिस तेजी से लोगों को अपना शिकार बना रहा है, उतनी तेजी से हम उसके उपचार की व्यवस्था नहीं कर पा रहे हैं. इस बीमारी से लड़ने का सबसे मजबूत तरीका है इसके बारे में जागरूकता और जल्द से जल्द इसकी पहचान होना जिससे सही समय पर इलाज कर इससे बचा जा सके|

  • 19 सितंबर, 2014 को स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा प्रत्येक वर्ष के ‘7 नवंबर’ को ‘राष्ट्रीय कैंसर जागरूकता दिवस’ के रूप में पुनः मनाने का निर्णय किया गया।
  • कैंसर रोग कोशिकाओं में अनियंत्रित वृद्धि के कारण होता है।
  • प्रत्येक वर्ष के ‘4 फरवरी’ को ‘विश्व कैंसर दिवस’ के रूप में मनाया जाता है।
  • केरल सरकार ‘सुहुरथम’ नाम से मेडिकल कालेजों में कैंसर के निःशुल्क उपचार की योजना चला रही है।
  • हाल ही में एक नए ‘राष्ट्रीय कैंसर संस्थान’ की स्थापना हरियाणा के ‘झज्जर’ में की जा रही है।

कैंसर क्या होता है  What is cancer in Hindi

शरीर में कोशिकाओं के समूह की अनियंत्रित वृद्धि कैंसर है। जब ये कोशिकाएं टिश्यू को प्रभावित करती हैं तो कैंसर शरीर के अन्य हिस्सों में फैल जाता है। कैंसर किसी भी उम्र में हो सकता है। लेकिन यदि कैंसर का सही समय पर पता ना लगाया गया और उसका उपचार ना ह तो इससे मौत का जोखिम बढ़ सकता है।

कैंसर के कई प्रकार हैं There are many types of cancer in hindi

आपको जानकर हैरानी होगी कि कैंसर के सौ से भी अधिक रूप है। जैसे- स्तन कैंसर, सर्वाइकल कैंसर, ब्रेन कैंसर, बोन कैंसर, ब्लैडर कैंसर, पेंक्रियाटिक कैंसर, प्रोस्टेट कैंसर, गर्भाशय कैंसर, किडनी कैंसर, लंग कैंसर, त्वचा कैंसर, स्टमक कैंसर, थायरॉड कैंसर, मुंह का कैंसर, गले का कैंसर इत्यादि

कैंसर के कारण – Causes of cancer in Hindi

कैंसर कई तरह का होता है और हर कैंसर के होने के अलग-अलग कारण हैं। लेकिन कुछ मुख्य कारक ऐसे भी हैं जिनसे कैंसर होने का खतरा किसी को भी हो सकता है। ये कारक हैं-

  • वजन बढ़ना या मोटापा
  • अधिक शारीरिक सक्रियता ना होना।
  • एल्कोहल और नशीले पदार्थों का अधिक मात्रा में सेवन करना।
  • कैंसर में पौष्टिक आहार ना लेना।
  • अपनी दिनचर्या में व्यायाम को शामिल ना करना।

कैंसर के और भी कारण हो सकते है  Other Causes of Cancer in hindi

कैंसर आनुवांशिक भी हो सकता है। कई बार कैंसर से पीडि़त माता या पिता के जीन बच्चे में भी आ जाते हैं जिससे बच्चे को भविष्य में कैंसर होने की आशंका बढ़ जाती है।

किसी गंभीर बीमारी के कारण भी आपको कैंसर हो सकता है। यानी यदि आप किसी गंभीर बीमारी के लिए दवाएं ले रहे हैं तो इन दवाओं के साइड इफेक्ट्स के कारण आप कैंसर के शिकार हो सकते हैं।

कई बार उम्र के बढ़ने के साथ भी शरीर में चुस्ती-फुर्ती नहीं रहती और उम्र के पड़ाव पर व्यक्ति बीमार पड़ने लगता है, ऐसे में कई बार कैंसर भी हो जाता है।

कैंसर के पांच बडे लक्षण Five major symptoms of cancer in hindi

1- पेशाब और शौच के समय आने वाला खून।

2- खून की कमी जिससे एनीमिया हो जाता है, थकान और कमजोरी महसूस करना, तेज बुखार आना और बुखार का ठीक न होना।

3- खांसी के दौरान खून का आना, लंबे समय तक कफ आना, कफ के साथ म्यूकस आना।

4- स्तन में गांठ, माहवारी के दौरान अधिक स्राव होना।

5- कुछ निगलने में दिक्कत होना, गले में किसी प्रकार का गांठ होना, शरीर के किसी भी भाग में गांठ या सूजन होना।

आम तौर पर होने वाले कैंसर के प्रकार Common types of cancer in hindi

स्तन कैंसर: Breast Cancer in hindi

अधिक प्रसव व शिशु को स्तनपान न कराने से स्‍तन कैंसर होता है। डिंबग्रंथि (ओवरी) से उत्सर्जित हार्मोन भी इसको पैदा करते हैं.

गर्भाशय का कैंसर: Uterine cancer in hindi

छोटी उम्र में विवाह, अधिक प्रसव, संसर्ग के दौरान रोग, प्रसव के दौरान गर्भाशय में किसी प्रकार का घाव होना और वह ठीक होने से पहले गर्भधारण हो जाए तो 40 की उम्र के बाद गर्भाशय का कैंसर होने का खतरा रहता है। मीनोपॉज के बाद रक्तस्राव होना, और दुर्गंध आना, पैरों व कमर में दर्द रहना इसके लक्षण हैं.

रक्त कैंसर: Blood cancer (leukemia) in hindi

एक्सरे और विकिरण प्रणाली से किरणें यदि शरीर के अन्दर प्रवेश कर जाएं तो अस्थियों को प्रभावित करती हैं, जिससे उसके अन्दर खून के सेल्स भी प्रभावित होते हैं।  ब्लड कैंसर में शरीर की  स्वेत रक्त कणिकाओ ने अनियंत्रित वृधि होने लगती है मुख से खून निकलना, जोड़ों व हडि्डयों में दर्द, बुखारा का लगातार कई दिनों तक बना रहना, डायरिया होना, प्लीहा व लसिका ग्रंथियों के आकार में वृद्धि होना, सांस लेने में दिक्कत होना इसके प्रमुख लक्षण हैं.

गले  का कैंसर: Throat cancer in hindi

तंबाकू सेवन मुख व गले के कैंसर का मुख्य कारण है। मुख के भीतर कोई गांठ, घाव या पित्त बन जाना, मुंह में सफेद दाग, लार टपकना, बदबू आना, मुंह खोलने, बोलने व निगलने में दिक्कत होना इसके लक्षण हैं.

लंग कैंसर: Lung cancer in hindi

हल्की निरंतर खांसी आना, खांसी के साथ खून आना, आवाज में बदलाव आना, सांस लेने में दिक्कत होना इसके लक्षण हैं.

आमाशय का कैंसर : stomach cancer in hindi

पेट में दर्द, भूख बहुत कम आना, कभी-कभी खून की उल्टी होना, खून की कमी। पतले दस्त, शौच के समय केवल खून निकलना, आंतों में गांठ की वजह से शौच न होना इसके प्रमुख लक्षण हैं.

सर्वाइकल कैंसर : Cervical cancer in hindi

इसके फैलने के बाद रक्त-सामान या मलिन योनिक स्राव उत्पन्न करता है जो कि संभोग या असामान्य रक्त स्राव के बाद नजर आता है। सर्वाइकल कैंसर की प्रारंभिक अवस्थाएं पीडा, भूख की कमी, वजन का गिरना और अनीमिया उत्पन्न करती हैं.

ब्रेन कैंसर: Brain cancer in hindi

ब्रेन कैंसर में मस्तिष्क या स्पाइनल कॉर्ड में गांठ होती है जिससे चक्कार आना, उल्टी  होना, भूलना, सांस लेने में दिक्कत होना इसके प्रमुख लक्षण हैं।

क्या आप जानते हैं देश में सबसे अधिक होने वाली मौतों में कुछ कैंसर प्रमुख हैं-

  • महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर, गर्भाश्य कैंसर और सर्वाइकल कैंसर से सबसे अधिक मौते होते हैं।
  • पुरूषों में सबसे अधिक मौत लंग, स्टमक, लीवर, कोलेस्ट्रोल और ब्रेन कैंसर से होती है।
  • कैंसर से मरने वाले लोगों में महिलाओं का प्रतिशत पुरूषों से अधिक है।

आपको पता होना चाहिए कि भारत में 30 लाख से भी अधिक लोग कैंसर से पीडि़त हैं। इतना ही नहीं भारत में दुनिया में 15 लाख महिलाओं की मृत्यु नशीले पदार्थों के सेवन से होती है।
आप यदि कैंसर से बचना चाहते हैं तो आपको अपनी जीवनशैली नियंत्रित करनी होगी। इतना ही नहीं आपको अपने खानपान पर विशेष ध्यान होगा। कैंसर के शुरुआती लक्षणों को देखे और डॉक्टर से सलाह लें |

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