आकर्षण और प्यार में अंतर – Difference Between Love And Attraction In Hindi

आकर्षण और प्यार में अंतर - Difference Between Love And Attraction In Hindi
Written by Daivansh

Difference between like and love in Hindi language यदि आप रिलेशनशिप में हैं तो प्रेम और आकर्षण के बीच अंतर समझना सबसे ज्यादा जरूरी हो जाता है जानें प्यार और अट्रैक्शन में अंतर के बारे में। माना जाता है कि समय के साथ प्यार की परिभाषा भी बदल गयी है। पहले के समय में जिस तरीके से प्यार किया जाता था, आज उसका आधा हिस्सा भी शेष नहीं बचा है। सोशल नेटवर्किंग साइट्स और संपर्क के बढ़ते अन्य साधनों से व्यक्ति में धैर्य की कमी हो गयी है और आज के समय में उसे कोई अच्छा लगता है तो वह महज कुछ ही दिनों में अपनी सारी सीमाएं तोड़कर आगे बढ़ जाना चाहता है। शायद यही कारण है कि आजकल के प्यार में पहले जैसी बात नहीं रह गयी है।

आज के समय में प्यार की शुरूआत (love making)  करने से पहले ही यह मालूम चल जाता है कि प्यार कितने दिनों तक चलने वाला है। अगर ऐसे प्यार को प्यार की बजाय अट्रैक्शन बोला जाये तो यह ज्यादा उचित होगा। इसलिए आपको पहले समझना पड़ेगा कि आपको किसी व्यक्ति से प्यार है या फिर आकर्षण।

यदि आप प्यार और आकर्षण के बीच अंतर (Difference Between Love And Attraction In Hindi) को नहीं समझ पा रहे हैं तो इस आर्टिकल में हम आपको आकर्षण और प्यार में अंतर बताने जा रहे हैं।

  1. आकर्षण किसी से भी हो सकता है, प्यार नहीं – attraction kisi se bhi ho sakta hai,pyar nhi in hindi
  2. प्रेम और आकर्षण के बीच अंतर आकर्षण में व्यक्ति कंट्रोल नहीं कर पाता, प्यार इंतजार का नाम है – aakarshan mein control nhi hota, pyar intezar hai in hindi
  3. आकर्षण में बेवजह तारीफें की जाती हैं, प्यार में नहीं attraction mein tarif hoti hai,pyar mein nhi in hindi
  4. प्रेम और आकर्षण के बीच अंतर आकर्षण में उपहार का महत्व है, प्यार एक भावना है atrraction mein gift important hai,pyar feeling hai in hindi
  5. आकर्षण एक समय बाद खत्म हो जाता है और प्यार बढ़ता है aakarshan khatm ho jata hai,pyar nhi in hindi
  6. प्यार में जलन की भावना होती है, आकर्षण में नहीं – pyar mein jalan bhi hoti hai,aakarshan mein nhi in hindi
  7. आकर्षण में व्यक्ति अपनी खुशी देखता है और प्यार में पार्टनर की – attraction mein apni khushi important hoti hai,pyar mein partner ki in hindi
  8. प्रेम और आकर्षण के बीच अंतर आकर्षण पाने और प्यार त्याग का नाम है – aakarshan pane ka naam hai,pyar tyagne ka in hindi

आकर्षण किसी से भी हो सकता है, प्यार नहीं – attraction kisi se bhi ho sakta hai,pyar nhi in hindi

आकर्षण किसी से भी हो सकता है, प्यार नहीं - attraction kisi se bhi ho sakta hai,pyar nhi in hindi

प्यार और आकर्षण के बीच यह मुख्य अंतर होता है जब हम किसी व्यक्ति की तरफ आकर्षित होते हैं तो वह व्यक्ति हमारे लिए तभी तक महत्वपूर्ण होता है जबतक कि उसके जैसा कोई दूसरा व्यक्ति हमारे जीवन में नहीं आ जाता है। कई बार किसी व्यक्ति से मेलजोल (closeness) बढ़ाना महज एक सोशल स्टेटस भी होता है। लेकिन एक निश्चित समय के बाद उस व्यक्ति में से भी आपकी रूचि घटने लगती है। वास्तव में आकर्षण में यह प्रक्रिया (continuous process) ऐसे ही चलती रहती है और आपके जीवन में हमेशा कोई न कोई नया व्यक्ति आता रहता है। लेकिन जब आप किसी के प्यार में होते हैं तो आप उसे पाना (vanquish) चाहते हैं, जबरदस्ती नहीं बल्कि खुशी से।

उसे पाने में सिर्फ आपकी ही खुशी नहीं होती है, बल्कि आप दोनों की खुशी होती है। आप दोनों एक दूसरे के जीवन का हिस्सा (part of life) होते हैं, और उसके अलावा किसी और के बारे में सोचते भी नहीं हैं, यही प्यार है।

(और पढ़े – प्यार और दोस्ती में क्या फर्क होता है…)

आकर्षण में व्यक्ति कंट्रोल नहीं कर पाता, प्यार इंतजार का नाम है – aakarshan mein control nhi hota, pyar intezar hai in hindi

आकर्षण में व्यक्ति कंट्रोल नहीं कर पाता, प्यार इंतजार का नाम है - aakarshan mein control nhi hota, pyar intezar hai in hindi

माना जाता है कि जब कोई व्यक्ति किसी की ओर आकर्षित होता है तो वह धैर्य  (patience) नहीं रख पाता है और सबकुछ बहुत जल्दी पा लेना चाहता है। इससे आकर्षण और प्यार में अंतर पहचाना जा सकता है यही कारण है कि महज आकर्षण के आधार पर बने रिश्ते आजकल लंबे समय तक टिक नहीं पाते हैं। आकर्षण आमतौर पर व्यक्ति की पोशाक, पर्सनालिटी, पैसा और रुतबा देखकर होता है। जिंदगी में अच्छी तरह से सेटल (settle) व्यक्ति की ओर अधिकतर लोग आकर्षित होते हैं। जबकि प्यार पनपने और आगे बढ़ने में एक लंबा समय लगता है। इसमें व्यक्ति एक दूसरे की हैसियत (richness) को नहीं देखता या फिर कोई भी ऐसी चीज नहीं देखता है जो प्यार के बीच में आती हो।

(और पढ़े – परफेक्ट रिलेशनशिप के 8 सीक्रेट…)

आकर्षण में बेवजह तारीफें की जाती हैं, प्यार में नहीं – attraction mein tarif hoti hai,pyar mein nhi in hindi

आकर्षण में बेवजह तारीफें की जाती हैं, प्यार में नहीं attraction mein tarif hoti hai,pyar mein nhi in hindi

प्यार और अट्रैक्शन में अंतर जानने का यह खास तरीका माना जाता है अगर कोई व्यक्ति बेवजह आपकी तारीफों के पुल बांधता है, हमेशा आपकी आंखों, आपकी मुस्कुराहट, आपके उठने बैठने के तौर तरीकों और आपके चाल ढाल और व्यक्तित्व की तारीफ करता है तो यह प्यार नहीं बल्कि आकर्षण है। वास्तव में आकर्षण होने पर व्यक्ति बड़े बड़े बोल  (hyperbole) बोलकर रिझाने की कोशिश करता है। जबकि प्यार होने पर व्यक्ति हर सुख दुख में आपके साथ खड़ा रहेगा और कभी भी आपका हाथ नहीं छोड़ेगा। वह कभी आपकी तारीफ में कसीदे नहीं पढ़ेगा बल्कि वह आप को कठिन से कठिन परिस्थितयों में खुद को संभालने और जीने की हिम्मत देगा।

(और पढ़े – लड़की के साथ दोस्ती कैसे करें…)

आकर्षण में उपहार का महत्व है, प्यार एक भावना है – attraction mein gift important hai,pyar feeling hai in hindi

आकर्षण में उपहार का महत्व है, प्यार एक भावना है atrraction mein gift important hai,pyar feeling hai in hindi

जब हम किसी की तरफ आकर्षित होते हैं तो उसे महंगे उपहार (expensive gift) और गिफ्ट देकर खुश करने की कोशिश करते हैं और बदले में अपने लिए भी यही चाहते हैं। जो की आकर्षण और प्यार में अंतर दिखाता है अगर वह व्यक्ति आपको कुछ नहीं देता तो आप उससे असंतुष्ट (unsatisfied) रहने लगता हैं और कई लोगों से उसकी शिकायत करते हुए उसे स्वार्थी घोषित कर देते हैं। हालांकि, जब आप किसी से सच्चा प्यार करते हैं, तो आप बदले में कुछ भी नहीं चाहते और उस व्यक्ति का प्यार ही आपके लिए सबकुछ होता है। आप हमेशा अपने साथी को खुश करने पर ध्यान देते हैं ना कि इस बात पर कि उसने आपको क्या दिया और आपने उसे क्या दिया।

(और पढ़े – रिलेशनशिप कि वह बातें जो आपको अपने दोस्तों से भी नहीं बोलना चाहिए…)

आकर्षण एक समय बाद खत्म हो जाता है और प्यार बढ़ता है – aakarshan khatm ho jata hai,pyar nhi in hindi

आकर्षण एक समय बाद खत्म हो जाता है और प्यार बढ़ता है aakarshan khatm ho jata hai,pyar nhi in hindi

प्यार और अट्रैक्शन में यह मुख्य अंतर माना जाता है। कहा जाता है कि आकर्षण की कोई वास्तविक अवधि (real time) नहीं होती है। आकर्षण प्रेम से बहुत अलग होता है और आज एक व्यक्ति से तो कल दूसरे व्यक्ति के प्रति आकर्षण हो सकता है। आप किसी की कलाई में सुंदर घड़ी (attractive wrist watch) देखकर, किसी के परफ्यूम से, किसी के आंखों के काजल से आकर्षित हो सकता है। यह आकर्षण महज कुछ ही समय तक रहता है और फिर खत्म हो जाता है। लेकिन प्यार कभी मरता नहीं है और ना ही किसी निश्चित अवधि में गायब होता है। समय के साथ प्यार परवान (extreme) चढ़ता है जबकि आकर्षण खत्म होता जाता है।

(और पढ़े – मर्दों की इन खूबियों पर मर मिटती हैं महिलाएं…)

प्यार में जलन की भावना होती है, आकर्षण में नहीं – pyar mein jalan bhi hoti hai,aakarshan mein nhi in hindi

प्यार में जलन की भावना होती है, आकर्षण में नहीं - pyar mein jalan bhi hoti hai,aakarshan mein nhi in hindi

प्यार कई चीजों में बहुत अद्भुत (amazing) है और यह आपको एक बेहतर इंसान बना सकता है। लेकिन एक और सच्चाई यह है कि प्रेम की निकटतम भावना घृणा भी है। कहने का अर्थ यह है कि अगर आप किसी से बेहद प्यार करते हैं लेकिन बीच में ही किसी गलतफहमी (misunderstanding) की वजह से आप दोनों का ब्रेकअप हो जाए तो इसके बाद अगर आपका पार्टनर किसी दूसरे (other partner) लड़के या लड़की के साथ घूमता है तो यह देखकर आपकी नफरत होगी और आप अंदर ही अंदर जलेंगे। लेकिन आकर्षण में ऐसा कुछ भी नहीं होता है। अगर किसी व्यक्ति के प्रति आपका अट्रैक्शन खत्म हो जाए तो फिर दोनों अपनी जिंदगी में व्यस्त हो जाते हैं और फिर वहां जलन या घृणा जैसी कोई चीज नहीं होती है।

(और पढ़े – आखिर क्यों मिलता है प्यार में धोखा, प्यार में धोखा खाने के बाद क्या करे…)

आकर्षण में व्यक्ति अपनी खुशी देखता है और प्यार में पार्टनर की – attraction mein apni khushi important hoti hai,pyar mein partner ki in hindi

आकर्षण में व्यक्ति अपनी खुशी देखता है और प्यार में पार्टनर की - attraction mein apni khushi important hoti hai,pyar mein partner ki in hindi

खुशी देखना आकर्षण और प्रेम का अंतर है जब आप किसी से सच्चा प्यार (true love) करते हैं तो आपके जीवन में उसकी पहली प्राथमिकता होती है और आपको अपनी जरूरतें पूरी कहने से कहीं ज्यादा जरूरी अपने पार्टनर की जरूरतें पूरी करने की आवश्यकता होती है। प्यार में व्यक्ति कभी स्वार्थी नहीं होता और वह अपने पार्टनर की खुशी के लिए सबकुछ करता है। जबकि आकर्षण होने पर व्यक्ति आपका साथ तभी देगा जब उसके पास समय होगा। वह आपके लिए जो कुछ भी करेगा, अपने मन के अनुसार ना की आपकी परिस्थिति और जरूरत के अनुसार।

(और पढ़े – पार्टनर गर्लफ्रेंड या पत्नी के साथ आपका स्वभाव बताएगा आपका रिलेशनशिप स्टेटस्…)

आकर्षण पाने और प्यार त्याग का नाम है – aakarshan pane ka naam hai, pyar tyagne ka in hindi

आकर्षण पाने और प्यार त्याग का नाम है - aakarshan pane ka naam hai,pyar tyagne ka in hindi

प्यार के विपरीत आकर्षण या अट्रैक्शन बहुत खतरनाक (dangerous) होता है। जब आप किसी की ओर आकर्षित होते हैं तो आपके जीवन का सिर्फ एक ही मकसद यानि उस व्यक्ति को किसी तरह से हासिल करना होता है। कॉलेज जाने वाले लड़के आकर्षण के कारण ही कई बार लड़कियों को हानि पहुंचाने की कोशिश करते हैं और लड़की के मना करने पर डराते धमकाते (torcher) हैं। लेकिन जब आप प्यार में होते हैं तो किसी के साथ जबरदस्ती करने के बारे में नहीं सोचते हैं। यहां प्यार का मतलब पाने से बढ़कर बहुत कुछ होता है। आप जिससे प्यार करते हैं उसपर कभी दबाव (pressure) नहीं बनाते है और उसे खोकर भी आप पा ही लेते हैं।

(और पढ़े – रिलेशनशिप टिप्स यह 5 चीज करने से आपके पार्टनर आपसे नहीं जाएंगे दूर…)

इसी तरह की अन्य जानकरी हिन्दी में पढ़ने के लिए हमारे एंड्रॉएड ऐप को डाउनलोड करने के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं। और आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं।

Leave a Reply to Payal X

1 Comment

Subscribe for daily wellness inspiration